{"_id":"b8428d3446c77864288992df82d6c8bf","slug":"found-seven-handicapped-certificate-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात को मिला विकलांग प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात को मिला विकलांग प्रमाणपत्र
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Wed, 18 Mar 2015 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलाधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता मेें मंगलवार को केराकत में आयोजित तहसील दिवस में सात विकलांगों को प्रमाणपत्र जारी किया गया। यहां आए कुल 223 शिकायती पत्रों में से 15 मामलों को मौके पर ही दूर किया गया।
बाकी मामलों को डीएम ने टीम बनाकर निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। तहसील दिवस में 13 लोगों ने विकलांग प्रमाणपत्र जारी करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश कुमार यादव के निर्देशन में चिकित्सकों की टीम ने जांचकर सात को मौके पर ही विकलांग प्रमाणपत्र जारी कर दिया। बाकी छह लोगों को जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।
विज्ञापन
पिछले तहसील दिवस पर आए जिन शिकायती पत्रों का निस्तारण किया जा चुका था, उसकी क्रास चेकिंग के लिए डीएम ने 16 अधिकारियों की टीम गठित कर मौके पर भेजा। छह टीमों ने मौके पर अपनी जांच आख्या भी दे दी। सभी छह मामलों का निस्तारण वास्तव में कर दिया गया था।
जिलाधिकारी ने पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण के लिए टीम बनाकर कार्य कराया जाए। इसके लिए लेखपाल के साथ पंचायत सचिव को भी मौके पर भेजा जाय। विवादित चकरोड की नाप के बाद मनरेगा से उसका निर्माण करा दिया जाए।
डीएम ने निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की परख करने के बाद ही जिलास्तरीय अधिकारी अपनी संस्तुति रिपोर्ट दें। एसपी वीपी श्रीवास्तव ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें पुलिस की पूरी सुरक्षा मिलेगी। वे निर्भीक होकर निष्पक्ष कार्य करें। इस अवसर पर सीडीओ पीसी श्रीवास्तव, डीएफओ एकेसिंह, उप निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. आईए खान, उप जिलाधिकारी सुशील श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। शाहगंज: तहसील दिवस में 21 लोगों ने प्रार्थनापत्र दिया लेकिन मौके पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका। इस मौके पर एसडीएम नागेंद्र द्विवेदी, तहसीलदार कृष्ण सिंह, सीओ मयाराम वर्मा मौजूद थे। मड़ियाहूं : तहसील दिवस में आए कुल 58 प्रार्थनापत्रों में से दो का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। मछलीशहर में 96 में से सात मामलों का निस्तारण किया गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि वह ग्राम समाज की भूमि में ईंट भट्टा चला रहे हैं।
विज्ञापन
बाकी मामलों को डीएम ने टीम बनाकर निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। तहसील दिवस में 13 लोगों ने विकलांग प्रमाणपत्र जारी करने के लिए प्रार्थनापत्र दिया।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. दिनेश कुमार यादव के निर्देशन में चिकित्सकों की टीम ने जांचकर सात को मौके पर ही विकलांग प्रमाणपत्र जारी कर दिया। बाकी छह लोगों को जांच के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया।
विज्ञापन
पिछले तहसील दिवस पर आए जिन शिकायती पत्रों का निस्तारण किया जा चुका था, उसकी क्रास चेकिंग के लिए डीएम ने 16 अधिकारियों की टीम गठित कर मौके पर भेजा। छह टीमों ने मौके पर अपनी जांच आख्या भी दे दी। सभी छह मामलों का निस्तारण वास्तव में कर दिया गया था।
जिलाधिकारी ने पुलिस एवं राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण के लिए टीम बनाकर कार्य कराया जाए। इसके लिए लेखपाल के साथ पंचायत सचिव को भी मौके पर भेजा जाय। विवादित चकरोड की नाप के बाद मनरेगा से उसका निर्माण करा दिया जाए।
डीएम ने निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की परख करने के बाद ही जिलास्तरीय अधिकारी अपनी संस्तुति रिपोर्ट दें। एसपी वीपी श्रीवास्तव ने अधिकारियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें पुलिस की पूरी सुरक्षा मिलेगी। वे निर्भीक होकर निष्पक्ष कार्य करें। इस अवसर पर सीडीओ पीसी श्रीवास्तव, डीएफओ एकेसिंह, उप निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा. आईए खान, उप जिलाधिकारी सुशील श्रीवास्तव, पुलिस क्षेत्राधिकारी एके सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। शाहगंज: तहसील दिवस में 21 लोगों ने प्रार्थनापत्र दिया लेकिन मौके पर एक भी मामले का निस्तारण नहीं किया जा सका। इस मौके पर एसडीएम नागेंद्र द्विवेदी, तहसीलदार कृष्ण सिंह, सीओ मयाराम वर्मा मौजूद थे। मड़ियाहूं : तहसील दिवस में आए कुल 58 प्रार्थनापत्रों में से दो का निस्तारण मौके पर कर दिया गया। मछलीशहर में 96 में से सात मामलों का निस्तारण किया गया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि वह ग्राम समाज की भूमि में ईंट भट्टा चला रहे हैं।