जौनपुर: धनंजय सिंह के खिलाफ अपहरण और रंगदारी की बात से मुकरा वादी, मामले में गिरफ्तार भी हो चुके हैं पूर्व सांसद
पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके साथी पर अपहरण और रंगदारी आरोप लगाने वाला अदालत में मुकर गया। उसने बयान दिया कि न तो उसका अपहरण हुआ था और ना ही रंगदारी मांगी गई थी।
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अपर सत्र न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) की अदालत में नमामि गंगे के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल का अपहरण कराने, रंगदारी मांगने, षड्यंत्र तथा गालियां और धमकी देने के मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह व उनके सहयोगी संतोष विक्रम कोर्ट में शुक्रवार को हाजिर हुए। वादी अभिनव सिंघल ने अपना बयान अदालत में दिया।
सरकारी वकील अरुण ने बताया कि वादी अभिनव सिंघल अपहरण और रंगदारी की बात से मुकर गया और उसे पक्ष द्रोही घोषित किया गया। आरोपियों की ओर से जिरह करने वाले अधिवक्ता उमेश ने बताया कि वादी का कहना है कि वह स्वेच्छा से पूर्व सांसद धनंजय सिंह के घर गया था। उसका न तो अपहरण हुआ न रंगदारी मांगी गई और न ही धमकी दी गई। कोर्ट ने अगले गवाह सत्य प्रकाश को 21 अप्रैल को तलब किया है।
ये है पूरा मामला
मुजफ्फरनगर निवासी अभिनव सिंघल ने 10 मई 2020 को थाना लाइनबाजार में अपहरण रंगदारी व अन्य धाराओं में धनंजय सिंह व उनके साथी विक्रम पर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि संतोष विक्रम दो साथियों के साथ वादी का अपहरण कर पूर्व सांसद के आवास पर ले गए थे। वहां धनंजय सिंह पिस्टल लेकर आए और गालियां देते हुए वादी को कम गुणवत्ता वाली सामग्री की आपूर्ति करने के लिए दबाव बनाए। इंकार करने पर धमकी देते हुए रंगदारी मांगी।