'महंगी बाइक के शौक ने बनाया चोर': चोरी के बाद चाबी बनवाने पहुंचे वाहन मालिक के रिश्तेदार की दुकान, खुल गई पोल
बाइक चोरी के मामले का 48 घंटे में खुलासा हुआ। महंगी बाइक चलाने के शौक में तीन दोस्तों ने दो वाहन चुराए थे। चोरी के बाद बाइक की चाबी बनवाने वाहन मालिक के रिश्तेदार की दुकान पर पहुंचे, जहां दुकानदार को शक होने पर पुलिस को सूचना दी गई।
विस्तार
मामला पांच सितंबर की रात का है। बांकीमोंगरा के कुदरीपारा क्रमांक दो मुख्य मार्ग निवासी देव कुमार अहिरवार ने पुलिस को बताया कि उन्होंने रात करीब 10 बजे अपनी पल्सर आरएस 200 मोटरसाइकिल क्रमांक सीजी 12 बीटी 6722 को दुकान के सामने ताला लगाकर खड़ा किया था। अगले दिन सुबह करीब सात बजे मोटरसाइकिल वहां नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने बांकीमोंगरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
चाबी बनवाने पहुंचे तो खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में एक चाबी बनाने वाले दुकानदार की सूचना से बड़ी मदद मिली। चोरी करने के बाद आरोपी मोटरसाइकिल की दूसरी चाबी बनवाने के लिए कोरबा के टीपी नगर स्थित एक दुकान पर पहुंचे थे। संयोग से जिस मोटरसाइकिल की चाबी बनवाने आरोपी पहुंचे थे, उसके मालिक का रिश्तेदार भी टीपी नगर में ही चाबी बनाने का काम करता है। आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर दुकानदार को उन पर शक हुआ। उसने बिना आरोपियों को भनक लगे आपातकालीन पुलिस सेवा को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्धों को पकड़ लिया।

शौक ने बनाया चोर,1आरोपी समेत 2 नाबालिग
पूछताछ में दो वाहनों की चोरी का खुलासा
पुलिस ने भिलाईबाजार, हरदीबाजार थाना क्षेत्र निवासी 19 वर्षीय मोनेन्द्र कुमार उर्फ मोनू, पिता विक्रमलाल निषाद को स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में पकड़ा। पूछताछ में उसने अपने दो नाबालिग साथियों के साथ मिलकर बांकीमोंगरा से पल्सर मोटरसाइकिल और कुसमुंडा क्षेत्र से एक स्कूटी चोरी करने की बात स्वीकार की। आरोपियों ने बताया कि उन्हें महंगी मोटरसाइकिल चलाने का शौक था, लेकिन उसे खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। इसी वजह से उन्होंने वाहन चोरी करने की योजना बनाई और दोनों वाहनों को चोरी कर लिया।

शौक ने बनाया चोर,1आरोपी समेत 2 नाबालिग
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की पल्सर आरएस 200 क्रमांक सीजी 12 बीटी 6722 और स्कूटी क्रमांक सीजी 12 बीयू 7208 बरामद की है। घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन को भी जब्त किया गया है। मुख्य आरोपी मोनेन्द्र कुमार को आठ सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वहीं, दोनों नाबालिगों को किशोर न्याय बोर्ड, कोरबा के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और चाबी बनाने वाले दुकानदार की सतर्कता से मोटरसाइकिल चोरी के मामले का कम समय में खुलासा हो गया।