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नहर कटने से फसल पानी में डूबी
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शारदा सहायक 36 नहर में पानी अधिक छोडे़ जाने से क्षेत्र के त्रिलोचन महादेव बाजार के समीप बुधवार की रात नहर कट गई। इससे नहर का पानी धान के खेतों के साथ ही अन्य फसलों तक फैल गया। करीब पंद्रह फीट चौड़ाई में नहर कटने के कारण पानी तेजी से खेतों में फैल गया। सुबह होते ही धान की फसलें पानी में डूब गईं। सुबह जब किसान खेतों की तरफ पहुंचे तो उनकी फसलें पानी में डूब चुकी थीं।
शारदा सहायक नहर लहंगपुर ड्रेन के माध्यम आगे निकली है। क्षेत्र के ज्यादातर किसान नहर के पानी से फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर में पानी नहीं आने पर भी किसानों के फसल की बुआई समय से नहीं हो पाती है। जब पानी अधिक छोड़ दिया जाता है तो भी उनकी फसल बर्बाद हो जाती है। किसानों को दोनों हालात में नुकसान उठाना पड़ता है। जानकारी होने पर नहर विभाग के अवर अभियंता एसके रावत ने बृहस्पतिवार को सुबह काफी संख्या में मजदूरों को लगाकर टूटी हुई पटरी को बंधवाया, तब जाकर पानी आगे बढ़ना शुरू हुआ। पानी बंद होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। अवर अभियंता ने कहा कि नहर जहां टूटी है वहां कुलावा था। जो टूट कर बड़ा हो गया था। टेल तक पानी पहुंचाने के लिए पूरी क्षमता से पानी नहर में छोड़ा गया था। ताकि अंतिम गांव के किसानों को भी पानी मिल सके। दबाव बढ़ने के कारण नहर की पटरी टूट गई। नहर में सेवार घास व कूड़ा कचड़ा अत्यधिक होने से पानी पास नहीं हो पा रहा है। इससे नहर टूट रही है।
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शारदा सहायक नहर लहंगपुर ड्रेन के माध्यम आगे निकली है। क्षेत्र के ज्यादातर किसान नहर के पानी से फसलों की सिंचाई करते हैं। नहर में पानी नहीं आने पर भी किसानों के फसल की बुआई समय से नहीं हो पाती है। जब पानी अधिक छोड़ दिया जाता है तो भी उनकी फसल बर्बाद हो जाती है। किसानों को दोनों हालात में नुकसान उठाना पड़ता है। जानकारी होने पर नहर विभाग के अवर अभियंता एसके रावत ने बृहस्पतिवार को सुबह काफी संख्या में मजदूरों को लगाकर टूटी हुई पटरी को बंधवाया, तब जाकर पानी आगे बढ़ना शुरू हुआ। पानी बंद होने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। अवर अभियंता ने कहा कि नहर जहां टूटी है वहां कुलावा था। जो टूट कर बड़ा हो गया था। टेल तक पानी पहुंचाने के लिए पूरी क्षमता से पानी नहर में छोड़ा गया था। ताकि अंतिम गांव के किसानों को भी पानी मिल सके। दबाव बढ़ने के कारण नहर की पटरी टूट गई। नहर में सेवार घास व कूड़ा कचड़ा अत्यधिक होने से पानी पास नहीं हो पा रहा है। इससे नहर टूट रही है।
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