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दो विभागों में खींचतान के कारण 435 घरों में पेयजल संकट

Sat, 07 Aug 2021 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 07 Aug 2021 11:54 PM IST
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Drinking water crisis in 435 houses due to tussle between two departments
शहर के सेंट पैट्रिक स्कूल के पास 40 साल पुरानी पेयजल पाइप छह दिनों से क्षतिग्रस्त पड़ी है। इसकी मरम्मत दो विभागों नगर पालिका परिषद व जल निगम के बीच खींचतान के कारण नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा करीब 435 घरों के लोगों को पानी के संकट का सामना करके भुगतना पड़ रहा है। लोग पेयजल के लिए इधर-उधर भटकने को विवश हैं।
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सवा तीन लाख आबादी वाले शहर में पेयजल आपूर्ति अब भी करीब 40 साल पुरानी पाइपलाइन के जरिए हो रही है। इस बीच शहर से निकलने वाले गंदे पानी को शोधित करने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने और सीवर पाइप लाइन डालने का कार्य भी किया जा रहा है। सीवर पाइप डाले जाने की वजह जगह-जगह जलापूर्ति के लिए डाली गई पाइप क्षतिग्रस्त हो जा रही है। क्षतिग्रस्त पाइप की मरम्मत का कार्य जल निगम की ओर से किया जा रहा है, लेकिन विभाग क्षतिग्रस्त पाइप को वहीं बना रहे हैं, जहां सीवर पाइप लाइन डालने के दौरान जलापूर्ति की पाइप क्षतिग्रस्त हो रही है। इस बीच छह दिन पहले सेंट पैट्रिक स्कूल के पास भी जलापूर्ति की पाइप क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे सिपाह से लेकर रेलवे क्रासिंग और पटहटियां स्थित सेंट पैट्रिक स्कूल तक करीब 435 घरों की जलापूर्ति ठप हो गई है। इसके चलते लोगों को पानी के संकट का सामना करना पड़ रहा है। लोग पेयजल के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। इंडिया मार्का टू हैंडपंप ही इस समय लोगों के लिए सहारा बना हुआ है। पानी लेने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उधर, जलापूर्ति की क्षतिग्रस्त पाइप को न तो जल निगम बना रहा है और न ही नगर पालिका परिषद। दोनों विभागों के बीच चल रही खींचतान का खामियाजा लोगों को पेयजल संकट का सामना करके भुगतना पड़ रहा है। जल निगम के अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता का कहना है कि सीवर पाइप लाइन डालने से सेंट पैट्रिक स्कूल के पास जलापूर्ति की पाइप क्षतिग्रस्त नहीं हुई है। नगर पालिका यह चाहती है कि सिपाह से लेकर पंचहटिया तक 40 साल पुरानी पाइप पड़ी हुई है, जिसे बदलकर सीवर पाइप डालने का कार्य कर रहे ठेकेदार नई पाइप डाल दें। उधर, जलकल के अधिशासी अभियंता उमेश प्रसाद का कहना है कि सीवर पाइप डाले जाने से पेयजल पाइप क्षतिग्रस्त हुई है। जिसको बनाने की जिम्मेदारी जल निगम की है। इसके लिए जल निगम को पत्र भी भेजा गया है। जहां तक जलापूर्ति के पुराने पाइपों को बदलने का सवाल है तो समय-समय पर क्षतिग्रस्त पाइप को बदलने का कार्य किया जाता है।
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