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मैं डर गया था कि कहीं पापा मुझे भी न मार दें

Mon, 04 May 2020 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2020 10:57 PM IST
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I was afraid that my father might not even kill me
12- सरपतहा थाना क्षेत्र के भटौली गांव निवासी दीपक व मृतका नेहा के बेटे युग की फोटो। - फोटो : JAUNPUR
- दीपक की प्रताड़ना से छोड़ चुकी थी पहली पत्नी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सुईथाकला। आंखों के सामने पिता के हाथों मां की मौत का मंजर देखने वाले मासूम के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था। उसे घर में न पाकर जब पास-पड़ोस के लोग और पुलिस उसे तलाशने लगे, तब भी वह काफी देर तक झाड़ियों में ही छिपा रहा। किसी तरह उस तक पहुंची पुलिस ने जब उसे झाड़ियों से बाहर निकाला तो वह भय से कांप रहा था। इस वक्त उसे सहारा देने वाली न मां के ममता की छांव थी और न पिता का सहारा।
किसी तरह पुलिस ने पड़ोसियों की मदद से उसे संभाला। पूछताछ की तो उसका कहना था कि पापा बहुत गुस्से में थे। उन्होंने मम्मी से खूब झगड़ा किया और फिर अपने कमर से बंदूक निकालकर उन्हें गोली मार दी। मैं भागकर झाड़ियों में छिप गया कि कहीं पापा मुझे भी न गोली मार दें। मासूम युग की यह बातें सुन हर कोई सहम गया। लोगों के मन में दीपक के प्रति गुस्सा था तो बच्चे की हालत पर तरस भी आ रहा था। घंटों तक पुलिस उसे अपने साथ ही लिए रही, जिससे उसे सुरक्षा का भरोसा हो सके। दोपहर में उसे नाना हरिश्चंद्र सिंह को सौंपा गया। ग्रामीणों के मुताबिक माता-पिता का इकलौता पुत्र दीपक सिंह मनबढ़ किस्म का है। नेहा से पहले भी उसकी एक पत्नी थी। आए दिन नशे में धुत होकर वह पत्नी की पिटाई करता रहता था। इससे क्षुब्ध होकर शादी के कुछ महीने बाद ही पत्नी ने उसे छोड़ दिया। इसके बाद नेहा से उसकी शादी हुई। नेहा को भी हमेशा मारता-पीटता रहता था।
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सील थी दुकानें तो कहां मिली दीपक को शराब
सुईथाकला। पत्नी की हत्या करने वाला दीपक सिंह घटना के वक्त नशे में था। उसके मुंह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। अब सवाल है कि लॉक डाउन के कारण प्रशासन ने शराब की दुकानों को बंद करा दिया है। चोरी-छिपे बिक्री न हो, इसके लिए दुकानों को सील कराते हुए उनके स्टॉक का ब्योरा भी रख लिया था। अगर दुकानें बंद थीं तो दीपक को शराब कहां से मिली। शराब के कारण हत्या का यह पहला मामला नहीं है। इसके पहले सरायमोहद्दीनपुर चौकी के पास हुई हत्या के पीछे भी शराब बिक्री मुख्य वजह बनी थी। यह घटनाएं शराब की अवैध बिक्री की ओर इशारा कर रही हैं, जिसमें स्थानीय पुलिस पर संलिप्तता के आरोप लगातार लगते रहे हैं।
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