Jaunpur: बच्चों को सोता छोड़ माता-पिता ने एक ही साड़ी से लगाई फांसी, कर्ज और घरेलू कलह में तो नहीं दी जान?
जौनपुर के जमालपुर हीरापुर निवासी रमेश कुमार (30) और उसकी पत्नी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दोनों का शव एक ही साड़ी के फंदे से लटका मिला। खुदकुशी का कारण साफ नहीं है।
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यूपी के जौनपुर जिले के विगही जमालपुर हीरापुर गांव की अनुसूचित बस्ती में पति-पत्नी का एक ही साड़ी के फंदे से लटकता शव मिला। इस खौफनाक कदम के पीछे का कारण समूहों से कर्ज लेना व पारिवारिक कलह बताया जा रहा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
जलालपुर थाना क्षेत्र के विगही जमालपुर हीरापुर निवासी रमेश कुमार (30) पुत्र स्व. लाल बहादुर राजगीर मिस्त्री का काम करता था। रोजाना की तरह वह सोमवार की रात खाना खाने के बाद अपनी पत्नी मोनी (27) व दो बच्चों के साथ कमरे में सोने गया। रमेश की बहन सुनीता ने बताया कि रमेश व उसकी पत्नी व बच्चे प्रतिदिन सुबह 10 बजे के बाद ही सोकर उठते थे। उनका परिवार के लोगों से कोई मतलब नहीं रहता था।
तीन भाइयों में सबसे बड़ा था रमेश
मंगलवार सुबह रमेश की बड़ी लड़की अनन्या रोते हुए कमरे से बाहर निकली। तब सुनीता घर में गई तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। सीमेंट शेड की पाइप से साड़ी के फंदे से दोनों लटके हुए थे। चीख सुनकर आस-पास के लोग इकट्ठा हो गए। रमेश तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। रमेश की दो पुत्रियां अनन्या (3) व प्रियांशी (1) हैं।
रमेश से छोटा भाई दिनेश कुमार रोजी-रोटी के सिलसिले में परिवार के साथ बाहर रहता है। सबसे छोटा भाई जयहिंद उर्फ छोटू अपनी बूढ़ी मां राजकुमारी व दो छोटी बहनों के साथ अलग रहता है। प्रधान जंग बहादुर यादव की सूचना पर जफराबाद थाना प्रभारी रामसरिख गौतम मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों के शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थाना प्रभारी रामसरिख गौतम ने बताया कि मामला पारिवारिक कलह का लगता है। मृतकों का मोबाइल लिया गया है। उसकी जांच भी की जाएगी। उसने बैंक से कर्ज भी ले रखा था, हो सकता है वह भी एक पहलू हो। सभी बिंदुओं पर जांच की जाएगी।
पांच समूहों से ले रखा था कर्ज
रमेश कुमार व उसकी पत्नी मीना ने पांच समूहों से तीन लाख दो हजार 361 रुपये कर्ज ले रखा था। जिसमें उसने एक लाख 17 हजार 871 रुपये जमा किया था। इसमें एक लाख 84 हजार 490 रुपये बाकी था। सोमवार को किस्त जमा करने का समय था। मैनेजर किस्त के लिए घर भी गया था लेकिन रमेश पैसा जमा नहीं कर पाया। कहीं खुदकुशी का कारण यह भी बन सकता है। रमेश के नाम से एक समूह, मोनी के नाम से तीन समूहों से एक समूह में दोनों के पर नाम लोन था। उसकी बाइक पर भी लोन पर था।