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Jaunpur News: ग्राम पंचायत में घूम रही सोशल ऑडिट की फर्जी टीम, प्रधानों पर दबाव बनाकर ले रहे रुपये
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खेतासराय। शाहगंज सोंधी ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के नाम पर धनउगाही किए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। ग्राम प्रधानों का आरोप है कि कार से पहुंच रहे तीन अज्ञात युवक खुद को सरकारी ऑडिटर बताकर विकास कार्यों की फाइलें जांच रहे हैं और उनमें कमियां निकालकर धौंस जमाते हुए रुपयों की मांग कर रहे हैं।
नियमतः ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का समय-समय पर ऑडिट कराया जाता है। शाहगंज ब्लॉक की अधिकांश ग्राम पंचायतों की ऑडिट पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि 27 ग्राम पंचायतों की ऑडिट अभी शेष है। इसी बीच एक फर्जी टीम संबंधित ग्राम पंचायतों की सूची लेकर गांवों में धमक रही है और अभिलेखों की जांच के नाम पर वसूली कर रही है।
सोशल ऑडिट की फर्जी टीम सबसे पहले ग्राम पंचायत भरोठा पहुंची। आरोप है कि फर्जी टीम ने फाइलों में खामियां बताकर और उच्चाधिकारियों का डर दिखाकर ग्राम प्रधान अमरदेव गौतम से 25 हजार रुपये की मांग की। प्रधान ने बताया कि, दबाव बनाए जाने के बाद उन्होंने आखिरकार टीम को 10 हजार रुपये दे दिए। भरोठा के बाद टीम वसीरपुर पहुंची, जहां ग्राम प्रधान ज्ञानचंद्र सोनकर से ऑडिट के नाम पर दो हजार रुपये ऐंठ लिए गए। इसके बाद टीम ने अरंद ग्राम पंचायत में भी अभिलेखों की जांच की।
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खंड विकास अधिकारी पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में सोशल ऑडिट के लिए जिले से कोई नया आदेश या पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों और सचिवों को कड़े निर्देश दिए हैं कि किसी भी जांच या ऑडिट से पहले संबंधित अधिकारी का प्राधिकृत आदेश पत्र अवश्य देख लें। हालांकि, उन्होंने धनउगाही के आरोपों की आधिकारिक जानकारी होने से इनकार किया है।
अब्बोपुर में खुली पोल-जब टीम अब्बोपुर गांव पहुंची तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को उनकी कार्यशैली पर संदेह हुआ। पूछताछ और जांच-पड़ताल करने पर कथित ऑडिट टीम के पास कोई वैध आदेश या प्राधिकृत दस्तावेज नहीं मिला। पोल खुलती देख टीम के सदस्य मौके से खिसक गए। इस फर्जी ऑडिट की खबर फैलते ही अन्य गांवों में भी अफरा-तफरी मच गई।
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नियमतः ग्राम पंचायतों में कराए गए विकास कार्यों का समय-समय पर ऑडिट कराया जाता है। शाहगंज ब्लॉक की अधिकांश ग्राम पंचायतों की ऑडिट पहले ही पूरी हो चुकी है, जबकि 27 ग्राम पंचायतों की ऑडिट अभी शेष है। इसी बीच एक फर्जी टीम संबंधित ग्राम पंचायतों की सूची लेकर गांवों में धमक रही है और अभिलेखों की जांच के नाम पर वसूली कर रही है।
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सोशल ऑडिट की फर्जी टीम सबसे पहले ग्राम पंचायत भरोठा पहुंची। आरोप है कि फर्जी टीम ने फाइलों में खामियां बताकर और उच्चाधिकारियों का डर दिखाकर ग्राम प्रधान अमरदेव गौतम से 25 हजार रुपये की मांग की। प्रधान ने बताया कि, दबाव बनाए जाने के बाद उन्होंने आखिरकार टीम को 10 हजार रुपये दे दिए। भरोठा के बाद टीम वसीरपुर पहुंची, जहां ग्राम प्रधान ज्ञानचंद्र सोनकर से ऑडिट के नाम पर दो हजार रुपये ऐंठ लिए गए। इसके बाद टीम ने अरंद ग्राम पंचायत में भी अभिलेखों की जांच की।
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खंड विकास अधिकारी पीयूष त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में सोशल ऑडिट के लिए जिले से कोई नया आदेश या पत्र जारी नहीं किया गया है। उन्होंने सभी ग्राम प्रधानों और सचिवों को कड़े निर्देश दिए हैं कि किसी भी जांच या ऑडिट से पहले संबंधित अधिकारी का प्राधिकृत आदेश पत्र अवश्य देख लें। हालांकि, उन्होंने धनउगाही के आरोपों की आधिकारिक जानकारी होने से इनकार किया है।
अब्बोपुर में खुली पोल-जब टीम अब्बोपुर गांव पहुंची तो ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को उनकी कार्यशैली पर संदेह हुआ। पूछताछ और जांच-पड़ताल करने पर कथित ऑडिट टीम के पास कोई वैध आदेश या प्राधिकृत दस्तावेज नहीं मिला। पोल खुलती देख टीम के सदस्य मौके से खिसक गए। इस फर्जी ऑडिट की खबर फैलते ही अन्य गांवों में भी अफरा-तफरी मच गई।