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काबुल से लौटा पति, पुरानी बातें याद कर भावुक हुई पत्नी

Wed, 18 Aug 2021 11:35 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 11:35 PM IST
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Husband returned from Kabul, wife became emotional after remembering old things
काबुल के भारतीय दूतावास में फंसे आईटीबीपी एसआई आशीष सिंह के स्वदेश लौटने से परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है। परिवार वाले और परिचित आशीष के सिकरारा थाना क्षेत्र के बिसावां और नईगंज स्थित आवास पर पहुंचकर वहां की जानकारी लेते देखे गए। दूसरी ओर उनकी पत्नी रीतु पति की काबुल में फंसने की बातें याद कर बेहद भावुक हो जाती है।
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आशीष कुमार की शादी 2003 में रीतु सिंह के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे उत्कर्ष (16), पार्थ (3) और बेटी शानवी (2) हैं। रीतु पति के काबुल में फंसने की घटना बताते-बताते भावुक हो जाती है। उन्होेंने बताया कि आशीष से उनकी 15 अगस्त को वीडियो कॉल से बात हुई थी। वहां के हालात जानने के बाद से पूरा परिवार डरा हुआ था। मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था। मन में बार-बार यही ख्याल आ रहा था कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो बच्चों का क्या होगा। लेकिन, मैं भारत सरकार का बहुत शुक्रगुजार हूं, जिसने मेरा सबकुछ बचा लिया।
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वहीं आशीष के चचेरे भाई व प्राथमिक विद्यालय रइयां में शिक्षक राजकुमार सिंह बताते हैं कि आशीष की ड्यूटी इसी साल 22 फरवरी को काबुल स्थित भारतीय दूतावास में राजनयिक व कर्मचारियों की सुरक्षा में लगी थी। लेकिन 15 अगस्त को परिवार को अफगानिस्तान में तालिबानियों के कब्जे की खबर मिली तो वे भयभीत हो गए। मैंने उन्हें सुबह 10 बजे के करीब फोन किया था, तब उन्होंने बताया कि मोदी जी सब ठीक कर लेंगे, कोई परेशानी नहीं। लेकिन डेढ़ घंटे बाद उन्होंने फिर फोन किया तो आशीष नर्वस नजर आए और बोले अब यहां की स्थिति बिगड़ रही है। हालांकि शाम तक भारत से दूतावास में फंसे लोगों को लाने के लिए विशेष विमान का प्रबंध किया गया। लेकिन, काबुल हवाई अड्डे पर अत्यधिक भीड़ होने के कारण कोई निकल नहीं पाया। अगले दिन 16 अगस्त को अमेरिका ने काबुल हवाई अड्डे को अपने कब्जे में ले लिया। इसके चलते उड़ाने रद्द हो गई। इसके चलते वह पूरी तरह से नर्वस हो गए। मगर, रात में भारत का विशेष विमान वहां पहुंच गया और वे विमान तक पहुंचे।17 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे जाम नगर गुजरात विशेष विमान से लौटे। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने उतरते ही किसी के मोबाइल नंबर से वीडियो कॉल करके उन्होंने भारत माता की जयकारे लगाते हुए कहा कि बजरंग बली की कृपा और मोदी जी के प्रयास से मैं भारत आ गया हूं। वहां जाने के बाद मुझे और पता चल गया कि मेरा भारत क्यों सबसे अच्छा है। हालांकि शाम को ही सवा पांच बजे हिडन एयरवेज गाजियाबाद स्थित कैंप में भेज दिए गए। परिवार के लोगों के मुताबिक यदि सबकुछ ठीकठाक रहा तो क्वारंटाइन अवधि पूरी करने के बाद वह घर भी आएंगे, जिसका पूरे परिवार को बेसब्री से इंतजार है।
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