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Jaunpur News: यूजी पीजी के अंकपत्रों में नाम संशोधन को लेकर समिति की सहमति
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वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सोमवार को परीक्षा समिति की बैठक हुई। इस दौरान कई अहम निर्णय भी लिए गए। इसमें यूजी पीजी के अंकपत्रों में नाम संशोधन को लेकर समिति ने सहमति प्रदान की। यूजी के परीक्षक पीजी की कापियों का मूल्यांकन कर सकेंगे। साथ ही कोरोना काल के अपूर्ण रिजल्ट को औसत अंक देकर पूर्ण करने का निर्णय लिया गया।
परीक्षा समिति की बैठक कुलपति सभागार में कुलपति प्रो.निर्मला एस मौर्य की अध्यक्षता में ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराई गई। इसमें एक दर्जन एजेंडों पर विचार किया गया। प्रमुख एजेंडा स्नातक परास्नातक कक्षाओं के छात्रों के अंकपत्र में त्रुटियों के संशोधन को लेकर था। जिसपर समिति ने यह निर्णय दिया कि हाईस्कूल के रिकॉर्ड के आधार पर उनका अंक पत्रों में नाम संशोधन किया जा सकेगा। इसके अलावा अंकों में कोई संशोधन नहीं होगा और इसके लिए तीन महीने का समय निर्धारित किया जाएगा। जिससे समय सीमा के अंदर इसका संशोधन हो और इस बारे में पब्लिक नोटिस जारी किया जाए। स्नातक में अनुमोदित अध्यापक यदि अपने स्नातकोत्तर छात्रों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं तो उनसे स्नातकोत्तर कक्षा की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन कराने पर भी सहमति प्रदान कर दी गई। काफी कालेजों ने छात्रों का फार्म भरकर उसका सत्यापन करा लिया लेकिन उतने छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए, कालेज ने शुल्क नहीं जमा किया। ऐसे जितने भी कॉलेज हैं उनका सत्यापन संख्या के आधार पर फीस जमा होगा, जमा न करने पर रिजल्ट रोक दिया जाएगा। जिसमें जीबीएसएस महिला महाविद्यालय आजमगढ़ का भी मामला शामिल है। पीजी पहले सेमेस्टर में स्नातक की तरह ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने पर सहमति दी गई। बीते सेमेस्टर परीक्षा में स्नातक पाठ्यक्रमों के तृतीय सेमेस्टर की ह्यूमन वैल्यूज एवं इनवारमेंटल स्टडीज का पेपर अंग्रेजी में छप गया था, जिससे काफी छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था और काफी ने परीक्षा दे दिया था तो इसमें तय हुआ कि इसका नंबर जोड़ा जाना नहीं है तो छात्रों को न्यूनतम अंक देकर उनसबको उत्तीर्ण कर दिया जाए। बीएससी कृषि प्रथम सेमेस्टर 2020-21 कोविड-19 में कुछ प्रश्न पत्रों की परीक्षा नहीं कराई गई थी, उन प्रश्नपत्रों मेंछात्रों को औसत अंक देकर पास करने की समिति ने हरी झंडी दे दी।
इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय, प्रो.राजेश शर्मा, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो.बीबी तिवारी, प्रो.अजय प्रताप, प्रो.रामनारायण, प्रो.ओमप्रकाश सिंह, प्रो.सत्यप्रकाश, डॉ.राजकुमार आदि मौजूद रहे। संचालन परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह ने किया।
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परीक्षा समिति की बैठक कुलपति सभागार में कुलपति प्रो.निर्मला एस मौर्य की अध्यक्षता में ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरीकों से कराई गई। इसमें एक दर्जन एजेंडों पर विचार किया गया। प्रमुख एजेंडा स्नातक परास्नातक कक्षाओं के छात्रों के अंकपत्र में त्रुटियों के संशोधन को लेकर था। जिसपर समिति ने यह निर्णय दिया कि हाईस्कूल के रिकॉर्ड के आधार पर उनका अंक पत्रों में नाम संशोधन किया जा सकेगा। इसके अलावा अंकों में कोई संशोधन नहीं होगा और इसके लिए तीन महीने का समय निर्धारित किया जाएगा। जिससे समय सीमा के अंदर इसका संशोधन हो और इस बारे में पब्लिक नोटिस जारी किया जाए। स्नातक में अनुमोदित अध्यापक यदि अपने स्नातकोत्तर छात्रों को पढ़ाने का कार्य कर रहे हैं तो उनसे स्नातकोत्तर कक्षा की उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन कराने पर भी सहमति प्रदान कर दी गई। काफी कालेजों ने छात्रों का फार्म भरकर उसका सत्यापन करा लिया लेकिन उतने छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुए, कालेज ने शुल्क नहीं जमा किया। ऐसे जितने भी कॉलेज हैं उनका सत्यापन संख्या के आधार पर फीस जमा होगा, जमा न करने पर रिजल्ट रोक दिया जाएगा। जिसमें जीबीएसएस महिला महाविद्यालय आजमगढ़ का भी मामला शामिल है। पीजी पहले सेमेस्टर में स्नातक की तरह ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने पर सहमति दी गई। बीते सेमेस्टर परीक्षा में स्नातक पाठ्यक्रमों के तृतीय सेमेस्टर की ह्यूमन वैल्यूज एवं इनवारमेंटल स्टडीज का पेपर अंग्रेजी में छप गया था, जिससे काफी छात्रों ने परीक्षा का बहिष्कार कर दिया था और काफी ने परीक्षा दे दिया था तो इसमें तय हुआ कि इसका नंबर जोड़ा जाना नहीं है तो छात्रों को न्यूनतम अंक देकर उनसबको उत्तीर्ण कर दिया जाए। बीएससी कृषि प्रथम सेमेस्टर 2020-21 कोविड-19 में कुछ प्रश्न पत्रों की परीक्षा नहीं कराई गई थी, उन प्रश्नपत्रों मेंछात्रों को औसत अंक देकर पास करने की समिति ने हरी झंडी दे दी।
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इस अवसर पर कुलसचिव महेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी संजय राय, प्रो.राजेश शर्मा, प्रो.अजय द्विवेदी, प्रो.बीबी तिवारी, प्रो.अजय प्रताप, प्रो.रामनारायण, प्रो.ओमप्रकाश सिंह, प्रो.सत्यप्रकाश, डॉ.राजकुमार आदि मौजूद रहे। संचालन परीक्षा नियंत्रक बीएन सिंह ने किया।
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