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पूर्व सांसद उमाकांत यादव की याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार

Thu, 02 Jun 2016 09:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली Updated Thu, 02 Jun 2016 09:34 PM IST
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court rejects appeal to hear ex-mp umakant yadav plea
फर्जीवाड़े में सात साल की सजा पाए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व सांसद उमाकांत यादव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है। अगले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के मकसद से यादव ने याचिका दाखिल कर दोष सिद्धि और सात साल की सजा स्थगित करने की गुहार लगाई है।
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गुरुवार को उमाकांत यादव की याचिका का न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष उल्लेख किया गया, लेकिन पीठ ने याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि याचिका पर जल्द सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। पीठ ने कहा कि याचिका पर नियमित पीठ सुनवाई करेगी।

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इससे पहले पूर्व सांसद की ओर से पेश वकील दुष्यंत पराशर ने पीठ के समक्ष कहा कि जब तक अपील लंबित है तब तक उनके मुवक्किल की दोष सिद्धि और सजा को स्थगित कर दिया जाए। उन्होंने बताया कि उमाकांत यादव न केवल जौनपुर के सांसद रह चुके हैं बल्कि तीन बार विधायक भी रह चुके हैं। दुष्यंत ने कहा कि अगर यादव की सजा और दोष सिद्धि को स्थगित नहीं किया गया तो वह 2017 में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। इस पर पीठ ने कहा, हमें इस बात से कोई सरोकार नहीं है कि याचिकाकर्ता विधायक है या सांसद, कानून के समक्ष सब बराबर हैं। उमाकांत यादव वर्ष 2013 से जमानत पर हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2006 में उमाकांत यादव ने कथित तौर पर गलत तथ्य पेश कर जौनपुर के एक गांव की जमीन को अपने नाम करा लिया था। यादव ने पंजीकरण अथॉरिटी के समक्ष जमीन के वास्तविक मालिक की जगह दूसरी औरत को पेश किया था। 

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