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शहर में सिर्फ 15 घंटे ही मिल पा रही बिजली
ब्यूरो,अमर उजाला/जौनपुर
Updated Fri, 21 Jul 2017 01:11 AM IST
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शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 20 घंटे एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा पूरी तरह हवा हवाई साबित हो रहा है। शहर को मुश्किल से 15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। जबकि ग्रामीण इलाकों में आठ घंटे बिजली मिल रही है। बुधवार की रात में आधा शहर अंधेरे में रहा। कारण रजई का ताल, चांदमारी, नईगंज इलाके में ट्रांसफार्मर फूंक गया था।
जिसे ठीक करने एवं बदलने में बिजली विभाग के अधिकारियों को कहीं 23 घंटे तो कहीं तीन दिन लग गए। हालात यह है कि बिजली नहीं रहने पर शाही एवं सद्भावना पुल पर रात में लोगों का मेला लग जा रहा है। लोग करवटें बदल-बदल कर रात में परेशान हो जा रहे है।
बिजली के हालात पर गौर करें तो चांदमारी इलाके में मंगलवार की रात ट्रांसफार्मर फूंक गया। जिसे ठीक करने में बिजली विभाग के अधिकारियों को 38 घंटे लग गए। गुरुवार को दोपहर दो बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली की आपूर्ति की जा सकी। ऐसे ही रजई का ताल के पास लगा ट्रांसफार्मर बुधवार की दोपहर में फुंक गया। दूसरा ट्रांसफार्मर लगाने एवं बिजली बहाल करने में 23 घंटे लग गए। गुरुवार की दोपहर में इसे ठीक किया जा सका। नईगंज में लगा 5 एमबीए का ट्रांसफार्मर में खराबी आने की वजह से आठ से दस मोहल्लों की बिजली गुल हो गई।
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इसे ठीक करने में बिजली विभाग को आठ घंटे लग गए। इसके बाद एसडीओ संजय गुप्ता ने अपने इलाके के सभी ट्रांसफार्मरों की देखरेख अभियान चलाकर गुरूवार को कराया। यह सब तो बानगी भर है। बिजली की स्थिति काफी खराब है। सदर विधानसभा का नेतृत्व गिरीशचंद्र यादव करते है। प्रदेश के नगर विकास राज्यमंत्री है। बावजूद शहरवासियों को बीस घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है।
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इधर सप्लाई कम मिल पा रही है। ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर फूंक जा रहे है। हर रोज चार से पांच घंटे की कटौती होने के बावजूद भी हम 20 घंटे बिजली देने की कोशिश कर रहें हैं।
एससी सोनोदिया
अधिशासी अभियंता
जिसे ठीक करने एवं बदलने में बिजली विभाग के अधिकारियों को कहीं 23 घंटे तो कहीं तीन दिन लग गए। हालात यह है कि बिजली नहीं रहने पर शाही एवं सद्भावना पुल पर रात में लोगों का मेला लग जा रहा है। लोग करवटें बदल-बदल कर रात में परेशान हो जा रहे है।
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बिजली के हालात पर गौर करें तो चांदमारी इलाके में मंगलवार की रात ट्रांसफार्मर फूंक गया। जिसे ठीक करने में बिजली विभाग के अधिकारियों को 38 घंटे लग गए। गुरुवार को दोपहर दो बजे दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली की आपूर्ति की जा सकी। ऐसे ही रजई का ताल के पास लगा ट्रांसफार्मर बुधवार की दोपहर में फुंक गया। दूसरा ट्रांसफार्मर लगाने एवं बिजली बहाल करने में 23 घंटे लग गए। गुरुवार की दोपहर में इसे ठीक किया जा सका। नईगंज में लगा 5 एमबीए का ट्रांसफार्मर में खराबी आने की वजह से आठ से दस मोहल्लों की बिजली गुल हो गई।
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इसे ठीक करने में बिजली विभाग को आठ घंटे लग गए। इसके बाद एसडीओ संजय गुप्ता ने अपने इलाके के सभी ट्रांसफार्मरों की देखरेख अभियान चलाकर गुरूवार को कराया। यह सब तो बानगी भर है। बिजली की स्थिति काफी खराब है। सदर विधानसभा का नेतृत्व गिरीशचंद्र यादव करते है। प्रदेश के नगर विकास राज्यमंत्री है। बावजूद शहरवासियों को बीस घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है।
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इधर सप्लाई कम मिल पा रही है। ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर फूंक जा रहे है। हर रोज चार से पांच घंटे की कटौती होने के बावजूद भी हम 20 घंटे बिजली देने की कोशिश कर रहें हैं।
एससी सोनोदिया
अधिशासी अभियंता