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जौनपुर जिला अस्पताल में 4 मरीजों की मौत: लखनऊ तक पहुंचा मामला, डिप्टी सीएम और डीजी हेल्थ को सीएमओ ने भेजी रिपोर्ट

Thu, 14 Apr 2022 07:07 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 14 Apr 2022 07:07 PM IST
सार

जौनपुर जिला अस्पताल में बुधवार को एक के बाद एक चार मरीजों की मौत हो गई थी। उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह से तलब की थी।

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Four patients died in Jaunpur District Hospital Case reached Lucknow CMO sent report to Deputy CM Brijesh pathak and DG Health
जौनपुर जिला अस्पताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जौनपुर के शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल में बुधवार को दिनभर में एक के बाद एक चार मरीजों की मौत का मामला लखनऊ तक पहुंच गया। उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने पूरे प्रकरण की रिपोर्ट सीएमओ डा. लक्ष्मी सिंह से तलब की। गुरुवार को सीएमओ ने रिपोर्ट तैयार करके डिप्टी सीएम, डीजी हेल्थ और डीएम को प्रेषित की। जिसमें मौत का कारण ऑक्सीजन की कमी से नहीं होना बताया गया है।

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सोशल मीडिया पर बुधवार की रात करीब 11 बजे यह अफवाह फैल गई कि ऑक्सीजन की कमी से चार मरीजों की जिला अस्पताल में मौत हो गई। सीएमएस डा. अनिल कुमार शर्मा से सीएमओ और एडी हेल्थ ने पूरे प्रकरण की जानकारी हासिल की। सीएमएस ने बताया कि मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है।

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ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

चारों मरीजों के फेफड़े 95 फीसदी से ज्यादा खराब थे। जिससे उनकी हालत गंभीर होने पर ही उनको अस्पताल लाया गया था, यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सीएमओ ने बताया कि आक्सीजन की कमी से किसी मरीज की मौत नहीं हुई। जिला अस्पताल समेत जनपद में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। डिप्टी सीएम, डीजी हेल्थ और डीएम को इस संबंध में रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई है। 

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वहीं, मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर वीके सोनकर का कहना है कि जिन चार लोगों की मौत हुई है उसमें से कुछ लोग सीओपीडी सांस की बीमारी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज) और सीवीए (सेरेब्रल वैस्कुलर एक्सीडेंट) और ब्लड प्रेशर व शुगर के मरीज थे। मरने वालों को चिकित्सकों ने पहले ही हालत गंभीर बताते हुए दूसरे अस्पताल ले जाने के लिए रेफर कर दिया था।

इन लोगों की हुई मौत

  • मड़ियाहूं तहसील के ककराही निवासी कलावती (70) पत्नी चुन्नीलाल को खून की कमी थी। उल्टी हो रही थी। तबियत खराब होने पर 11 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 अप्रैल को सुबह रेफर कर दिया गया था, लेकिन उसी दिन सुबह 6:30 बजे उनकी मौत हो गई।

 

  • मड़ियाहूं तहसील के ककराही निवासी कलावती (70) पत्नी चुन्नीलाल को खून की कमी थी। उल्टी हो रही थी। तबियत खराब होने पर 11 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 13 अप्रैल को सुबह रेफर कर दिया गया था, लेकिन उसी दिन सुबह 6:30 बजे उनकी मौत हो गई।

 

  • डोभी ब्लाक के बिहद्दर निवासी फिरतूराम (65) को भी सांस लेने में परेशानी थी। उन्हें पल्मोनरी टीबी की शिकायत थी। उनका फेफड़ा काम नहीं कर रहा था। 13 अप्रैल को भोर में 5 बजे उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसी दिन सुबह 8 बजे राउंड के दौरान चिकित्सक ने उन्हें रेफर कर दिया था, लेकिन परिवार के लोग उन्हें नहीं ले गए। दोपहर 12.05 बजे उनकी मौत हो गई।

 

  • खुटहन के मेरहा निवासी इंद्रावती (65) पत्नी देवीलाल सांस (सीओपीडी) की मरीज थी। इन्हें सांस लेने में दिक्कत थी। ब्लड प्रेशर के साथ ही शुगर की परेशानी थी। 31 मार्च की रात उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 10 अप्रैल को ही रजिस्टर में उन्हें रेफर दिखाया गया है। उनकी मौत दोपहर 1.15 बजे हो गई।
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