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श्रमदान कर बनाया संपर्क मार्ग
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 29 Dec 2014 11:52 PM IST
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सवायन गांव की दलित बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले जिस संपर्क मार्ग को बनवाने के लिए 25 साल से इंतजार हो रहा था, उसे गांव के लोगों ने खुद बना डाला। वह भी सिर्फ दो दिन में।
अब इस मार्ग को सरकारी अभिलेखों में भी श्रमदान दर्ज करने के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों ने इस बात की आशंका जताई है कि अधिकारी इस पर निगरानी नहीं किए तो कोई ताज्जुब नहीं कि ग्रामीणों की मेहनत का लाभ उठाते हुए इस पर भी सरकारी धन जारी कर लिया जाएगा।
सवायन ग्राम पंचायत की दलित बस्ती से लालापुर डाकबंगला के पास मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सरकारी अभिलेखों में संपर्क मार्ग दर्ज है, लेकिन उसका निर्माण नहीं किया गया था। बस्ती के लोग पिछले 25 साल से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे।
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पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा के चुुनाव में भी ग्रामीणों को यह संपर्क मार्ग बनवाने के लिए खूब आश्वासन मिलते थे, लेकिन चुनाव बीतने के बाद कोई बस्ती में झांकने तक नहीं गया।
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश झेलकर निराश हो चुके ग्रामीणों ने खुद से मार्ग का निर्माण करने का संकल्प लिया। शनिवार की शाम को गांव के बुुधिराम, सुदीन, राम सहायिक, बलिकरन, रामप्यारे, वकील, सत्यनारायण, रमाकांत, हरिचरण, अरविंद, छोटेलाल, हौसिला आदि ने बैठक कर खुद से सड़क के निर्माण का फैसला लिया।
अगले दिन रविवार को सुबह छह बजे ही लोग फावड़ा लेकर मिशन पर जुट गए। इस बात की खबर गांव की अन्य बस्ती के लोगों को मिली तो वे भी फावड़ा लेकर पहुंच गए। देखते ही देखते सौ से अधिक मेहनतकश लोग रोड बनाने में लग गए। पहले दिन ही तीन सौ मीटर सड़क बनकर तैयार हो गई।
दूसरे दिन सोमवार को भी ग्रामीणों ने श्रमदान किया और छह सौ मीटर तक मार्ग तैयार हो गया। अभी दो सौ मीटर सड़क निर्माण का काम और बाकी है।
मंगलवार तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। अब ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि इस पर ग्राम पंचायत या किसी अन्य एजेंसी द्वारा पैसे न भुगतान करा लिए जाएं, इसके लिए इस कार्य को अभिलेखों में भी श्रमदान घोषित कर दिया जाए।
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अब इस मार्ग को सरकारी अभिलेखों में भी श्रमदान दर्ज करने के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई गई है। ग्रामीणों ने इस बात की आशंका जताई है कि अधिकारी इस पर निगरानी नहीं किए तो कोई ताज्जुब नहीं कि ग्रामीणों की मेहनत का लाभ उठाते हुए इस पर भी सरकारी धन जारी कर लिया जाएगा।
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सवायन ग्राम पंचायत की दलित बस्ती से लालापुर डाकबंगला के पास मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सरकारी अभिलेखों में संपर्क मार्ग दर्ज है, लेकिन उसका निर्माण नहीं किया गया था। बस्ती के लोग पिछले 25 साल से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे।
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पंचायत चुनाव से लेकर विधानसभा और लोकसभा के चुुनाव में भी ग्रामीणों को यह संपर्क मार्ग बनवाने के लिए खूब आश्वासन मिलते थे, लेकिन चुनाव बीतने के बाद कोई बस्ती में झांकने तक नहीं गया।
जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश झेलकर निराश हो चुके ग्रामीणों ने खुद से मार्ग का निर्माण करने का संकल्प लिया। शनिवार की शाम को गांव के बुुधिराम, सुदीन, राम सहायिक, बलिकरन, रामप्यारे, वकील, सत्यनारायण, रमाकांत, हरिचरण, अरविंद, छोटेलाल, हौसिला आदि ने बैठक कर खुद से सड़क के निर्माण का फैसला लिया।
अगले दिन रविवार को सुबह छह बजे ही लोग फावड़ा लेकर मिशन पर जुट गए। इस बात की खबर गांव की अन्य बस्ती के लोगों को मिली तो वे भी फावड़ा लेकर पहुंच गए। देखते ही देखते सौ से अधिक मेहनतकश लोग रोड बनाने में लग गए। पहले दिन ही तीन सौ मीटर सड़क बनकर तैयार हो गई।
दूसरे दिन सोमवार को भी ग्रामीणों ने श्रमदान किया और छह सौ मीटर तक मार्ग तैयार हो गया। अभी दो सौ मीटर सड़क निर्माण का काम और बाकी है।
मंगलवार तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। अब ग्रामीणों ने डीएम से मांग की है कि इस पर ग्राम पंचायत या किसी अन्य एजेंसी द्वारा पैसे न भुगतान करा लिए जाएं, इसके लिए इस कार्य को अभिलेखों में भी श्रमदान घोषित कर दिया जाए।