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घर के अंदर महिला की गला रेतकर हत्या
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:36 AM IST
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सुल्तानपुर हाय में महिला की चाकू मारकर हत्या के बाद बिलखती परिवार की महिलाएं
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मौत के पंद्रह मिनट पहले ही पति को किया था फोन
जौनपुर। हत्या से करीब पंद्रह मिनट पहले ऊषा मौर्या ने पति त्रिभुवन से फोन पर बात की थी। त्रिभुवन ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि वह सुबह करीब 9:05 पर घर से मंडी के लिए निकला था। 9:55 पर उसकी पत्नी ने फोन किया और अदरक, लहसुन, मिर्चा, धनिया आदि सामान घर लाने की बात कही थी। पत्नी का फोन आने के 10-15 मिनट बाद ही उसकी भतीजी सोनाली ने फोन कर बताया कि कमरे से तेज धुआं निकल रहा है। जल्दी घर आ जाइए। वह भागकर घर पहुंचा तो घर के बाहर भीड़ थी। कमरे में पत्नी की लाश पड़ी थी। मृृतका ऊषा मौर्या (35) तीन बच्चों की मां थी। उसकी बड़ी बेटी श्रेया उर्फ आंचल (14) कक्षा नौ की छात्रा है जबकि रिया (10) पांचवीं और बेटा आयुष (8) तीसरी कक्षा का छात्र है। तीनों घर के पास में ही स्थित जेआरएम पब्लिक स्कूल में बढ़ते हैं। मां की हत्या की खबर मिलते ही बच्चे रोते बिलखते घर पहुंचे और शव से लिपटकर रोने लगे। बिस्तर पर ऊषा मौर्या के शव के पास ही एक गैस सिलेंडर भी पड़ा था जिसमे रेग्युलेटर लगा था। रसोई में पड़े गैस सिलेंडर से पाइप निकली हुई थी। पुलिस इस बिंदू पर जांच कर रही है। आशंका है कि बिस्तर में आग गैस सिलेंडर से ही लगाई गई होगी। मृतका ऊषा मौर्या का पति त्रिभुवन पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है। त्रिभुवन का बड़ा भाई घनश्याम उसी मोहल्ले में अलग मकान में रहता है जबकि त्रिभुवन और लक्ष्मीशंकर मकान की प्रथम तल पर अलग अलग कमरे में रहते हैं। उसके दूसरे भाई नरसिंह मौर्य और विनोद मौर्य का परिवार उसी मकान के भूतल पर रहता है। त्रिभुवन सब्जी की खेती करता है जबकि उसका छोटा भाई लक्ष्मीशंकर नर्सरी स्कूल चलाता है। अन्य भाई खेती के साथ डीजे, लाइट जनरेटर आदि का व्यवसाय करते हैं।
ऊषा मौर्या की हत्या मामले में पुलिस की शक की सुई करीबियों के इर्दगिर्द ही घूम रही है। घटना की सूचना पर जब डॉग स्क्वॉड पहुंचा तो हैंडलर ने उसे पहले कमरे में खून से सनी चाकू सुंघाई। गंध लेकर शौर्य कमरे से बाहर निकला और भीड़ में मौजूद एक महिला के पास जाकर रुक गया। डाग हैंडलर ने दोबारा शौर्य को घटना वाले कमरे में ले गया वहां से वह फिर निकला तो उसी महिला के पास जाकर रुक गया। इससे महिला के चेहरे की हवाइयां भी उड़ने लगीं। पुलिस का भी मानना है कि घटना के पीछे कहीं न कहीं करीबियों का भी हाथ हो सकता है। बहरहाल हत्या की असली वजह तो जांच के बाद ही सामने आएगी।
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जौनपुर। हत्या से करीब पंद्रह मिनट पहले ऊषा मौर्या ने पति त्रिभुवन से फोन पर बात की थी। त्रिभुवन ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि वह सुबह करीब 9:05 पर घर से मंडी के लिए निकला था। 9:55 पर उसकी पत्नी ने फोन किया और अदरक, लहसुन, मिर्चा, धनिया आदि सामान घर लाने की बात कही थी। पत्नी का फोन आने के 10-15 मिनट बाद ही उसकी भतीजी सोनाली ने फोन कर बताया कि कमरे से तेज धुआं निकल रहा है। जल्दी घर आ जाइए। वह भागकर घर पहुंचा तो घर के बाहर भीड़ थी। कमरे में पत्नी की लाश पड़ी थी। मृृतका ऊषा मौर्या (35) तीन बच्चों की मां थी। उसकी बड़ी बेटी श्रेया उर्फ आंचल (14) कक्षा नौ की छात्रा है जबकि रिया (10) पांचवीं और बेटा आयुष (8) तीसरी कक्षा का छात्र है। तीनों घर के पास में ही स्थित जेआरएम पब्लिक स्कूल में बढ़ते हैं। मां की हत्या की खबर मिलते ही बच्चे रोते बिलखते घर पहुंचे और शव से लिपटकर रोने लगे। बिस्तर पर ऊषा मौर्या के शव के पास ही एक गैस सिलेंडर भी पड़ा था जिसमे रेग्युलेटर लगा था। रसोई में पड़े गैस सिलेंडर से पाइप निकली हुई थी। पुलिस इस बिंदू पर जांच कर रही है। आशंका है कि बिस्तर में आग गैस सिलेंडर से ही लगाई गई होगी। मृतका ऊषा मौर्या का पति त्रिभुवन पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है। त्रिभुवन का बड़ा भाई घनश्याम उसी मोहल्ले में अलग मकान में रहता है जबकि त्रिभुवन और लक्ष्मीशंकर मकान की प्रथम तल पर अलग अलग कमरे में रहते हैं। उसके दूसरे भाई नरसिंह मौर्य और विनोद मौर्य का परिवार उसी मकान के भूतल पर रहता है। त्रिभुवन सब्जी की खेती करता है जबकि उसका छोटा भाई लक्ष्मीशंकर नर्सरी स्कूल चलाता है। अन्य भाई खेती के साथ डीजे, लाइट जनरेटर आदि का व्यवसाय करते हैं।
ऊषा मौर्या की हत्या मामले में पुलिस की शक की सुई करीबियों के इर्दगिर्द ही घूम रही है। घटना की सूचना पर जब डॉग स्क्वॉड पहुंचा तो हैंडलर ने उसे पहले कमरे में खून से सनी चाकू सुंघाई। गंध लेकर शौर्य कमरे से बाहर निकला और भीड़ में मौजूद एक महिला के पास जाकर रुक गया। डाग हैंडलर ने दोबारा शौर्य को घटना वाले कमरे में ले गया वहां से वह फिर निकला तो उसी महिला के पास जाकर रुक गया। इससे महिला के चेहरे की हवाइयां भी उड़ने लगीं। पुलिस का भी मानना है कि घटना के पीछे कहीं न कहीं करीबियों का भी हाथ हो सकता है। बहरहाल हत्या की असली वजह तो जांच के बाद ही सामने आएगी।
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