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धरती की प्यास नहीं बुझी तो तरसेंगे पानी के लिए
ब्यूरो/अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 29 Apr 2016 12:35 AM IST
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पानी की किल्लत
- फोटो : अमर उजाला
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प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन की वजह से भूजल स्तर लगातार गिर रहा है। जल संचयन के लिए वैज्ञानिकों की ओर से सुझाए गए उपायों पर भी अमल नहीं किया जा रहा है। विकास के नाम पर हो परे पक्के निर्माण से धरती को ढक दिया जा रहा है। बारिश का पानी नालों से होकर नदियों में बह जा रहा है। और बारिश के दिनों में भी धरती प्यासी ही रह जा रही है। धरती की प्यास बुझाने के लिए बड़ी मकानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किए जाने के बाद भी इसे अमल में नहीं लाया जा रहा है। शहर में बनने वाली मकानों का बिना रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के ही मास्टर प्लान से नक्शा पास कर दिया जा रहा है। समय रहते अगर हम नहीं चेते तो भविष्य में हमें भूजल के तरसना पड़ेगा।
निरंतर नीचे खिसक रहे जल स्तर को बनाए रखने के लिए खास तौर से शहरी इलाकों में बनने वाली बड़ी बड़ी अट्टालिकाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। बावजूद इसके एक दो को छोड़ किसी भी भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया गया है। मास्टर प्लान भी बिना इसके भवनों का नक्शा पास कर दे रहा है।
और तो और विकास भवन में लगा यह सिस्टम खुद फेल हो गया है। बिल्डिंग की छत का पानी जमीन के अंदर डालने के लिए बने टैंक को कूड़ा करकट से पाट दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी समेत जिले के कई अफसरों का इसी बिल्डिंग में दफ्तर है फिर भी विकास भवन में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सुधि किसी भी अफसर ने नहीं ली। जिले के आठ ब्लाक मुख्यालयों पर भी इस सिस्टम को लगाया गया है लेकिन उसके टैंक में एक टैंकर भी पानी नहीं डाला जा सकता।
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निरंतर नीचे खिसक रहे जल स्तर को बनाए रखने के लिए खास तौर से शहरी इलाकों में बनने वाली बड़ी बड़ी अट्टालिकाओं में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। बावजूद इसके एक दो को छोड़ किसी भी भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाया गया है। मास्टर प्लान भी बिना इसके भवनों का नक्शा पास कर दे रहा है।
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और तो और विकास भवन में लगा यह सिस्टम खुद फेल हो गया है। बिल्डिंग की छत का पानी जमीन के अंदर डालने के लिए बने टैंक को कूड़ा करकट से पाट दिया गया है। मुख्य विकास अधिकारी समेत जिले के कई अफसरों का इसी बिल्डिंग में दफ्तर है फिर भी विकास भवन में लगे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सुधि किसी भी अफसर ने नहीं ली। जिले के आठ ब्लाक मुख्यालयों पर भी इस सिस्टम को लगाया गया है लेकिन उसके टैंक में एक टैंकर भी पानी नहीं डाला जा सकता।
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