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दुष्कर्म मामले में 10 साल की सश्रम कैद
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:48 AM IST
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अदालत का फैसला
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मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र में तीन साल पहले लड़की से दुष्कर्म करने व जबरन गर्भ गिरवाने के मामले गुरुवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने फैसला सुनाया। कोर्ट के जज एमपी सिंह ने बहोरिकपुर निवासी सुनील पाल को दोषी करार देते हुए खुले कोर्ट में 10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की धनराशि नहीं अदा करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन कथानक के अनुसार- मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़की के घर वालों ने थाने में 13 जुलाई 2013 को इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि बहोरिकपुर निवासी सुनील पाल ने शादी का
झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाता रहा। इससे वह गर्भवती हो गई। जब शादी की बात आयी तो उसने इंकार कर दिया। साथ ही जबरन गर्भपात करा दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशाद बहाव ने पांच गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के पश्चात आरोपी सुनील पाल को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 30 हजार रुपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है।
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साथ ही 30 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की धनराशि नहीं अदा करने पर दो वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन कथानक के अनुसार- मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी लड़की के घर वालों ने थाने में 13 जुलाई 2013 को इस आशय की रिपोर्ट दर्ज कराई कि बहोरिकपुर निवासी सुनील पाल ने शादी का
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झांसा देकर कई वर्षों तक शारीरिक संबंध बनाता रहा। इससे वह गर्भवती हो गई। जब शादी की बात आयी तो उसने इंकार कर दिया। साथ ही जबरन गर्भपात करा दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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अभियोजन पक्ष से सहायक शासकीय अधिवक्ता अरशाद बहाव ने पांच गवाह कोर्ट में परिक्षित कराया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस व तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के परिसीलन के पश्चात आरोपी सुनील पाल को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 30 हजार रुपया अर्थ दंड की सजा सुनाई है।