फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   गोली से घायल दूसरे भाई की भी मौत

गोली से घायल दूसरे भाई की भी मौत

Tue, 12 Mar 2019 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 12 Mar 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
गोली से घायल दूसरे भाई की भी मौत
जौनपुर/शाहगंज। शाहगंज कोतवाली क्षेत्र के मुजफ्फरपुर पट्टीचकेसर गांव में रविवार की रात गोली से घायल दूसरे भाई की भी इलाज के दौरान वाराणसी के ट्रमा सेंटर में मौत हो गई। जबकि घायल अरविंद का इलाज वाराणसी में चल रहा है। गुस्साए परिजन ग्रामीणों के साथ सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी कार्यालय का घेराव किया। एसपी ने हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी शिकायत को गंभीरता से ली होती तो दोनों की जान बच सकती थी।
विज्ञापन

मुजफ्फरपुर पट्टी चकेसर गांव निवासी रामउग्र दुबे (65) व राधेश्याम दुबे के बीच बीस वर्षों से जमीनी विवाद चल रहा है। राम उग्र अपने परिवार के साथ दिल्ली रहते हैं। उनके छोटे भाई रामकेवल दुबे परिवार लेकर मुम्बई के नाला सोपारा में रहते थे। बीते 29 नवंबर को दीपावली मनाने के लिए रामउग्र का परिवार गांव आया था। तो उस वक्त भी पट्टीदारों से विवाद हुआ था। पट्टीदारों ने उनके घर पर बमबाजी की थी। उस घटना में रामउग्र की तहरीर पर केस दर्ज हुआ था। राम उग्र के छोटे भाई राम केवल दुबे की पत्नी गीता देवी की तेरहवीं सोमवार को थी। परिवार के सभी सदस्य घर पर आए थे। रविवार को दिन में रामउग्र अपने मकान की छत पर दीवार बनवा रहे थे। उसे लेकर दिन में ही विवाद हुआ था। पुलिस भी पहुंची थी लेकिन पुलिस कोरम पूरा कर लौट गई थी। आरोप है कि पट्टीदारों ने रामउग्र को जान से मारने की धमकी दी तो वह कोतवाली पहुंचे और तहरीर दी कि पट्टीदार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और वे पूर्व में उनके घर पर बम फेंक चुके हैं। इससे उनका पूरा परिवार भयभीत है। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ली। रात में करीब सवा दस बजे रामउग्र के परिवार के लोग बरामदे में बैठकर खाना खा रहे थे तभी सात आठ की संख्या में आए मनबढ़ों ने उनपर फायरिंग झोंक दी। रामउग्र को बाह और सीने में गोली लगी जबकि रामकेवल के सिर में गोली लगी और रामकेवल के पुत्र अरविंद दुबे के पेट में गोली लगी। परिजन तीनों को लेकर राजकीय चिकित्सालय पहुंचे जहां डाक्टर ने रामकेवल को मृत घोषित कर दिया। जबकि रामउग्र की मौत वाराणसी ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान हो गई। घायल अरविंद का इलाज ट्रामा सेंटर में चल रहा है। सुबह करीब 10:30 बजे मृतक के परिजन और ग्रामीण एसपी कार्यालय पहुंचकर कार्यालय का घेरावकर किया। एसपी ने कार्रवाई का भरोसा देकर लोगों के किसी तरह समझाया बुझाया। एसपी आशीष तिवारी का कहना है कि मृतक को भाई हरिवंश दुबे की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी राधेश्याम उर्फ जोखेलाल व उसके पुत्रों वीरेन्द्र उर्फ भीम, मोनू, रवीन्द्र, धर्मेन्द्र, अभिषेक, पवन उर्फ गोलू, विपिन दुबे पर हत्या व हत्या के प्रयास समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। शीघ्र ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
विज्ञापन

गोली चलाने से पहले घर से महिलाओं को हटा दिया था
पूरी प्लानिंग से की दो भाइयों की हत्या
तनाव को ादेखते हुए गांव में फोर्स तैनात
दिन में तीन बार गांव में पहुंची थी पुलिस, रात में हुई हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
शाहगंज। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मुजफ्फरपुर पट्टीचकेसर गांव में रविवार की देर शाम गोली मारकर हुई दो लोगों की हत्या पूरी प्लानिंग से की गई थी। हत्यारोपियों ने घटना से पहले ही घर की महिलाओं को रिश्तेदारिंयों में भेज दिया था। सोमवार को मौके पर जुटे ग्रामीणों में इस बात की चर्चा हो रही थी। घटना से तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पट्टी चकेसर गांव की घटना के लिए पुलिस भी कम जिम्मेदार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दरअसल पट्टी चकेसर गांव निवासी रामउग्र दुबे अपने मकान की छत पर दीवार का निर्माण करा रहे थे। विपक्षियों ने डायल 100 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो मकान की छतपर निर्माण होता देखकर कहा कि इसमें कोई गलत नहीं हो रहा है। पुलिस विवाद न करने की नसीहत देकर लौट गई। लेकिन विपक्षियों ने तीन घंटे के अंतराल में तीन बार पुलिस को बुलाया। लेकिन पुलिस तीनों बार समझा बुझाकर लौट गई। पुलिस के जाने के बाद विपक्षियों ने राम उग्र के घर पर आकर धमकी दी कि वे उन्हें घर में सोमवार को होने वाली गीता देवी की तेरहवीं नहीं होने देंगे। तेरवीं से पहले उनकी हत्या की धमकी दी। चूंकी पूर्व में रामउग्र के घर पर विपक्षी बंम फेंक चुके थे। जिससे उनकी धमकी से वे डर गए। दोपहर बाद शाहगंज कोतवाली पहुंचकर रामउग्र ने तहरीर दी कि उनकी जान को खतरा है। विपक्षियों ने हत्या की धमकी दी है। इसे पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्हें घर लौटा दिया। नतीजा यह हुआ कि शाम को घर के बरामदे में रामउग्र अपने भाई रामकेवल व भतीजे अरविंद के साथ खाना खा रहे थे तभी मनबढ़ों ने ताबड़तोड़ उनपर फायरिंग कर दी।
इनसेट
गोली चलने पर किसी ने नहीं खोला दरवाजा
शाहगंज। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के पट्टीचकेसर गांव में रविवार की देर शाम गोली चलाने वाले आरोपियों से गांव के लोग भी खौफ खाते हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रविवार की शाम को जब गोली चली तो आस पास के किसी ने अपना दरवाजा नहीं खोला। गोली लगने से जमीन पर गिरकर तड़प रहे राम उग्र दुबे, रामकेवल और अरिवंद को घर की महिलाओं ने ही किसी तरह गाड़ी में लादकर अस्पताल पहुंचाया।

बेटियों को नहीं बधाया ढांढस
शाहगंज। घटना के बाद साढ़े ग्यारह बजे अस्पताल पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक नगर अनिल कुमार पाण्डेय मातहतों से मिलकर बातचीत की। लेकिन सामने पड़ी मृतक राम केवल के शव पर लिपट कर विलाप करती उनकी बेटियों किरन व सुमन से मिलना गंवारा नहीं समझा। दो घायलों को लेकर परिवार के लोग वाराणसी चले गये। पूरी रात दोनों बेटियां पिता के शव पर विलाप करती रहीं। लेकिन उन्हें ढांढस बंधाने वाला कोई नही था।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed