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अवरुद्ध कर दिया सेना के जवान के घर का रास्ता
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जौनपुर। जलालपुर थाना क्षेत्र के चकमिर्दहा गांव निवासी एवं भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर तैनात राजेश कुमार यादव के पुश्तैनी घर का रास्ता मनबढ़ों ने अवरुद्ध कर दिया। राजेश के परिजनों ने स्थानीय पुलिस से लेकर जिलाधिकारी और एसपी से भी शिकायत की लेकिन कोई रास्ता अवरुद्ध किए जाने के दस दिन बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। राजेश ने सेना के उच्च अधिकारियों के अलावा जिले के अफसरों को भी शिकायती पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
सूबेदार राजेश यादव मौजूदा समय में भूटान बार्डर पर बिनागुड़ी पश्चिम बंगाल में तैनात है। उनके छोटे भाई दिनेश यादव की ओर से एसपी और डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि चकमिर्दहा गांव में उनका मकान बस्ती के दक्षिणी छोर पर है। जबकि मुख्य मार्ग से घर तक आने का रास्ता उत्तर की दिशा से आता है। अराजी संख्या 798/069 आबादी की जमीन है। इसी आबादी रास्ता उनके घर तक आता है। जिसपर बीच मे गांव के मनबढ़ परिवार के लोहों ने पांच जून को जबरन बाउंड्री का निर्माण करा लिया। अब उनके परिवार के लोग अतिरिक्त सफर तय कर पगडंडी के रास्ते घर आते जाते हैं। घर में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे चारपाई पर ही उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना होगा। चार पहिया आने का रास्ता बंद कर दिया गया। उनका आरोप है कि आला अधिकारियों के निर्देश के बाद भी न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही राजस्व विभाग के कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसकी शिकायत अब पीएम मोदी और सीएम योगी से करने का मन बनाया है।
सूबेदार राजेश यादव मौजूदा समय में भूटान बार्डर पर बिनागुड़ी पश्चिम बंगाल में तैनात है। उनके छोटे भाई दिनेश यादव की ओर से एसपी और डीएम को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि चकमिर्दहा गांव में उनका मकान बस्ती के दक्षिणी छोर पर है। जबकि मुख्य मार्ग से घर तक आने का रास्ता उत्तर की दिशा से आता है। अराजी संख्या 798/069 आबादी की जमीन है। इसी आबादी रास्ता उनके घर तक आता है। जिसपर बीच मे गांव के मनबढ़ परिवार के लोहों ने पांच जून को जबरन बाउंड्री का निर्माण करा लिया। अब उनके परिवार के लोग अतिरिक्त सफर तय कर पगडंडी के रास्ते घर आते जाते हैं। घर में अगर कोई बीमार हो जाए तो उसे चारपाई पर ही उठाकर मुख्य मार्ग तक ले जाना होगा। चार पहिया आने का रास्ता बंद कर दिया गया। उनका आरोप है कि आला अधिकारियों के निर्देश के बाद भी न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही राजस्व विभाग के कोई कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसकी शिकायत अब पीएम मोदी और सीएम योगी से करने का मन बनाया है।
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