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मुर्गरा चुराने का विरोध पड़ा महंगा
Updated Thu, 15 Nov 2018 01:14 AM IST
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सिंगरामऊ। जिन लोगों के साथ मखंचू रोज घूमता-टहलता था, उन्हीं लोगों ने मुर्गा चोरी करने के विरोध पर उसकी जान ले ली। यह बात पुलिस की तफ्तीश में सामने आई है। सीओ बदलापुर ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। मृतक के भतीजे पप्पू का कहना है कि यदि समय से इलाज की व्यवस्था हो जाती तो उनकी जान बच जाती।
सिंघावल गांव में तीन दिन पहले मखंचू के पड़ोसी छोटेलाल परिवार के साथ कहीं गया था। उसका देशी मुर्गा देख कर गांव के ही कुछ लोग लालच में पड़ गए। उसे पकड़ते समय मखंचू ने देख लिया। उसने आपत्ति की तो उन्होंने मुर्गा तो नहीं पकड़ा, लेकिन मखंचू को सबक सिखाने की ठान ली। कुछ देर बाद उसे बुलाकर अपने साथ ले गए और उसे मुर्गा खिलाया और शराब पिलाई। फिर उससे किसी बहाने से झगड़ा शुरू कर दिया। उसे मारपीट कर बुरी तरह घायल करने के बाद फोन कर एक्सीडेंट होने की बात कह कर एंबुलेंस बुलाई और पीएचसी बदलापुर ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में मखंचू की मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और आपराधिक मानव वध का मुकदमा पंजीकृत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद सिंगरामऊ थाने पर शव आने के बाद परिजनों ने पुलिस पर लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए शव को घर ले जाने से इंकार करते हुए थाने पर प्रदर्शन किया। केस में एक का नाम बढ़ाए जाने की मांग की। सैकड़ों ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर घर पर शव को रखकर उच्च अधिकारियों को मौके पर आने की मांग पर अड़े रहे और शोर शराबा मचाने लगे। बदलापुर तहसीलदार के द्वारा आवास के लिए आश्वासन दिया गया और पुलिस अधिकारियों द्वारा मुकदमे में नाम बढ़ाने के आश्वासन पर मंगलवार देर शाम मृतक के घर के बगल में शव को गड्ढे में दफन किया गया। मगर पुलिस का कहना है कि केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है।
सिंघावल गांव में तीन दिन पहले मखंचू के पड़ोसी छोटेलाल परिवार के साथ कहीं गया था। उसका देशी मुर्गा देख कर गांव के ही कुछ लोग लालच में पड़ गए। उसे पकड़ते समय मखंचू ने देख लिया। उसने आपत्ति की तो उन्होंने मुर्गा तो नहीं पकड़ा, लेकिन मखंचू को सबक सिखाने की ठान ली। कुछ देर बाद उसे बुलाकर अपने साथ ले गए और उसे मुर्गा खिलाया और शराब पिलाई। फिर उससे किसी बहाने से झगड़ा शुरू कर दिया। उसे मारपीट कर बुरी तरह घायल करने के बाद फोन कर एक्सीडेंट होने की बात कह कर एंबुलेंस बुलाई और पीएचसी बदलापुर ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में मखंचू की मौत हो गई। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ एससी एसटी एक्ट और आपराधिक मानव वध का मुकदमा पंजीकृत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में अब राजनीति भी शुरू हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद सिंगरामऊ थाने पर शव आने के बाद परिजनों ने पुलिस पर लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए शव को घर ले जाने से इंकार करते हुए थाने पर प्रदर्शन किया। केस में एक का नाम बढ़ाए जाने की मांग की। सैकड़ों ग्रामीणों ने आक्रोशित होकर घर पर शव को रखकर उच्च अधिकारियों को मौके पर आने की मांग पर अड़े रहे और शोर शराबा मचाने लगे। बदलापुर तहसीलदार के द्वारा आवास के लिए आश्वासन दिया गया और पुलिस अधिकारियों द्वारा मुकदमे में नाम बढ़ाने के आश्वासन पर मंगलवार देर शाम मृतक के घर के बगल में शव को गड्ढे में दफन किया गया। मगर पुलिस का कहना है कि केवल दो आरोपियों को ही गिरफ्तार किया गया है।
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