शासन के निर्देश के बावजूद बृहस्पतिवार को जिले के अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताला लटका हुआ था, जबकि सरकार ने कोरोना संक्रमण के कम होने के बाद चालू माह में सप्ताह में दो दिन सोमवार और बृहस्पतिवार को आंगनबाड़ी केंद्र खोलने का निर्देश दिया है। लेकिन सरकार के इस फरमान के प्रति जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं। हालत यह है कि उनके पास आंगनबाड़ी केंद्रों के खुले रहने और बंद रहने तक का आंकड़ा नहीं है। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार इसको लेकर कितना गंभीर है।
कोरोना संक्रमण के कारण आंगनबाड़ी केंद्र बंद चल रहे थे, लेकिन इस संक्रमण के कम होने के बाद सरकार ने चालू माह में सप्ताह में दो दिन सोमवार व बृहस्पतिवार को खोलने का निर्देश दिया है। इस दौरान आंगनबाड़ी केंद्र खोलने की पड़ताल की गई तो अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। जिले में कुल 5321 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इस दौरान शहर में अहियापुर, बेगमगंज एक व दो, मियांपुर, रौजाअर्जन ,गुड्डी, पानदरीबा, नखास आदि केंद्र बंद मिले। लगभग यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों में भी रहा। केराकत के आंगनबाड़ी केंद्र सेनापुर बंद रहा। आंगनबाड़ी केंद्र दाऊदपुर खुला रहा। आंगनबाड़ी केंद्र कुसरना खुला रहा, लेकिन कोई मौजूद नहीं था। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी दीपक प्रताप चौबे का कहना है कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को शासन से आए निर्देश के अनुसार खोलने का निर्देश दिया है। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।