{"_id":"6aa02c99d5b75a720205eb88","slug":"dfgsdfg-grnoida-news-c-1-noi1095-4702545-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पहले खाते में मुनाफा भेजकर जीता भरोसा, अलग अलग छह लोगों से 43 लाख रुपये ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पहले खाते में मुनाफा भेजकर जीता भरोसा, अलग अलग छह लोगों से 43 लाख रुपये ठगे
विज्ञापन
पहले खाते में मुनाफा भेजकर जीता भरोसा, अलग अलग छह लोगों से 43 लाख रुपये ठगे
- साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही मामले की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर शहर के छह लोगों को अपने जाल में फंसा लिया। अलग-अलग मामलों में ठगों ने पीड़ितों से कुल 43 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। इन मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक सदरपुर निवासी दिलीप कुमार मिश्रा से साइबर जालसाजों ने 9.79 लाख, ऐस सिटी निवासी आर्यन से 5.82 लाख, दिव्या से 7.50 लाख और शिवम साहनी से 6.69 लाख की अलग अलग ठगी की। वहीं सेक्टर-39 निवासी मुकेश सिंह से 7.50 लाख, सेक्टर-9 निवासी मोहित से 6.51 लाख रुपये की ठगी की गई। इन सभी मामलों में पीड़ितों ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद शिकायतों को साइबर क्राइम थाने भेजा गया। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि कई मामलों में ठगों ने निवेश के नाम पर पीड़ितों से संपर्क किया था। उन्हें शेयर बाजार, ऑनलाइन ट्रेडिंग या अन्य निवेश माध्यमों में रकम लगाने पर ज्यादा मुनाफा मिलने का लालच दिया गया।
शुरुआत में छोटी रकम लगाने पर कुछ लाभ दिखाया गया, जिससे पीड़ितों को ठगों पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्हें अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। कई मामलों में मोबाइल में एप या लिंक डाउनलोड कराया गया। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो और पैसे मांगे गए। आशंका जताई जा रही है कि ठगी की रकम अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में भेजी गई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि सभी मामलों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
- निवेश से पहले कंपनी और एप की जांच करें।
- सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में मिले निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के रकम नहीं लगाएं।
- कोई व्यक्ति कम समय में बहुत अधिक मुनाफे की गारंटी देता है तो सावधान रहें।
- अनजान लिंक और एप डाउनलोड न करें।
- साइबर ठग मोबाइल में रिमोट एक्सेस या संदिग्ध एप डाउनलोड कराकर बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर भी न करें।
- ओटीपी, पिन और बैंक की जानकारी साझा न करें।
- बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर फोन करने वाला व्यक्ति ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या कार्ड की गोपनीय जानकारी मांगे तो उसे न दें।
विज्ञापन
- साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही मामले की जांच
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठगों ने निवेश पर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर शहर के छह लोगों को अपने जाल में फंसा लिया। अलग-अलग मामलों में ठगों ने पीड़ितों से कुल 43 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली। इन मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक सदरपुर निवासी दिलीप कुमार मिश्रा से साइबर जालसाजों ने 9.79 लाख, ऐस सिटी निवासी आर्यन से 5.82 लाख, दिव्या से 7.50 लाख और शिवम साहनी से 6.69 लाख की अलग अलग ठगी की। वहीं सेक्टर-39 निवासी मुकेश सिंह से 7.50 लाख, सेक्टर-9 निवासी मोहित से 6.51 लाख रुपये की ठगी की गई। इन सभी मामलों में पीड़ितों ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद शिकायतों को साइबर क्राइम थाने भेजा गया। शुरुआती जांच में पुलिस को पता चला है कि कई मामलों में ठगों ने निवेश के नाम पर पीड़ितों से संपर्क किया था। उन्हें शेयर बाजार, ऑनलाइन ट्रेडिंग या अन्य निवेश माध्यमों में रकम लगाने पर ज्यादा मुनाफा मिलने का लालच दिया गया।
विज्ञापन
शुरुआत में छोटी रकम लगाने पर कुछ लाभ दिखाया गया, जिससे पीड़ितों को ठगों पर भरोसा हो गया। इसके बाद उन्हें अधिक रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया। कई मामलों में मोबाइल में एप या लिंक डाउनलोड कराया गया। जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो और पैसे मांगे गए। आशंका जताई जा रही है कि ठगी की रकम अलग-अलग म्यूल बैंक खातों में भेजी गई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि सभी मामलों की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
- निवेश से पहले कंपनी और एप की जांच करें।
- सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में मिले निवेश प्रस्ताव पर बिना सत्यापन के रकम नहीं लगाएं।
- कोई व्यक्ति कम समय में बहुत अधिक मुनाफे की गारंटी देता है तो सावधान रहें।
- अनजान लिंक और एप डाउनलोड न करें।
- साइबर ठग मोबाइल में रिमोट एक्सेस या संदिग्ध एप डाउनलोड कराकर बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर भी न करें।
- ओटीपी, पिन और बैंक की जानकारी साझा न करें।
- बैंक या किसी सरकारी संस्था के नाम पर फोन करने वाला व्यक्ति ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या कार्ड की गोपनीय जानकारी मांगे तो उसे न दें।