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Jaunpur News: सीज होने वाले वाहनों के लिए बनेगा डिटेंशन यार्ड
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जौनपुर। जिले में सहायक संभागीय परिवहन विभाग (एआरटीओ) सीज किए गए वाहनों के लिए डिटेंशन यार्ड बनाएगा। जिसमें कब्जे में लिए गए वाहनों को खड़ा किया जाएगा। इसके लिए विभाग एक से दो एकड़ भूमि की तलाश कर रहा है। अभी विभाग को थानों के बाहर बड़े वाहनों को खड़ा करने में समस्या होती है। हालांक जुलाई माह में पुलिस विभाग की तरफ से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के लिए सुरेरी थाना परिसर में डंपिंग यार्ड बनाया गया है।
एआरटीओ विभाग में छोटे बड़े मिलाकर करीब पांच लाख वाहन पंजीकृत है। विभिन्न कारणों से सीज किए वाहनों को पुलिस थानों में जगह नहीं होने से सड़कों पर खड़ा करने की मजबूरी है। अब शासन ने जनपद में डिटेंशन यार्ड (वाहन निरूद्ध स्थल) खोलने के निर्देश दिए है। यह एक प्रकार का सरकारी वाहन स्टैंड माना जाएगा। यहां उन वाहनों को रखा जाएगा, जो चेकिंग के दौरान पकड़े जाएंगे। यह पूर्ण रूप से सुरक्षित होगा। यहां सीसीटीवी लगवाए जाएंगे। उसमें चौकीदार और गार्ड भी तैनात किए जाएंगे। जल्द ही जगह का चयन का यार्ड का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि प्रशासन हाइवे के किनारे इसे बनाने पर मंथन कर रहा है।
प्रतिमाह में 40 से 50 वाहन होते हैं सीज
एआरटीओं प्रवर्तन सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिटनेस फेल, परमिट, बीमा डीएल आदि में कमी पाए जाने वाले वाहनों को जांच के दौरान सीज किया जाता है। प्रतिमाह करीब 40 से 50 वाहन ऐसे मिल जाते हैं। यार्ड खोलने के लिए एक से दो एकड़ जमीन की आवश्यकता है। जगह देखी जा रही है।
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जनपद में डिटेंशन यार्ड के लिए जगह तलाशी जा रही है। यार्ड बन जाने से सीज किए गए वाहनाें को खड़ी करने के लिए प्रर्याप्त जगह मिल जाएगी। -रमेश चंद्र श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रशासन
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एआरटीओ विभाग में छोटे बड़े मिलाकर करीब पांच लाख वाहन पंजीकृत है। विभिन्न कारणों से सीज किए वाहनों को पुलिस थानों में जगह नहीं होने से सड़कों पर खड़ा करने की मजबूरी है। अब शासन ने जनपद में डिटेंशन यार्ड (वाहन निरूद्ध स्थल) खोलने के निर्देश दिए है। यह एक प्रकार का सरकारी वाहन स्टैंड माना जाएगा। यहां उन वाहनों को रखा जाएगा, जो चेकिंग के दौरान पकड़े जाएंगे। यह पूर्ण रूप से सुरक्षित होगा। यहां सीसीटीवी लगवाए जाएंगे। उसमें चौकीदार और गार्ड भी तैनात किए जाएंगे। जल्द ही जगह का चयन का यार्ड का निर्माण कराया जाएगा। हालांकि प्रशासन हाइवे के किनारे इसे बनाने पर मंथन कर रहा है।
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प्रतिमाह में 40 से 50 वाहन होते हैं सीज
एआरटीओं प्रवर्तन सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फिटनेस फेल, परमिट, बीमा डीएल आदि में कमी पाए जाने वाले वाहनों को जांच के दौरान सीज किया जाता है। प्रतिमाह करीब 40 से 50 वाहन ऐसे मिल जाते हैं। यार्ड खोलने के लिए एक से दो एकड़ जमीन की आवश्यकता है। जगह देखी जा रही है।
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जनपद में डिटेंशन यार्ड के लिए जगह तलाशी जा रही है। यार्ड बन जाने से सीज किए गए वाहनाें को खड़ी करने के लिए प्रर्याप्त जगह मिल जाएगी। -रमेश चंद्र श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रशासन