{"_id":"5de2b7468ebc3e550115f2b3","slug":"development-work-stopped-from-city-to-village-jaunpur-news-vns4972444190","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर से लेकर गांव तक ठप हो गया विकास कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर से लेकर गांव तक ठप हो गया विकास कार्य
विज्ञापन
दफ्तरों में तकरार, बाधित हुआ कारबार
अधिकारी, कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों का विवाद है कारण
सामूहिक अवकाश पर रहने वाले 308 सचिवों को कटा वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। दफ्तरों में तकरार के चलते शहर से लेकर गांव तक का विकास कार्य ठप रहो गया है। कहीं अधिकारियों और कर्मचारियों में ठनी है तो कहीं अधिकारी और जनप्रतिनिधियों में तनातनी है। जौनपुर नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी व सभासदों में विवाद के कारण शहर का विकास रुका पड़ा है। सफाई का काम प्रभावित है। तीन दिनों से ग्राम सचिव आंदोलन पर हैं। उनमें 308 सचिवों का तीन दिन का वेतन काट दिया गया है।
अधिशासी अभियंता की कार्यशैली से नाराज नगर पालिका परिषद के सभासद व कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 12 दिनों से आंदोलन पर हैं । जिसके चलते शहर का विकास कार्य रुक गया है। वहीं शैक्षिक योग्यता स्नातक एवं ओ लेवल कंप्यूटर वेतन ग्रेड पे 2800 एवं एसीपी में पदोन्नति पद का ग्रेड पे करने आदि मांगों को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी भी 27 नवंबर से तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने सचिवों के बिना स्वीकृत अवकाश पर रहने को गंभीरता से लेते हुए नो वर्क नो पे के आधार पर उनका तीन दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया । जिले में सभी 308 पंचायत सचिवों का तीन दिन का वेतन काटा गया है। इसमें 153 ग्राम पंचायत अधिकारी व 155 ग्राम विकास अधिकारी का वेतन रोका गया है। इससे सचिव भड़क गए हैं और आरपार की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
इनसेट:
तीन दिसंबर को चेतावनी सभा करेंगे पंचायत सचिव
जौनपुर। वेतन काटने को लेकर सचिव फिर आंदोलन के मूड में हैं। हलांकि डीएम के निर्देश पर बिना अवकाश स्वीकृत के तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहने पर सभी सचिवों का वेतन काट दिया गया है। जबकि सचिवों द्वारा जिला मुख्यालय पर मुख्य विकास अधिकारी व ब्लाक मुख्यालय पर बीडीओ को पत्र देकर सामूहिक अवकाश पर रहने की जानकारी दी गई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी - ग्राम विकास अधिकारी संघ के संयोजक डा.प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहने के कारण वेतन काटने से संबंधित कोई पत्र हम लोगों को नहीं आया है। अनौपचारिक रुप से वेतन काटने की जानकारी हुई है। जिसे हम लोग तीन दिसंबर को होने वाले चेतावनी सभा में शामिल कर करेंगे।
विज्ञापन
कोट:
सचिवों के तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहने से विकास कार्य प्रभावित हुआ है लेकिन बिना स्वीकृत कराए तीन दिन तक सासामूहिक अवकाश पर रहने वाले सभी सचिवों का वेतन काटा गया है। यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई है। नो वर्क नो पे के आधार पर सचिवों का वेतन काटा गया है।
गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
अधिकारी, कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों का विवाद है कारण
सामूहिक अवकाश पर रहने वाले 308 सचिवों को कटा वेतन
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। दफ्तरों में तकरार के चलते शहर से लेकर गांव तक का विकास कार्य ठप रहो गया है। कहीं अधिकारियों और कर्मचारियों में ठनी है तो कहीं अधिकारी और जनप्रतिनिधियों में तनातनी है। जौनपुर नगर पालिका में अधिशासी अधिकारी व सभासदों में विवाद के कारण शहर का विकास रुका पड़ा है। सफाई का काम प्रभावित है। तीन दिनों से ग्राम सचिव आंदोलन पर हैं। उनमें 308 सचिवों का तीन दिन का वेतन काट दिया गया है।
अधिशासी अभियंता की कार्यशैली से नाराज नगर पालिका परिषद के सभासद व कर्मचारी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले 12 दिनों से आंदोलन पर हैं । जिसके चलते शहर का विकास कार्य रुक गया है। वहीं शैक्षिक योग्यता स्नातक एवं ओ लेवल कंप्यूटर वेतन ग्रेड पे 2800 एवं एसीपी में पदोन्नति पद का ग्रेड पे करने आदि मांगों को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी भी 27 नवंबर से तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर थे। इस दौरान जिलाधिकारी ने सचिवों के बिना स्वीकृत अवकाश पर रहने को गंभीरता से लेते हुए नो वर्क नो पे के आधार पर उनका तीन दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया । जिले में सभी 308 पंचायत सचिवों का तीन दिन का वेतन काटा गया है। इसमें 153 ग्राम पंचायत अधिकारी व 155 ग्राम विकास अधिकारी का वेतन रोका गया है। इससे सचिव भड़क गए हैं और आरपार की लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
इनसेट:
तीन दिसंबर को चेतावनी सभा करेंगे पंचायत सचिव
जौनपुर। वेतन काटने को लेकर सचिव फिर आंदोलन के मूड में हैं। हलांकि डीएम के निर्देश पर बिना अवकाश स्वीकृत के तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहने पर सभी सचिवों का वेतन काट दिया गया है। जबकि सचिवों द्वारा जिला मुख्यालय पर मुख्य विकास अधिकारी व ब्लाक मुख्यालय पर बीडीओ को पत्र देकर सामूहिक अवकाश पर रहने की जानकारी दी गई थी। ग्राम पंचायत अधिकारी - ग्राम विकास अधिकारी संघ के संयोजक डा.प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि तीन दिन तक सामूहिक अवकाश पर रहने के कारण वेतन काटने से संबंधित कोई पत्र हम लोगों को नहीं आया है। अनौपचारिक रुप से वेतन काटने की जानकारी हुई है। जिसे हम लोग तीन दिसंबर को होने वाले चेतावनी सभा में शामिल कर करेंगे।
विज्ञापन
कोट:
सचिवों के तीन दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहने से विकास कार्य प्रभावित हुआ है लेकिन बिना स्वीकृत कराए तीन दिन तक सासामूहिक अवकाश पर रहने वाले सभी सचिवों का वेतन काटा गया है। यह कार्रवाई डीएम के निर्देश पर की गई है। नो वर्क नो पे के आधार पर सचिवों का वेतन काटा गया है।
गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी