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BJP leader Murder: दो दशक रहा प्रमोद यादव का राजनीतिक सफर, इस सीट से लड़े थे चुनाव; पिता की भी हुई थी हत्या

Fri, 08 Mar 2024 09:49 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 08 Mar 2024 09:49 AM IST
सार

जौनपुर में भाजपा के जिला महामंत्री की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दो बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। भागते समय गिर जाने पर एक बदमाश बाइक छोड़कर फरार हो गया।

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BJP leader Murder in Jaunpur Pramod Yadav political journey two decades has contested elections from Malhani
BJP leader Murder - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा नेता प्रमोद यादव का राजनीतिक जीवन दो दशक का रहा है। यह मल्हनी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं तो भाजपा के वर्तमान जिला महामंत्री थे। वह पूर्व में किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके हैं।
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प्रमोद यादव 2023 में पहली बार जौनपुर भाजपा के जिला महामंत्री मनोनीत किए गए। इसके पूर्व उन्हें वर्ष 2018 से 2023 तक भाजपा किसान मोर्चा का जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। प्रमोद यादव 2012 के विधानसभा चुनाव में बाहुबली धनंजय सिंह की दूसरी पत्नी डा. जागृति सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरे थे। 
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उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन तो किया था लेकिन सिंबल का मूल पत्र न लगाकर फोटो स्टेट लगाने से वह निर्दल प्रत्याशी के तौर पर मैदान में रह गए। 2012 के चुनाव में पहली बार मल्हनी विधानसभा बनी थी। इसमें सपा के पारसनाथ यादव ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी डा. जागृति सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी। 
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वह निर्दल चुनावी मैदान में थी। इस चुनाव में बसपा के टिकट पर डॉ. पणिनी सिंह भी चुनावी मैदान में थे। वर्तमान में प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति में थे। भाजपा नेता संदीप द्विवेदी ने बताया कि वह उनके साथ किसान मोर्चा में जिला महामंत्री थे। वह बहुत ही सज्जन व नेक इंसान थे। उनका किसी से कभी कोई विवाद ही नहीं होता था।
 

पिता की भी गोली मारकर हुई थी हत्या
प्रमोद यादव के पिता राजबली यादव की भी 1980 में गोली मारकर हत्या की गई थी। वे जनसंघ से जुड़े थे। शाम को हल्की बारिश में वे शहर से एक मित्र के साथ मूरकटवा महावीर मंदिर पर उतरे थे। वहां से बाइक छोड़ पैदल घर जा रहे थे। पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। 

राजबली एक बार जनसंघ के टिकट पर 1974 में रारी विधानसभा से चुनाव लड़े थे परंतु कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यनाथ उपाध्याय से हार का सामना करना पड़ा था। प्रमोद के पिता राजबली की दो पत्नियों में पहली से दो बेटे पूर्व प्रधान महेंद्र यादव जो ईंट भट्ठे चलाते हैं। छोटे प्रमोद यादव भाजपा की सक्रिय राजनीति में थे। इनकी माता का भी देहांत हो चुका है।

 

परिवार का इतिहास
परिवार का इतिहास जौनपुर। भाजपा नेता प्रमोद यादव की पत्नी कलावती देवी गृहिणी हैं। इनके दो पुत्र व एक पुत्री है। बड़ा बेटा सिद्धार्थ यादव जौनपुर के एक बैंक में काम करता है। दूसरा सिद्धांत यादव एक कालेज से एलएलबी कर रहा है। मझली संतान के रूप में पुत्री रूबी यादव बीएचयू से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है

घटना स्थल से लेकर रामघाट तक नेताओं का रहा जमावड़ा
भाजपा नेता प्रमोद यादव की अंतिम संस्कार यात्रा में रामघाट तक भाजपा नेताओं का जमावड़ा रहा। देर रात 8:50 छोटे बेटे सिद्धांत उर्फ चंदन ने मुखाग्नि दी। इसके पहले बड़े भाई जो मुंबई में रहते हैं उनका इंतजार किया जा रहा था। इस दौरान भाजपा नेता कृपाशंकर सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, सुशील मिश्रा, डॉ.रामसूरत मौर्या आदि रहे। इस दौरान पुलिस फोर्स के साथ सीओ सदर परमानंद कुमार व सीओ सिटी देवेश सिंह मौजूद रहे।

 

डीआईजी जोन डेढ़ घंटे तक रहे थाना पर
डीआईजी जोन ओमप्रकाश सिंह घटना के बाद बृहस्पतिवार की दोपहर तीन बजे थाने में पहुंचे। जहां उन्होंने पूरे घटनाक्रम की पड़ताल करते हुए खुलासे की प्रगति जानी। डेढ़ घंटे बाद वह पुन: रवाना हो गए।
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