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महिला सशक्तीकरण के लिए बनाई मानव शृंखला
अमर उजाला ब्यूरो , जौनपुर
Updated Sun, 08 Mar 2015 11:06 PM IST
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विश्व महिला दिवस पर तिलकधारी महिला महाविद्यालय के एनएसएस छात्रों ने मानव शृंखला बनाकर महिला सशक्तीकरण के प्रति लोगों को जागरूक किया। इस मौके पर डा. चंद्रलेखा सिंह ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को एकजुट होने की जरूरत है। अपने अधिकार को पाने के लिए उन्हें संघर्ष करना होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। अभिभावकों की नैतिक जिम्मेवारी है कि वह बेटियों को हरहाल में शिक्षित करें। पढ़ी लिखी और जागरूक बेटियां ही समाज को नई दिशा दे सकती हैं। परिवार को शिक्षित और संस्कारिक बनाने की जिम्मेदारी महिलाओं की होती है।
इसलिए उनका शिक्षित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व महिला दिवस पर महिलाओं को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर लड़ेंगी। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। प्राचार्य डा. प्रमिला पांडेय ने कहा कि छात्राओं को शिक्षित होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
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डा. राजश्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। डा. हसीन खान ने एनएसएस के महत्व पर प्रकाश डाला। संचालन डा. मधुलिका सिंह ने किया। शहर महिला कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को संगठन की शहर अध्यक्ष फरीदा बानो अंसारी के निवास पर महिला दिवस मनाया गया।
इसमें महिलाओं के अधिकारों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। शहर अध्यक्ष फरीदा बानो ने कहा कि एक ओर महिलाओं को बराबरी का हक मिला हुआ है।
बावजूद, इसके वर्तमान समय में महिलाओं के साथ अत्याचार और शोषण की घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया है, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने सरकार से इस पर कारगर कदम उठाने की मांग की। कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
यह तभी संभव है, जब महिलाएं घर की दहलीज से बाहर कदम रखेंगी। साथ ही समस्याओं और शोषण का डट कर मुकाबला करेंगी। कार्यक्रम में महासचिव चमेला देवी, रेशमा बानो, फातिमा बेगम, रेहाना, मंजू देवी आदि उपस्थित रहीं।
उधर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को दीवानी न्यायालय के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिला सशक्तिकरण, अधिकारों और महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने कहा कि आज के युग में नारी का स्थान सर्वोच्च है, जो संसार की ज्योति स्वरूप है। नारियों का सदैव सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव वंशबहादुर यादव ने किया। गोष्ठी में अपर जिला जज नसीर अहमद व वंशबहादुर यादव, अपर सीजेएम समरपाल सिंह सहित अधिवक्ता आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। अभिभावकों की नैतिक जिम्मेवारी है कि वह बेटियों को हरहाल में शिक्षित करें। पढ़ी लिखी और जागरूक बेटियां ही समाज को नई दिशा दे सकती हैं। परिवार को शिक्षित और संस्कारिक बनाने की जिम्मेदारी महिलाओं की होती है।
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इसलिए उनका शिक्षित होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि विश्व महिला दिवस पर महिलाओं को यह संकल्प लेना होगा कि वह अपने अधिकार के लिए एकजुट होकर लड़ेंगी। छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के जरिए सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। प्राचार्य डा. प्रमिला पांडेय ने कहा कि छात्राओं को शिक्षित होकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
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डा. राजश्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा हर हाल में होनी चाहिए। डा. हसीन खान ने एनएसएस के महत्व पर प्रकाश डाला। संचालन डा. मधुलिका सिंह ने किया। शहर महिला कांग्रेस कमेटी की ओर से रविवार को संगठन की शहर अध्यक्ष फरीदा बानो अंसारी के निवास पर महिला दिवस मनाया गया।
इसमें महिलाओं के अधिकारों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। शहर अध्यक्ष फरीदा बानो ने कहा कि एक ओर महिलाओं को बराबरी का हक मिला हुआ है।
बावजूद, इसके वर्तमान समय में महिलाओं के साथ अत्याचार और शोषण की घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया है, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने सरकार से इस पर कारगर कदम उठाने की मांग की। कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा।
यह तभी संभव है, जब महिलाएं घर की दहलीज से बाहर कदम रखेंगी। साथ ही समस्याओं और शोषण का डट कर मुकाबला करेंगी। कार्यक्रम में महासचिव चमेला देवी, रेशमा बानो, फातिमा बेगम, रेहाना, मंजू देवी आदि उपस्थित रहीं।
उधर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रभारी जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अध्यक्षता में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से रविवार को दीवानी न्यायालय के सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महिला सशक्तिकरण, अधिकारों और महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
प्रभारी जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव ने कहा कि आज के युग में नारी का स्थान सर्वोच्च है, जो संसार की ज्योति स्वरूप है। नारियों का सदैव सम्मान करना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के सचिव वंशबहादुर यादव ने किया। गोष्ठी में अपर जिला जज नसीर अहमद व वंशबहादुर यादव, अपर सीजेएम समरपाल सिंह सहित अधिवक्ता आदि उपस्थित रहे।