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व्रत रखा, की मंगलकामना
ब्यूरो,अमर उजाला/जौनपुर
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:43 AM IST
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पूजा करती महिलाएं।
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पुत्र के दीर्घायु के लिए महिलाओं ने व्रत रखकर जीवितपुत्रिका की पूजा की। सन्तान की दीर्घायु के लिए विधि विधान से हवन-पूजन किया।अश्विनी मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी को प्रदोष व्रत काल में 24 घंटे निर्जला व्रत रहकर पूजन किया।
क्षेत्र की महिलाओं ने चक्की में पीसे हुए गेहूं के आटे में गुड़ मिलाकर शुद्ध घी में पकवान बनाया था। पुत्र के नाम का एक बंधन अपने गले में धारण किया। मान्यता है कि जीवित्पुत्रिका व्रत यानि जीवित संतान के लिए रखा जाने वाला व्रत है। साथ ही जिनको संतान नहीं होती वह स्त्रियां भी पुत्र की कामना और सन्तान की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं। शहर समेत ग्रामीण इलाकों में भी पूजा को लेकर सुबह से दुकानों पर फल आदि की खरीदारी के लिए काफी भीड़ रही। जीवित्पुत्रिका व्रत कर महिलाओं ने पूजा पाठ किया ।
डीजे की धुन पर बच्चे भी थिरकते नजर आए। मछलीशहर, सिकरारा समेत जिले भर में पुत्रों की मंगल मय जीवन की कामना से जुड़ा जीवित पुत्रिका व्रत एवं पूजन पर्व बुधवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के पालिटेक्निक चौराहा, गोमती नदी के विसर्जन घाट, सूरज घाट, पर मेले लगा। सई नदी के अलावा गावों में स्थित तालाबों व् मंदिरों के समीप सायं 4 बजे से महिलाएं समूह में पहुँच कर जियुतिया माता का पूजन अर्चन कीं। यह क्रम देर रात तक चलता रहा ।कुछ नव जात बच्चों की माताओं ने बैण्ड बाजे व डी जे के साथ पहुंच कर गीत नृत्य में भी शामिल हुईं। शेरवा गांव स्थित हनुमान गढ़ी अजोशी महावीर धाम , कलवारी, सिकरारा, टिकरी, गोनापार, गुलजारगंज आदि जगहों से भी इस पर्व को मनाने की चर्चा रही। केराकत, शाहगंज, मड़ियाहूं, रामपुर, बदलापुर, जलालपुर में भी महिलाओं ने पूजन अर्चन किया।
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क्षेत्र की महिलाओं ने चक्की में पीसे हुए गेहूं के आटे में गुड़ मिलाकर शुद्ध घी में पकवान बनाया था। पुत्र के नाम का एक बंधन अपने गले में धारण किया। मान्यता है कि जीवित्पुत्रिका व्रत यानि जीवित संतान के लिए रखा जाने वाला व्रत है। साथ ही जिनको संतान नहीं होती वह स्त्रियां भी पुत्र की कामना और सन्तान की लंबी आयु के लिए यह व्रत रखती हैं। शहर समेत ग्रामीण इलाकों में भी पूजा को लेकर सुबह से दुकानों पर फल आदि की खरीदारी के लिए काफी भीड़ रही। जीवित्पुत्रिका व्रत कर महिलाओं ने पूजा पाठ किया ।
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डीजे की धुन पर बच्चे भी थिरकते नजर आए। मछलीशहर, सिकरारा समेत जिले भर में पुत्रों की मंगल मय जीवन की कामना से जुड़ा जीवित पुत्रिका व्रत एवं पूजन पर्व बुधवार को श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के पालिटेक्निक चौराहा, गोमती नदी के विसर्जन घाट, सूरज घाट, पर मेले लगा। सई नदी के अलावा गावों में स्थित तालाबों व् मंदिरों के समीप सायं 4 बजे से महिलाएं समूह में पहुँच कर जियुतिया माता का पूजन अर्चन कीं। यह क्रम देर रात तक चलता रहा ।कुछ नव जात बच्चों की माताओं ने बैण्ड बाजे व डी जे के साथ पहुंच कर गीत नृत्य में भी शामिल हुईं। शेरवा गांव स्थित हनुमान गढ़ी अजोशी महावीर धाम , कलवारी, सिकरारा, टिकरी, गोनापार, गुलजारगंज आदि जगहों से भी इस पर्व को मनाने की चर्चा रही। केराकत, शाहगंज, मड़ियाहूं, रामपुर, बदलापुर, जलालपुर में भी महिलाओं ने पूजन अर्चन किया।
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