फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Fill petrol here, don't ask for air and water

यहां पेट्रोल भराइए, हवा और पानी न मांगिए

Sun, 20 Oct 2019 12:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
Fill petrol here, don't ask for air and water
जौनपुर। जिले में इंडियन आयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम के 140 पंप हैं। जबकि 150 नए पंप खुलने की प्रक्रिया में हैं। सेवा शर्तों को पूरा किए बिना ही ये पंप धड़ल्ले से चल रहे हैं। यहां न तो पीने के लिए पानी का इंतजाम है और न ही वाहनों में हवा भरने की व्यवस्था। गिने चुने पंपों को छोड़ दिया जाए तो अधिकतर पंपों पर शौचालयों में में या तो ताला बंद रहता है या तो इस्तेमाल के काबिल नहीं हैं।
विज्ञापन

नियम है कि पंपो पर सीसीटीवी कैमरा, तेल देने की इलेक्ट्रानिक मशीन, शौचालय, मुफ्त हवा, पीने योग्य पानी, अच्छी लाइटिंग और फस्र्ट एड बाक्स होना चाहिए। उपभोक्ताओं के लिए यह सब सेवाएं पंप संचालकों की सेवा शर्तों में शामिल होती हैं। इन सेवाओं को पूरा करने की शर्त पर ही उन्हें लाइसेंस दिया जाता है। लेकिन लाइसेंस मिलने के बाद पेट्रोल और डीजल की बिक्री से मोटी कमाई के आगे अधिकतर पंप संचालक सेवा शर्तों को नजर अंदाज कर दिया है। अधिकतर पंपो पर न तो स्वच्छ पीने का पानी का इंतजाम है और न ही हवा का इंतजाम रहता है। शौचालय है जरूर लेकिन उसमें या तो ताला बंद रहता है या गंदगी के चलते इस्तेमाल लायक नहीं हैं। नेटवर्क का बहाना बनाकर आटोमेशन से तेल नहीं दिया जाता। डीजल में 2.20 रुपये ओर पेट्रोल में 3.18 रुपया प्रति लीटर पंप संचालकों को कमीशन मिलता है। लेकिन कमीशन की शर्तों को पूरा नहीं करते। अमर उजाला ने शनिवार को शहर से लेकर गांव तक 50 पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं की पड़ताल की। पड़ताल में कई खामियां उजागर हुई। 50 में 46 पेट्रोल पंपों पर वाहनों में भरने के लिए हवा की सुविधा नहीं है। सीसीटीवी तो सभी पंपों पर लगे हैं। पंप संचालकों ने उसे खिाने से इनकार किया लेकिन दावा किया कि सभी सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में हैं। 32 पंपों पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। जहां वाटर कूलर लगे भी हैं केविन के पीछे ऐसे स्थान पर लगे हैं कि यात्रियों की वहां नजर ही नहीं पहुंचती। वह वाटर कूलर सिर्फ पंप कर्मचारियों के काम आता है। 27 पंपो पर शौंचालय में ताला बद मिला। जबकि 8 पंपों पर शौंचालय गंदगी से पटे मिले। दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता निलेश कुमार कहते हैं कि अधिकतर पंपों पर जरूरी सुविधाएं नहीं हैं। बदलापुर निवासी सर्वेश पांडेय का कहना है कि पेट्रोलियम कंपनियों का पंप संचालकों पर कोई अंकुश नहीं है। मुफ्त हवा की व्यवस्था के लिए जहां तहीं मशीने रखी गई हैं लेकिन वह काम नहीं करती। खेतासराय के अच्छेलाल का कहना है कि पंपों पर इतनी सुविधाएं उपभोक्ताओं को मुफ्त में मिलती हैं इसकी अधिकतर लोगों को जानकारी भी नहीं है।
विज्ञापन

पेट्रोल पंपों की हर तीसरे महीने आडिट की जाती है। आडिट में हर सुविधाओं की उपलब्धता पर नंबर दिए जाते हैं। जहां कमियां पाई जाती है उन्हें चेतावनी लेटर जारी किया जाता है। पेट्रोल पंपों पर निरंतर सुधार देखा जा रहा है। आने वाले समय में और भी सुधार होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

सौरभ कुमार
विक्रय अधिकारी इंडियन आयल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed