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नहरों की सफाई हुई ही नहीं, खेतों में कैसे पहुंचे पानी

Sat, 19 Dec 2020 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Dec 2020 12:08 AM IST
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Canals were not cleaned, how did water reach the fields
बरसठी क्षेत्र के निगोहि में सूखी माइनर। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। नहरों के सफाई की मियाद बीत गई। कागज में तमाम नहरें साफ भी हो कर दी गई हैं लेकिन हकीकत इससे इतर है। झाड़-झंखाड़ और सिल्ट से पटी तमाम नहरों में टेल तक पानी तो दूर हेड के गांवों में भी सिंचाई नहीं हो पा रही है। गेहूं की बुवाई के बाद पहली सिंचाई के लिए किसानों को निजी सिंचाई संसाधनों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
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रबी की खेती की शुरुआत में ही सरकार ने गेहूं की पहली सिंचाई तक नहरों की सफाई का काम पूरा करने को कहा था। सफाई पूरी के लिए पहले चार दिसंबर तिथि तय की गई थी। तब तक सफाई नहीं हो पाई तो18 दिसंबर तक सफाई पूरी करके पानी छोड़ने को कहा गया। जिले की कुछ नहरों में शुक्रवार को पानी छोड़ दिया गया लेकिन ज्यादातर नहरों की ठीक से सफाई नहीं हो पाई है। कुछ जगहों पर सफाई की खानापूरी की गई है तो कुछ जगह अभी काम ही नहीं शुरू हुआ है। नहरों में अभी भी झाड़-झंखाड़ और सिल्ट साफ नजर आ रही है।
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बृहस्पतिवार को बक्शा क्षेत्र में नहरों की जांच के लिए गए एसडीएम सदर नितीश कुमार सिंह शारदा सहायक खंड-36 नहर की दशा देख हतप्रभ रह गए। हेड से कुछ दूर तक तो सफाई की गई थी, लेकिन इसके बाद पूरी नहर वैसे ही छोड़ दी गई थी। बरसठी क्षेत्र के महुवारी, बेलौनाकला, हीरामनपुर आदि गांवों से गुजरी शारदा सहायक खंड-39 की नहर की सफाई भी नहीं हुई है। सिल्ट से पटी नहर की पटरियों पर झाड़-झंखाड़ से पानी का टेल तक पहुंचना मुश्किल है। खुआवा, सोतीपुर, दताव, बेलौनाकला आदि गांवों के किसान पानी आने का इंतजार कर रहे हैं। केराकत के बंजारेपुर के पास नहर सूखी हुई है। इसकी हालत देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसकी सफाई अब नहीं हुई। कमोवेश यही हाल जिले की अन्य नहरों का भी है।
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1024 किमी लंबी है जिले में नहर
जिले में 1024 किमी लंबी कुल 347 नहरें हैं। इससे करीब 80 हजार हेक्टेयर खेतों की सिंचाई होती है। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में दो लाख 24 हजार हेक्टेयर खेत में गेहूं की बोवाई की गई है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में ही बुवाई का कार्य पूरा कर लिया गया था। बुवाई के 20-22 दिन बाद पहली सिंचाई जरूरी होती है। अब तक नहर में पानी न आने से किसानों की चिंता बनी हुई है।
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