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आंखों को बीमार बना रही कंप्यूटर और मोबाइल की ब्लू लाइट--
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जौनपुर। अगर आप नियमित रूप से मोबाइल, कंप्यूटर पर काम कर रहे हैं और नियमित रूप से टीवी देख रहे हैं तो सावधान हो जाइए। कंप्यूटर और मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइटें आंख को बीमार बना रही हैं। आंखों का पानी सूख रहा है। आंखों में जलन और दर्द होने की शिकायत मिल रही है। कुछ लोगों को धुंधला और दो-दो इमेज दिखाई देने की शिकायत मिल रही है। केवल युवा ही नहीं आफिस में कंप्यूटर और लैपटाप पर काम करने वाले नौकरी पेशा लोग भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं।
ऑनलाइन क्लास के दौरान एंड्रायड मोबाइल का अधिक उपयोग करने वाले छात्रों में आंख की सममस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ बच्चों को तो कम उम्र में ही चश्मा लगवाना पड़ रहा है। चिकित्सक की माने तो आनलाइन क्लास करने वाले 30 से 40 प्रतिशत बच्चों और नौकरी पेशा लोगों में इस तरह की समस्याएं आ रही हैं। धुंधला दिखने की भी शिकायत रहती हैं। इसलिए 20-20 (ट्वेंटी-ट्वेंटी) के फार्मूले को हमेशा याद रखना चाहिए। हर 20 मिनट बाद आंखों को 20 सेकेंड का आराम दे देना चाहिए।
सामान्य अवस्था में हमारी पलकें एक मिनट में 12 से 18 बार झपकती हैं। जबकि कंप्यूटर पर काम करते समय महज 6 से 8 बार ही झपकती हैं। जिससे मांस पेशियों में तनाव बढ़ता है। जो आंख के लिए बीमारी का कारण बन रहा है। उनका कहना है कि अगर आप स्मार्टफोन या कंप्यूटर स्क्रीन पर लंबे समय तक ध्यान लगाकर काम करते हैं तो आंख के लिए घातक साबित हो सकता है। मोबाइल फोन और कंप्यूटर स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों को ही नहीं त्वचा को भी नुकशान पहुंचा रही है।
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आंखों की सुरक्षा के लिए बरतें यह सावधानी
- कंप्यूटर आंख से 10 से 15 डिग्री नीचे की तरफ होना चाहिए।
- नियमित रूप से पलकों का खोलते और बंद करते रहें।
- हर बीस मिनट बाद आंख को 20 सेंकेंड का आराम देें।
- ब्लूट लाइट फिल्टर ग्लास का उपयोग करना चाहिए।
- कंप्यूटर की रोशनी के हिसाब से ही प्रकाश की व्यवस्था करें।
- आस पास गमले में लगा पौधा या खुले बर्तन में पानी रखें।
- एसी में सोने के बजाय सामन्य तापमान में सोने को प्राथमिकता दें।
- आंख की सुरक्षा के लिए कोई आई ड्राप इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस समस्या से परेशान रहे दिलसादुपर निवासी कक्षा चौथी के छात्र राजवीर सिंह ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण कम उम्र में ही चश्मा लग गया है। आंख से पानी गिरता था। दर्द होने पर आंख लाल हो जाती थी और सिर में भी दर्द होने लगता था। जिसके चलते दो साल पहले ही चश्मा लग गया। चश्मा लगने के बाद कुछ आराम है। तो वहीं इसी समस्या से पीडि़त तारापुर निवासी कक्षा पांच में पढ़ने वाली अंशिका सिंह ने कहा कि पढ़ाई करते समय काफी दिक्कत होती थी। डॉक्टर को दिखाए तो जांच कराने के बाद चश्मा लगाने की सलाह दी। अब बिना चश्मा लगाए काफी दिक्कत होती है। खास कर कंप्यूटर या मोबाइल पर पढ़ाई करते समय आंख दर्द करती थी।
