{"_id":"6769b282255e500c680f50a4","slug":"hafiz-degree-given-to-seven-students-jaunpur-news-c-193-1-svns1025-127052-2024-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: सात विद्यार्थियों को दी गई हाफिज की डिग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: सात विद्यार्थियों को दी गई हाफिज की डिग्री
विज्ञापन
शहर के तारापुर तकिया स्थित मदरसा जामिया तुश शैख असअद अल मदनी में दस्तारबंदी (दीक्षांत समारोह) का आयोजन हुआ। इस दौरान हाफिजे कुरान बने सात छात्रों को हाफिज की डिग्री दी गई। इससे पूर्व उन्हें हरी पकड़ी बांध कर दस्तारबंदी की रस्म अदा हुई।
दस्तारबंदी का आगाज मौलाना शारिब बनारसी की तिलावते कलामे पाक से हुआ। मदरसे में सात तलबा (छात्र) जो कुरान हिफ्ज (कंठस्थ्) कर हाफिज बने थे उनकी दस्तारबंदी कर हाफिज की डिग्री दी गई। मदरसा संचालक प्राचार्य मौलाना वसीम शेरवानी ने कहा कि आज लोग शिक्षा में बहुत आगे तो बढ़ गए हैं लेकिन उनके अंदर संस्कार नहीं है। समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की लिए शिक्षा के साथ साथ संस्कार भी जरूरी है। मुख्य अतिथि मौलाना अब्दुल राशिद ने तकरीर में कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वह पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद के बताए मार्ग पर ही चलें।
डिग्री लेने वाले बच्चों ने संकल्प लिया कि वह हाफिज के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस, मेडिकल, प्रशासनिक नौकरी में भी अपने भविष्य की तलाश के लिए आगे की शिक्षा जारी रखेंगे। मौलाना खालिद आजमी, मौलाना वसीम कासमी, मौलाना राशिद बखरावी, हाजी अशरफ शेरवानी, मुफ्ती वकार ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान अकील सिद्दीकी, शकील सिद्दीकी, महताब सिद्दीकी, बेलाल, रियाजुल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दस्तारबंदी का आगाज मौलाना शारिब बनारसी की तिलावते कलामे पाक से हुआ। मदरसे में सात तलबा (छात्र) जो कुरान हिफ्ज (कंठस्थ्) कर हाफिज बने थे उनकी दस्तारबंदी कर हाफिज की डिग्री दी गई। मदरसा संचालक प्राचार्य मौलाना वसीम शेरवानी ने कहा कि आज लोग शिक्षा में बहुत आगे तो बढ़ गए हैं लेकिन उनके अंदर संस्कार नहीं है। समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की लिए शिक्षा के साथ साथ संस्कार भी जरूरी है। मुख्य अतिथि मौलाना अब्दुल राशिद ने तकरीर में कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वह पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद के बताए मार्ग पर ही चलें।
विज्ञापन
डिग्री लेने वाले बच्चों ने संकल्प लिया कि वह हाफिज के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस, मेडिकल, प्रशासनिक नौकरी में भी अपने भविष्य की तलाश के लिए आगे की शिक्षा जारी रखेंगे। मौलाना खालिद आजमी, मौलाना वसीम कासमी, मौलाना राशिद बखरावी, हाजी अशरफ शेरवानी, मुफ्ती वकार ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान अकील सिद्दीकी, शकील सिद्दीकी, महताब सिद्दीकी, बेलाल, रियाजुल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन