विज्ञापन
विज्ञापन

तीन डाक्टरों से मांगी बदमाशों ने रंगदारी, नहीं किया नाम का खुलासा

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sat, 15 Jun 2019 12:24 AM IST
ख़बर सुनें

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। हॉस्पिटल चला रहे डॉक्टर से रंगदारी मांगना अपराधियों के लिए आम बात हो गई है।अधिकांश डॉक्टर भी मामलों को दबाते हैं। पुलिस भी एफआईआर तो दर्ज करती है लेकिन रंगदारी मांगने एवं डॉक्टरों के नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो 31 मई को जिन तीन डाक्टरों से रंगदारी मांगी गई उसमें भी एफआईआर दर्ज होने के बाद भी मामले को दबाएं रखा गया। इस बात का खुलासा पुलिस ने तब किया जब आरोपियों को गिरफ्तारी कर लिया। बावजूद इसके उन डॉक्टरों के नाम का खुलासा नहीं किया गया जिनसे रंगदारी मांगी गई थी। एफआईआर की कॉपी कोर्ट में न पहुंचती तो यह भी न पता चल पाता कि किस डॉक्टर से रंगदारी मांगी गई। आखिर इसके पीछे वजह क्या है। लेकिन मामले को दबाने से अपराध बढ़ने लगा है। सूत्रों की मानें तो सिंगरामऊ निवासी डॉ. संजय कुमार जो रताशी चौराहा पर फार्मा क्लीनिक चलाते है। उनसे 31 मई 2019 को मोबाइल नंबर 7348299159 से फोन कर पांच लाख की रंगदारी मांगी गई। उनकी तहरीर पर दो जून को सिंगरामऊ थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई। शहर के तारापुर कॉलोनी निवासी डॉ राजेंद्र प्रसाद बिंद जिनका लाइफ लाइन हॉस्पिटल पचहटिया में हैं उनसे 31 मई की सुबह 7948399159 से फोन कर दस लाख रंगदारी मांगी गई। डॉक्टर ने तीन जून को तहरीर दिया और एफआईआर दर्ज हुई। लाइन बाजार थाना क्षेत्र के सीहीपुर मुरादगंज निवासी डॉ राजेंद्र प्रसाद यादव अपने मकान में ही देव हॉस्पिटल चलाते हैं। 31 मई 2019 को मोबाइल नंबर 7348299159 से फोन कर दस लाख रंगदारी मांगी गई। उनकी तहरीर पर एक जून को लाइन बाजार थाने में एफआईआर दर्ज हुआ। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों विनोद सिंह और सत्य प्रकाश श्रीवास्तव को तीन जून को ही सुबह में कुसहां मोड़ पर घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। सूत्रों की मानें तोऌ तणीनों डॉक्टरों को तीन दिन का समय आरोपियों ने दिया था। पैसा न देने पर डाक्टरों के क्लीनिक पर फायरिंग करने एवं सफल होने पर तीन और डॉक्टर से रंगदारी मांगने की योजना बनाई थी।

मुन्ना बजरंगी के नाम पर मांगी थी रंगदारी
जौनपुर। तकरीबन दो वर्ष पूर्व ईशा अस्पताल के संचालक से बदमाशों ने दो करोड़ की रंगदारी मांगी थीं। उन्होंने पचास लाख से अधिक बदमाशों को चुपचाप थमा दिया। जब वह और अधिक डिमांड करने लगे तो मुन्ना बजरंगी से मिलने ईशा अस्पताल के संचालक जेल पहुंच गए। वहां मुन्ना बजरंगी ने रंगदारी मांगने से मना किया तो उनके होश उड़ गए। एसटीएफ ने घेराबंदी कर रामपुर इलाके के बदमाशों को दबोच लिया। लाखों रूपयों की बरामदगी भी हुई। पचास लाख बदमाशों को देने के बाद भी डाक्टर ने सिर्फ 15 लाख रूपये देने का केस लाइन बाजार थाने में दर्ज कराया था। तब से बदमाशों द्वारा डाक्टरों से रंगदारी मांगने की घटनाएं बढ़ी हैं।

Recommended

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए
Lovely Professional University

एलपीयू ही बेस्ट च्वॉइस क्यों है इंजीनियरिंग और अन्य कोर्सों के लिए

जानिए जल्दी से सरकारी नौकरी पाने के उपाय।
Astrology

जानिए जल्दी से सरकारी नौकरी पाने के उपाय।

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
सबसे विश्वशनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Jaunpur

पुलिस ने पंचनामा कर परिजनों को सौंपा शव

पुलिस ने पंचनामा कर परिजनों को सौंपा शव

16 जून 2019

विज्ञापन

संसद के बजट सत्र के पहले ही दिन प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को कही ये बड़ी बात

सत्रहवीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू हो गया। सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से रूबरू हुए। सुनते हैं किस तरह से प्रधानमंत्री मोदी ने बजट सत्र और विपक्ष के सहयोग को लेकर अपनी बात कही।

17 जून 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
सबसे तेज अनुभव के लिए
अमर उजाला लाइट ऐप चुनें
Add to Home Screen
Election