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Jaunpur News: ई-रिक्शा चालक की मौत, परिजनों ने थाने पर किया प्रदर्शन
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मुंगराबादशाहपुर। प्रयागराज के बरियारामपुर के समीप पुलिया के नीचे शनिवार को एक ई-रिक्शा चालक का शव मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए थाने पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के बाभनपुर तरहठी निवासी विकास पांडेय (30) ई-रिक्शा चालक था। वह सरायममरेज प्रयागराज में ई रिक्शा चलाता था। प्रयागराज बार्डर से सटा घर होने के कारण वह प्रतिदिन घर आ जाता था। बृहस्पतिवार की रात आठ बजे विकास ने अपनी मां संगीता फोन किया कि थोड़ी देर में खाना खाकर घर जाउंगा। डेढ़ घंटे बीत जाने के बाद जब वह घर नहीं आया तो पत्नी शिवानी पांडेय ने फोन किया। फोन पर किसी ने विकास के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना दी और बरियारामपुर के समीप पुलिया के पास जल्दी पहुंचने को कहा। परिजन जब तक घटना स्थल पर पहुंचते पुलिस विकास के शव को लेकर सरायममरेज थाने प्रयागराज चली गई थी। परिजन थाने पर पहुंचे तो विकास का शव पड़ा था। परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शनिवार को सुबह परिजन शव को लेकर सरायममरेज थाने पर प्रदर्शन किया और हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। पुलिस ने किसी तरह से आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। मुंगराबादशाहपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्र ने बताया कि परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। सरायममरेज थाने की पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही वास्तविकता का पता चल पाएगा।
तीनों बेटे हुए हादसे का शिकार
मुंगराबादशाहपुर। एक मां-बाप के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि उसके हंसते खेलता परिवार ताश के पत्तों की तरह महज पांच सालों में बिखर गया। एक-एक कर तीनों बेटों की मौत हो गई। विकास की मां संगीता पांडेय व पिता महेंद्र पांडेय असहाय हो गए हैं। बुढ़ापे में कोई कांधा देने वाला नहीं बचा है। मां संगीता पांडेय के सामने बेटे का शव पड़ा था तो बदहवास हालत में भगवान को कोस रही थी। बोलीं, परिवार पर किसी की बुरी नजर लग गई... देखते ही देखते घर की सारी खुशियां दफन हो गईं। पिता महेंद्र के तो आंखें ही पथरा गईं थीं। पहले पुत्र आकाश पांडेय की मौत 2020 में एक सड़क हादसे में हो गई, दूसरे पुत्र कैलाशनाथ पांडेय की मौत 2024 में तालाब में डूबकर हो गई थी। अब बृहस्पतिवार को तीसरे पुत्र विकास ने भी साथ छोड़ दिया। विकास ही घर का कमाऊ पुत्र था। विकास के दो पुत्र शिवांश, आरुष व एक पुत्री अयांशी है। हादसे से गांव में सन्नाटा पसरा है और गांव में किसी के घर चूल्हे नहीं जले।
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तीनों बेटे हुए हादसे का शिकार
मुंगराबादशाहपुर। एक मां-बाप के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा कि उसके हंसते खेलता परिवार ताश के पत्तों की तरह महज पांच सालों में बिखर गया। एक-एक कर तीनों बेटों की मौत हो गई। विकास की मां संगीता पांडेय व पिता महेंद्र पांडेय असहाय हो गए हैं। बुढ़ापे में कोई कांधा देने वाला नहीं बचा है। मां संगीता पांडेय के सामने बेटे का शव पड़ा था तो बदहवास हालत में भगवान को कोस रही थी। बोलीं, परिवार पर किसी की बुरी नजर लग गई... देखते ही देखते घर की सारी खुशियां दफन हो गईं। पिता महेंद्र के तो आंखें ही पथरा गईं थीं। पहले पुत्र आकाश पांडेय की मौत 2020 में एक सड़क हादसे में हो गई, दूसरे पुत्र कैलाशनाथ पांडेय की मौत 2024 में तालाब में डूबकर हो गई थी। अब बृहस्पतिवार को तीसरे पुत्र विकास ने भी साथ छोड़ दिया। विकास ही घर का कमाऊ पुत्र था। विकास के दो पुत्र शिवांश, आरुष व एक पुत्री अयांशी है। हादसे से गांव में सन्नाटा पसरा है और गांव में किसी के घर चूल्हे नहीं जले।
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