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शिक्षक हित के लिए सजग है सरकार
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 10 Jan 2015 11:41 PM IST
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प्रदेश के उद्यान मंत्री पारसनाथ यादव ने कहा कि सूबे की सपा सरकार शिक्षकों के हित के प्रति पूरी तरह सजग है। मंडलीय सम्मेलन के जरिए सरकार के सामने रखी गईं शिक्षकों की मांगाें को पूरा कराने का प्रयास करूंगा। वह शनिवार को टीडी कालेज परिसर में आयोजित माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय अधिवेशन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
शिक्षक को समाज का अगुवा बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शिक्षा की मजबूती के बिना देश की मजबूती की संकल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए शिक्षक कभी पीड़ित नहीं होना चाहिए। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य चेत नारायण सिंह ने कहा कि 1993 से किसी भी सरकार ने तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए कोई राजाज्ञा जारी नहीं की है।
जबकि 22 साल से शिक्षक सभी सरकारी सुविधाओं को प्राप्त करते हुए तदर्थ बने हुए हैं। शिक्षक नेता ने सीटी ग्रेड सांविलियन, पेंशन बहाली जैसी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। संगठन के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश के शिक्षकों को मौजूदा सरकार से बहुत उम्मीदें हैं।
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कहा कि शिक्षकों के हितैषी के रूप में जानी जाने वाली यह सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी तो उसमें शिक्षकों का भरोसा और बढ़ेगा। संयोजक डा. राकेश सिंह और सहसंयोजक डा. प्रमोद श्रीवास्तव ने सम्मेलन में आए हुए शिक्षक प्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह और मंत्री सुधाकर सिंह, ज्वाला प्रसाद राय, रामानुज सिंह, केपी सिंह, डा. महेंद्र नाथ राय आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। सम्मेलन में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर के अध्यक्ष, मंत्री एवं बड़ी संख्या में कार्यकारिणी के अन्य सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन संगठन के मंडलीय अध्यक्ष संत सेवक सिंह ने किया।
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शिक्षक को समाज का अगुवा बताते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि शिक्षा की मजबूती के बिना देश की मजबूती की संकल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए शिक्षक कभी पीड़ित नहीं होना चाहिए। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य चेत नारायण सिंह ने कहा कि 1993 से किसी भी सरकार ने तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण के लिए कोई राजाज्ञा जारी नहीं की है।
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जबकि 22 साल से शिक्षक सभी सरकारी सुविधाओं को प्राप्त करते हुए तदर्थ बने हुए हैं। शिक्षक नेता ने सीटी ग्रेड सांविलियन, पेंशन बहाली जैसी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया। संगठन के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह ने कहा कि पूरे प्रदेश के शिक्षकों को मौजूदा सरकार से बहुत उम्मीदें हैं।
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कहा कि शिक्षकों के हितैषी के रूप में जानी जाने वाली यह सरकार उनकी समस्याओं का निदान करेगी तो उसमें शिक्षकों का भरोसा और बढ़ेगा। संयोजक डा. राकेश सिंह और सहसंयोजक डा. प्रमोद श्रीवास्तव ने सम्मेलन में आए हुए शिक्षक प्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट किया। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह और मंत्री सुधाकर सिंह, ज्वाला प्रसाद राय, रामानुज सिंह, केपी सिंह, डा. महेंद्र नाथ राय आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
इससे पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि ने सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की। सम्मेलन में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर के अध्यक्ष, मंत्री एवं बड़ी संख्या में कार्यकारिणी के अन्य सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन संगठन के मंडलीय अध्यक्ष संत सेवक सिंह ने किया।