आंखों में इस तरह की समस्या को देखते हुए जिले के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. विरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल पर काम करने से आंखें लगातार खुली रहती हैं। जिससे कारण आंख के आंसू सूख जाते हैं। काम के दबाव में आंख की पलकों का गिरना कम हो जाता है जिसके चलते आंखों में तनाव होने के साथ दर्द भी होने लगता है। मांशपेशियों में तनाव के कारण आंखों के साथ सिर में भी दर्द होता है।
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ऑनलाइन क्लास के दौरान एंड्रायड मोबाइल का अधिक उपयोग करने वाले छात्रों में आंख की सममस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। कुछ बच्चों को तो कम उम्र में ही चश्मा लगवाना पड़ रहा है। चिकित्सक की माने तो आनलाइन क्लास करने वाले 30 से 40 प्रतिशत बच्चों और नौकरी पेशा लोगों में इस तरह की समस्याएं आ रही हैं। धुंधला दिखने की भी शिकायत रहती हैं। इसलिए 20-20 (ट्वेंटी-ट्वेंटी) के फार्मूले को हमेशा याद रखना चाहिए। हर 20 मिनट बाद आंखों को 20 सेकेंड का आराम दे देना चाहिए।
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सामान्य अवस्था में हमारी पलकें एक मिनट में 12 से 18 बार झपकती हैं। जबकि कंप्यूटर पर काम करते समय महज 6 से 8 बार ही झपकती हैं। जिससे मांस पेशियों में तनाव बढ़ता है। जो आंख के लिए बीमारी का कारण बन रहा है। उनका कहना है कि अगर आप स्मार्टफोन या कंप्यूटर स्क्रीन पर लंबे समय तक ध्यान लगाकर काम करते हैं तो आंख के लिए घातक साबित हो सकता है। मोबाइल फोन और कंप्यूटर स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट आंखों को ही नहीं त्वचा को भी नुकशान पहुंचा रही है।
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आंखों की सुरक्षा के लिए बरतें यह सावधानी
- कंप्यूटर आंख से 10 से 15 डिग्री नीचे की तरफ होना चाहिए।
- नियमित रूप से पलकों का खोलते और बंद करते रहें।
- हर बीस मिनट बाद आंख को 20 सेंकेंड का आराम देें।
- ब्लूट लाइट फिल्टर ग्लास का उपयोग करना चाहिए।
- कंप्यूटर की रोशनी के हिसाब से ही प्रकाश की व्यवस्था करें।
- आस पास गमले में लगा पौधा या खुले बर्तन में पानी रखें।
- एसी में सोने के बजाय सामन्य तापमान में सोने को प्राथमिकता दें।
- आंख की सुरक्षा के लिए कोई आई ड्राप इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस समस्या से परेशान रहे दिलसादुपर निवासी कक्षा चौथी के छात्र राजवीर सिंह ने कहा कि ऑनलाइन पढ़ाई के कारण कम उम्र में ही चश्मा लग गया है। आंख से पानी गिरता था। दर्द होने पर आंख लाल हो जाती थी और सिर में भी दर्द होने लगता था। जिसके चलते दो साल पहले ही चश्मा लग गया। चश्मा लगने के बाद कुछ आराम है। तो वहीं इसी समस्या से पीडि़त तारापुर निवासी कक्षा पांच में पढ़ने वाली अंशिका सिंह ने कहा कि पढ़ाई करते समय काफी दिक्कत होती थी। डॉक्टर को दिखाए तो जांच कराने के बाद चश्मा लगाने की सलाह दी। अब बिना चश्मा लगाए काफी दिक्कत होती है। खास कर कंप्यूटर या मोबाइल पर पढ़ाई करते समय आंख दर्द करती थी।
आंखों में इस तरह की समस्या को देखते हुए जिले के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ. विरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि कंप्यूटर, लैपटाप और मोबाइल पर काम करने से आंखें लगातार खुली रहती हैं। जिससे कारण आंख के आंसू सूख जाते हैं। काम के दबाव में आंख की पलकों का गिरना कम हो जाता है जिसके चलते आंखों में तनाव होने के साथ दर्द भी होने लगता है। मांशपेशियों में तनाव के कारण आंखों के साथ सिर में भी दर्द होता है।