Haj Yatra 2023: इस बार का लक्ष्य 410 हज यात्री, लेकिन जा रहे हैं सिर्फ 163, सामने आई चौंकाने वाली वजह!
हज यात्री पांच जून से 13 जून के लिए वाराणसी व लखनऊ एयरपोर्ट से मक्का - मदीना के लिए जाएंगे। इसके लिए चयनित यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर अन्य जांच पूरी कर ली गई है। बता दें कि हज यात्रा के लिए 20 मार्च तक आवेदन लिए गए, जिसमें जिले से कुल 168 आवेदन आए थे। इसमें आवेदन के समय प्रथम किश्त जमा करने वालों का चयन कर लिया जाता है।
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हज यात्रा के लिए शासन स्तर से आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष आधे से भी कम जायरीन इस बार यात्रा पर जा रहे हैं। इस बार 410 के लक्ष्य पर केवल 163 यात्री ही जाएंगे। जिसकी वजह हज यात्रा के खर्च महंगा हो सकता है। पिछले तीन सालों में इस यात्रा का खर्च पौने तीन लाख से बढ़कर पौने चार लाख से अधिक हो गया है। यात्रा के लिए सारी तैयारी पूरी कर ली गई है।
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हज यात्री पांच जून से 13 जून के लिए वाराणसी व लखनऊ एयरपोर्ट से मक्का - मदीना के लिए जाएंगे। इसके लिए चयनित यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर अन्य जांच पूरी कर ली गई है। बता दें कि हज यात्रा के लिए 20 मार्च तक आवेदन लिए गए, जिसमें जिले से कुल 168 आवेदन आए थे। इसमें आवेदन के समय प्रथम किश्त जमा करने वालों का चयन कर लिया जाता है। इसमें 163 ने ही धनराशि जमा की है हालांकि 2लक्ष्य के सापेक्ष कम आवेदन आने पर लाटरी की नौबत नहीं आई और आवेदन करके किश्त जमा करने वाले सभी का चयन कर लिया गया। 163 हज यात्रियों में 74 महिला व 89 पुरुष हैं।
पहले वर्ष 2019 में जहां पौने तीन लाख रुपये तो पिछले साल वर्ष 2022 में 3.15 लाख रुपये यात्रा का खर्च था, अब बढ़कर तीन लाख 77 हजार 847 रुपये हो गया है। इसमें प्रथम किश्त 81 हजार 800 रुपये, द्वितीय किश्त 70 हजार रुपये व तृतीय किश्त एक लाख 26 हजार 847 रुपये रखी गई है। इसके अलावा कुर्बानी खर्च 16 हजार 344 है। हर बार यात्रियों को यात्रा के दौरान एयरपोर्ट पर 2100 रियाल भी दिए जाते थे जो भारतीय मुद्रा के हिसाब से करीब 48 हजार 300 रुपये होते हैं, जो इसबार नहीं दिया जाएगा। यह हाल तब है जब इस बार 70 वर्ष से अधिक के उम्र वालों को भी यात्रा की अनुमति दी गई है। पिछले साल कोरोना के बाद हज यात्रा शुरू होने पर केवल 26 यात्रियों के हज यात्रा का लक्ष्य रखा गया था,जो पूरा हो गया था।
बता दें की हज कमेटी ऑफ इंडिया के जिला हज ट्रेनर, अयाज अहमद खान ने कहा है कि इस बार वर्ष 2023 में जिले में हज यात्रा के लिए 410 का कोटा था । जिसमें 168 ने आवेदन किया था और उनमें से 163 ने ही प्रथम किश्त जमा किया, जिसपर उन सभी का चयन किया गया है। यात्रियों की कमी के कारण हज यात्रा महंगी भी हो सकती है।