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ठंड, गलन से छूटी कंपकंपी, दो मरे
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Mon, 29 Dec 2014 11:47 PM IST
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ठंड का जानलेवा कहर जारी है। सोमवार को जिले में ठंड से जहां दो लोगों की मौत हो गई, वहीं जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। जगह-जगह लोग अलाव से चिपके रहे। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान लुढ़ककर 17 डिग्री पर आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान सात डिग्री दर्ज किया गया।
हाड़ कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन बेपटरी कर दिया है। कोहरे के चलते सड़क यातायात बुरी तरह लड़खड़ा गया है। दो घंटे का सफर पूरा करने में ढाई से तीन गुना समय जाया करना पड़ रहा है। दृश्यता कम होने से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
सोमवार को दिनभर सूर्यदेव का दर्शन नहीं हुआ। दोपहर बाद तीन बजे के आसपास सूर्यदेव दिखे भी तो चंद मिनटों के लिए। इस दौरान शीतलहर से गलन ने कंपकंपी छुड़ा दी। विद्यालयों में 30 दिसंबर तक अवकाश घोषित होने के चलते मासूमों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन आम आदमी को ठंड ने रजाई में दुबके रहने पर मजबूर कर दिया।
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जरूरी काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलने वालों के चेहरे ठंड हवाओं ने सुर्ख कर दिया। गर्म कपड़े के अंदर भी पूरे दिन गलन का आभास होता रहा। शाम पांच, छह बजे से ही कोहरे का प्रकोप शुरू होने के नाते सड़कों पर यातायात की संख्या घटने लगी।
शाम ढलते-ढलते कोहरे की मोटी चादर तन गई और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे बैठे दिखे। सुजानगंजः के भीरमपुर गांव निवासी अरविंद सिंह (45) की ठंड लगने से मौत हो गई। वह रविवार की रात किसी काम से बेलवार बाजार गए थे। वापस आते समय गोल्हनामऊ में साइकिल से गिर गए।
रात भर वहीं पड़े रहे। सुबह ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के मुताबिक ठंड लगने से मौत हुई है।
रामपुरः बसंता सरोज (40) निवासी आशापुर रात में मड़हे में सोए थे। अचानक पेट में दर्द हुआ। परिवार वाले इलाज के लिए इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान मौत हो गई। घर वालों के मुताबिक ठंड लगने से मौत हुई है।
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हाड़ कंपा देने वाली ठंड और घने कोहरे ने सामान्य जनजीवन बेपटरी कर दिया है। कोहरे के चलते सड़क यातायात बुरी तरह लड़खड़ा गया है। दो घंटे का सफर पूरा करने में ढाई से तीन गुना समय जाया करना पड़ रहा है। दृश्यता कम होने से सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
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सोमवार को दिनभर सूर्यदेव का दर्शन नहीं हुआ। दोपहर बाद तीन बजे के आसपास सूर्यदेव दिखे भी तो चंद मिनटों के लिए। इस दौरान शीतलहर से गलन ने कंपकंपी छुड़ा दी। विद्यालयों में 30 दिसंबर तक अवकाश घोषित होने के चलते मासूमों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई, लेकिन आम आदमी को ठंड ने रजाई में दुबके रहने पर मजबूर कर दिया।
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जरूरी काम के सिलसिले में घर से बाहर निकलने वालों के चेहरे ठंड हवाओं ने सुर्ख कर दिया। गर्म कपड़े के अंदर भी पूरे दिन गलन का आभास होता रहा। शाम पांच, छह बजे से ही कोहरे का प्रकोप शुरू होने के नाते सड़कों पर यातायात की संख्या घटने लगी।
शाम ढलते-ढलते कोहरे की मोटी चादर तन गई और सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। जगह-जगह लोग अलाव के सहारे बैठे दिखे। सुजानगंजः के भीरमपुर गांव निवासी अरविंद सिंह (45) की ठंड लगने से मौत हो गई। वह रविवार की रात किसी काम से बेलवार बाजार गए थे। वापस आते समय गोल्हनामऊ में साइकिल से गिर गए।
रात भर वहीं पड़े रहे। सुबह ग्रामीणों ने अस्पताल पहुंचाया तो चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों के मुताबिक ठंड लगने से मौत हुई है।
रामपुरः बसंता सरोज (40) निवासी आशापुर रात में मड़हे में सोए थे। अचानक पेट में दर्द हुआ। परिवार वाले इलाज के लिए इलाहाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए। उपचार के दौरान मौत हो गई। घर वालों के मुताबिक ठंड लगने से मौत हुई है।