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होलिका जली, रंगोत्सव शुरू
jaunpur
Updated Sun, 12 Mar 2017 08:45 PM IST
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शहर में रविवार की रात पूजा अर्चना के बाद धू-धू कर जलती होलिका
- फोटो : jounpur
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जिले में शहर और ग्रामीण इलाकों में ढोल नगाड़ों के बीच परंपरागत रूप से रविवार की रात होलिका दहन किया गया। होली गीतों और जोगीरा सररर के बीच लोगों ने होलिका में पूजन अर्चन के बाद आग लगाई तो हालिका धू-धू कर जल उठी। देर रात तक सड़कों पर लोग ढोल मजीरों की थाप पर फाग गाते हुए हालिका दहन का आनंद लेते रहे।
शहर के ओलंदगंज, चहारसू, कोतवाली, उर्दू बाजार, शकर मंडी, जोगियापुर, लाइन बाजार और कुत्तुबपुर सहित अन्य स्थानों पर लोगों ने होली गीत गाते हुए जुलूस निकाला। होलिका के पास पूजन अर्चन किया गया और फिर उसमें आग लगा दी गई। काफी संख्या में लोगों ने होलिका दहन का आनंद लिया। इस दौरान फाग और होली के गीतों से माहौल पूरी तरह होलियाना हो गया। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी देर रात होलिका दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने जयकारा लगाया और होली के गीत गाए। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की व्यापक व्यवस्था रही।
मान्यता है कि होलिका प्रह्लाद को जलाने के लिए अपने साथ उसे लेकर चिता पर बैठी थी। हालांकि प्रह्लाद को तो कुछ नहीं हुआ लेकिन होलिका आग में भस्म हो गई। जानकारों की माने तो इस दिन को नये सत्र के परिवेश के साथ देखा जाता है। शहर व ग्रामीण इलाकों में होलिका का स्वरुप बनाने के लिए टीम बनाकर युवा लकड़ी व झाड़ फूस इकट्ठा करते हैं। साथ ही चंदा मांगकर होलिका दहन करते हैं।
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खुटहन ः थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक में होली सौहार्दपूर्वक मनाने पर बल दिया गया। एसओ ने कहा कि जबरदस्ती किसी को रंग गुलाल न लगाएं। शान्ति भंग का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शहर के ओलंदगंज, चहारसू, कोतवाली, उर्दू बाजार, शकर मंडी, जोगियापुर, लाइन बाजार और कुत्तुबपुर सहित अन्य स्थानों पर लोगों ने होली गीत गाते हुए जुलूस निकाला। होलिका के पास पूजन अर्चन किया गया और फिर उसमें आग लगा दी गई। काफी संख्या में लोगों ने होलिका दहन का आनंद लिया। इस दौरान फाग और होली के गीतों से माहौल पूरी तरह होलियाना हो गया। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी देर रात होलिका दहन किया गया। इस दौरान लोगों ने जयकारा लगाया और होली के गीत गाए। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस की व्यापक व्यवस्था रही।
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मान्यता है कि होलिका प्रह्लाद को जलाने के लिए अपने साथ उसे लेकर चिता पर बैठी थी। हालांकि प्रह्लाद को तो कुछ नहीं हुआ लेकिन होलिका आग में भस्म हो गई। जानकारों की माने तो इस दिन को नये सत्र के परिवेश के साथ देखा जाता है। शहर व ग्रामीण इलाकों में होलिका का स्वरुप बनाने के लिए टीम बनाकर युवा लकड़ी व झाड़ फूस इकट्ठा करते हैं। साथ ही चंदा मांगकर होलिका दहन करते हैं।
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खुटहन ः थाना परिसर में पीस कमेटी की बैठक में होली सौहार्दपूर्वक मनाने पर बल दिया गया। एसओ ने कहा कि जबरदस्ती किसी को रंग गुलाल न लगाएं। शान्ति भंग का प्रयास करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।