फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Don't work for the sake of happiness: Prof. Vandana

खुशी पाने की इच्छा से काम न करें : प्रो. वंदना

Wed, 12 Nov 2025 12:09 AM IST
वाराणसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जौनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, जौनपुर Updated Wed, 12 Nov 2025 12:09 AM IST
विज्ञापन
Don't work for the sake of happiness: Prof. Vandana
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग और वेलनेस सेंटर के संयुक्त तत्वावधान में मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार पर छह दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ मंगलवार को हुआ।
विज्ञापन

रज्जू भैया भौतिक विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि हमें जीवन में केवल खुशी पाने की इच्छा नहीं रखनी चाहिए बल्कि जो काम हम कर रहे हैं उसे खुशी मन के साथ करना चाहिए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि जब हम पढ़ाई या ज्ञान प्राप्ति जैसे कार्यों को आनंदपूर्वक करते हैं तो उसकी उत्पादकता स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है। हमारी लाइफस्टाइल ऐसी होनी चाहिए जिससे हमारा शरीर, मस्तिष्क और आत्मा तीनों प्रसन्न और समन्वित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के विविध पहलुओं पर चर्चा की। मनोचिकित्सक डॉ. दिलीप कुमार चौरसिया ने कहा कि मानसिक रोगों का एक प्रमुख कारण जीवन में अनावश्यक तनाव लेना है। हमें प्रसन्न रहने के लिए संतुलित जीवन शैली और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट राम प्रकाश पाल ने कहा कि जैसे शारीरिक बीमारियों का इलाज जरूरी है, वैसे ही मानसिक बीमारियों के लिए भी समाज को आगे आना होगा। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा कलंक तोड़ना जरूरी है। सामाजिक कार्यकर्ता विकास सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अभियान चल रहे हैं।
झाड़-फूंक जैसी पारंपरिक गलत धारणाओं से बचने की सलाह दी और टेली-मानस कार्यक्रम की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र सोमवार की शाम विश्वविद्यालय द्रौपदी महिला छात्रावास में आयोजित किया गया था। समन्वयक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने विषय प्रवर्तन किया।

आयोजन सचिव डॉ. अन्नू त्यागी ने मनोवैज्ञानिक प्राथमिक उपचार के सिद्धांत लुक, लिसन, लिंक को विस्तार पूर्वक बताया। डॉ. मनोज पांडेय ने धन्यवाद दिया। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव, डॉ. शशिकांत यादव उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed