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एक ही गांव के आठ लोगों की मौत से पसरा मातम
Updated Sat, 24 Mar 2018 12:18 AM IST
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रोते बिलखते परिजन
मुंगराबादशाहपुर(जौनपुर)। गौरैयाडीह के लोग उत्साह के साथ देवी दर्शन के लिए निकले थे। गांव वालों को क्या पता था कि खुशियां मातम में बदल जाएंगी। दोपहर बाद हादसे की खबर आई तो अफरातफरी मच गई। सब हादसा स्थल की ओर भागे। शाम को आठ लोगों के मौत की खबर से गांव में मातम पसर गया। हर तरफ सिसकियां और चीत्कार ही सुनाई देने लगी।
गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ जिले की सीमा में फतनपुर थाना क्षेत्र के जगतपुर मोड़ के पास टेंपो पर सवार होकर श्रद्धालु पहुंचे तो सामने आ रही ट्रक ने धक्का मार दिया। यह खबर जब गौरैयाडीह पहुंची तो अफरातफरी मच गई। गांव के लोग हादसा स्थल की ओर भागे। हादसे में टेंपो में सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें आठ लोग गौरैयाडीह के ही थे। हकीकत पता चलने पर गांव में मातम पसर गया। महिलाओं ने रोना शुरू कर दिया। चीत्कार और सिसकियों से सुनने वाले का कलेजा बैठ जा रहा था। किसी ने मां को खो दिया तो किसी ने बेटे और बेटी को। मरने वालों में दो मासूमों समेत चार लोग एक ही परिवार के थे। गौरैयाडीह में सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए चलने की तैयारी चल रही थी । कौन-कौन चलेगा यह पहले से तय नहीं था। गांव के ही दीपक के पास टेंपो था। दीपक दर्शन करने जाने के लिए तैयार हुआ तो गांव की महिलाएं भी तैयार होने लगीं। टेंपो में 16 लोग सवार हो गए। किसे पता था कि उन्हें काल खींच रहा है। तीन किलोमीटर दूर ही हादसा हो गया और 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में लोग जुटने लगे। आसपास के गांवों के तमाम लोग पहुंचे लेकिन सन्नाटा ही छाया रहा। इस सन्नाटे को सिसकियां ही चीर रही थीं।
हादसे के बाद नन्हें लाल पर तो विपत्ति का पहाड़ टूट गया। उसका पूरा घर ही लुट गया। परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर सुनकर उसे काठ मार गया था। वह खामोश हो गए।
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प्रतापगढ़ के जगतपुर मोड़ के पास हुए हादसे में जिन 11 लोगों की मौत हुई है उसमें चार एक ही परिवार के हैं। नन्हें लाल की बहू रंजना (30), पुत्री नीलम( 28), संजना (13 ), ननिहाल मे ही रहने वाली नतिनी अंशु(7) की मौत हो गई। घर वाले जब दर्शन करने के लिए चौहरजन धाम जा रहे तो पूरे परिवार में उत्साह था। बहू जाने लगी तो बच्चे भी तैयार हो गए। किसे मालूम था कि विधि ने क्या लिखा है।
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गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर प्रतापगढ़ जिले की सीमा में फतनपुर थाना क्षेत्र के जगतपुर मोड़ के पास टेंपो पर सवार होकर श्रद्धालु पहुंचे तो सामने आ रही ट्रक ने धक्का मार दिया। यह खबर जब गौरैयाडीह पहुंची तो अफरातफरी मच गई। गांव के लोग हादसा स्थल की ओर भागे। हादसे में टेंपो में सवार 11 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें आठ लोग गौरैयाडीह के ही थे। हकीकत पता चलने पर गांव में मातम पसर गया। महिलाओं ने रोना शुरू कर दिया। चीत्कार और सिसकियों से सुनने वाले का कलेजा बैठ जा रहा था। किसी ने मां को खो दिया तो किसी ने बेटे और बेटी को। मरने वालों में दो मासूमों समेत चार लोग एक ही परिवार के थे। गौरैयाडीह में सुबह से ही दर्शन पूजन के लिए चलने की तैयारी चल रही थी । कौन-कौन चलेगा यह पहले से तय नहीं था। गांव के ही दीपक के पास टेंपो था। दीपक दर्शन करने जाने के लिए तैयार हुआ तो गांव की महिलाएं भी तैयार होने लगीं। टेंपो में 16 लोग सवार हो गए। किसे पता था कि उन्हें काल खींच रहा है। तीन किलोमीटर दूर ही हादसा हो गया और 11 लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में लोग जुटने लगे। आसपास के गांवों के तमाम लोग पहुंचे लेकिन सन्नाटा ही छाया रहा। इस सन्नाटे को सिसकियां ही चीर रही थीं।
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हादसे के बाद नन्हें लाल पर तो विपत्ति का पहाड़ टूट गया। उसका पूरा घर ही लुट गया। परिवार के चार सदस्यों की मौत की खबर सुनकर उसे काठ मार गया था। वह खामोश हो गए।
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प्रतापगढ़ के जगतपुर मोड़ के पास हुए हादसे में जिन 11 लोगों की मौत हुई है उसमें चार एक ही परिवार के हैं। नन्हें लाल की बहू रंजना (30), पुत्री नीलम( 28), संजना (13 ), ननिहाल मे ही रहने वाली नतिनी अंशु(7) की मौत हो गई। घर वाले जब दर्शन करने के लिए चौहरजन धाम जा रहे तो पूरे परिवार में उत्साह था। बहू जाने लगी तो बच्चे भी तैयार हो गए। किसे मालूम था कि विधि ने क्या लिखा है।