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मजदूरी कर के परिवार की आजीविका चलाता था पवन
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मीरगंज। पवन गौतम मजदूरी करके अपने बीमार पिता व दादी का इलाज कराता था और उनका भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार के लोगों के समक्ष आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है।
मीरगंज थाना क्षेत्र के अलापुर गांव निवासी पवन की मां की मौत हो चुकी है। वह पिता और दादी के साथ घर पर रहता था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते किशोरावस्था में ही उसे मजदूरी करनी पड़ी। पवन का बड़ा भाई इंद्रेश अपनी पत्नी के साथ अलग रहता है। अब घर में मौजूद पवन के पिता जवाहरलाल और उसकी दादी की आजीविका के लिए कोई और माध्यम नहीं है। दोनों बीमार रहते हैं। उधर हत्यारोपी धर्मराज के माता पिता की मौत के माता-पिता की मौत के बाद जब पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया तो गम में उसे नशे की लत लग गई। नशे में धुत होकर अक्सर वह आबादी में अपने हिस्से के लिए पट्टीदारों से लड़ाई झगड़ा करता रहता था। लोगों को धमकाने के लिए वह चाकू लहराता था। इसके पहले उसने अपने चाचा मुन्नालाल पर भी चाकू से हमला किया था लेकिन वे बच गए थे। उस वक्त उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
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मीरगंज थाना क्षेत्र के अलापुर गांव निवासी पवन की मां की मौत हो चुकी है। वह पिता और दादी के साथ घर पर रहता था। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते किशोरावस्था में ही उसे मजदूरी करनी पड़ी। पवन का बड़ा भाई इंद्रेश अपनी पत्नी के साथ अलग रहता है। अब घर में मौजूद पवन के पिता जवाहरलाल और उसकी दादी की आजीविका के लिए कोई और माध्यम नहीं है। दोनों बीमार रहते हैं। उधर हत्यारोपी धर्मराज के माता पिता की मौत के माता-पिता की मौत के बाद जब पत्नी ने भी उसका साथ छोड़ दिया तो गम में उसे नशे की लत लग गई। नशे में धुत होकर अक्सर वह आबादी में अपने हिस्से के लिए पट्टीदारों से लड़ाई झगड़ा करता रहता था। लोगों को धमकाने के लिए वह चाकू लहराता था। इसके पहले उसने अपने चाचा मुन्नालाल पर भी चाकू से हमला किया था लेकिन वे बच गए थे। उस वक्त उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
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