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सभासदों का कोर्ट में समर्पण, मिली जमानत
अमर उजाला ब्यूरो, जौनपुर
Updated Fri, 31 Jul 2015 12:33 AM IST
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नगर पालिका जौनपुर बोर्ड की बैठक में मारपीट के मामले में गुरुवार को सात सभासदों सहित दस लोगों ने सीजेएम अभिनय मिश्र की अदालत में समर्पण कर दिया।
कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत खारिज कर दी। जिला जज लुकमानुल हक ने उच्च न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में सभी को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया।
नगर पालिका जौनपुर के अध्यक्ष दिनेश टंडन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि 27 अगस्त 2013 को आयोजित बोर्ड की बैठक के दौरान शाम छह बजे उनके और नगर पालिका कर्मचारियों के साथ सभासद और उनके समर्थकों
ने मारपीट की थी। इसी मामले में गुरुवार को सभासद गार्गी सिंह, रेनू पाठक, मुकेश सिंह, अरुण मौर्य, इरशाद अहमद, पिंकी जायसवाल, अरुण यादव, दीपक सिंह मांटो, दीपक जायसवाल, पिंटू पाठक ने सीजेएम अभिनय मिश्रा की
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अदालत में समर्पण किया। सभासदों ने जमानत प्रार्थना पत्र दिया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम ने खारिज कर दिया। जिला जज लुकमानुल हक ने उच्च न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
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कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उनकी जमानत खारिज कर दी। जिला जज लुकमानुल हक ने उच्च न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में सभी को अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया।
नगर पालिका जौनपुर के अध्यक्ष दिनेश टंडन ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया था कि 27 अगस्त 2013 को आयोजित बोर्ड की बैठक के दौरान शाम छह बजे उनके और नगर पालिका कर्मचारियों के साथ सभासद और उनके समर्थकों
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ने मारपीट की थी। इसी मामले में गुरुवार को सभासद गार्गी सिंह, रेनू पाठक, मुकेश सिंह, अरुण मौर्य, इरशाद अहमद, पिंकी जायसवाल, अरुण यादव, दीपक सिंह मांटो, दीपक जायसवाल, पिंटू पाठक ने सीजेएम अभिनय मिश्रा की
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अदालत में समर्पण किया। सभासदों ने जमानत प्रार्थना पत्र दिया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम ने खारिज कर दिया। जिला जज लुकमानुल हक ने उच्च न्यायालय के आदेश के परिप्रेक्ष्य में अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।