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हड़ताल के लिए प्रदेश की सरकार जिम्मेदार
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 07 Aug 2016 01:30 AM IST
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सिंचाई विभाग परिसर में राज्यकर्मचारी संयुक्त परिषद की आम सभा को संबोधित करते प्रदेश अध्यक्ष हरिकिशोर तिवारी ।
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कर्मचारी मांगों पर लिखित समझौते के बाद भी शासनादेश निर्गत न करने के कारण उत्पन्न असंतोष व हड़ताल के लिए सीधे सरकार जिम्मेदार है। यह कहना हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर हरिकिशोर तिवारी का।
वह सिंचाई विभाग के प्रांगण में कर्मचारी जनजागरण के अंतर्गत आयोजित आम सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्य सचिव स्तर पर दिये गये समझौते की कार्यवृत्त दिखाते हुए कहा कि नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्ता की समानता प्रदान करने, 8,16 व 20 वर्ष की सेवा के आधार
पर तीन पदोन्नत पद का ग्रेड वेतन देने, उच्च न्यायालय से तयशुदा सफाई कर्मी, संग्रहअमीन, लिपिक सम्वर्ग व कैशलेश चिकित्सा सुविधा पर यथा आवश्यक आदेश तत्काल जारी करने की मांग की गई है। जिसको लेकर कर्मचारियों से तीन दिवसीय हड़ताल को जिले में सफल बनाने का संकल्प लिया। प्रान्तीय पदाधिकारी मनोज राय ने 27 सम्वर्गों की वेतन
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विसंगतियों पर शासन स्तर से सहमति व्यक्ति करने के बाद भी आदेश जारी न करने पर आक्त्रसेश व्यक्त किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदेश अध्यक्ष व अध्यक्ष गन्ना पर्यवेक्षक संघ का जनपद में आने पर समस्त कर्मचारियों की ओर से स्वागत किया।
साथ ही हड़ताल को शतप्रतिशत सफल बनाने का कर्मचारियों से सहमति लिया और सरकार की कर्मचारियों की मांगों पर समझौते के बाद भी शासनादेश जारी न किये जाने पर संघर्ष की स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री सीबी सिंह, परिषद के संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंजीनियर जीएन दूबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह, केडी यादव, कृपाशंकर, सरिता सिंह, श्यामनारायण मौर्य, सुरेश कुमार सिंह, सुरेश अस्थाना, अशोक कुमार, महेन्द्र यादव आदि रहे।
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वह सिंचाई विभाग के प्रांगण में कर्मचारी जनजागरण के अंतर्गत आयोजित आम सभा को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने मुख्य सचिव स्तर पर दिये गये समझौते की कार्यवृत्त दिखाते हुए कहा कि नई पेंशन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, केंद्रीय कर्मचारियों की भांति समस्त भत्ता की समानता प्रदान करने, 8,16 व 20 वर्ष की सेवा के आधार
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पर तीन पदोन्नत पद का ग्रेड वेतन देने, उच्च न्यायालय से तयशुदा सफाई कर्मी, संग्रहअमीन, लिपिक सम्वर्ग व कैशलेश चिकित्सा सुविधा पर यथा आवश्यक आदेश तत्काल जारी करने की मांग की गई है। जिसको लेकर कर्मचारियों से तीन दिवसीय हड़ताल को जिले में सफल बनाने का संकल्प लिया। प्रान्तीय पदाधिकारी मनोज राय ने 27 सम्वर्गों की वेतन
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विसंगतियों पर शासन स्तर से सहमति व्यक्ति करने के बाद भी आदेश जारी न करने पर आक्त्रसेश व्यक्त किया। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने प्रदेश अध्यक्ष व अध्यक्ष गन्ना पर्यवेक्षक संघ का जनपद में आने पर समस्त कर्मचारियों की ओर से स्वागत किया।
साथ ही हड़ताल को शतप्रतिशत सफल बनाने का कर्मचारियों से सहमति लिया और सरकार की कर्मचारियों की मांगों पर समझौते के बाद भी शासनादेश जारी न किये जाने पर संघर्ष की स्थिति के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
सभा में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला मंत्री सीबी सिंह, परिषद के संघर्ष समिति के अध्यक्ष इंजीनियर जीएन दूबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह, केडी यादव, कृपाशंकर, सरिता सिंह, श्यामनारायण मौर्य, सुरेश कुमार सिंह, सुरेश अस्थाना, अशोक कुमार, महेन्द्र यादव आदि रहे।