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Jaunpur News: विकास की रैंकिंग में पिछड़ा जिला, 41वें से 67वें पायदान पर पहुंचा
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जौनपुर। जनपद एक बार फिर विकास की रैंकिंग में पिछड़ गया है। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर बीते अगस्त महीने में विकास के मामले में जनपद 67वें पायदान पर जा पहुंचा है जबकि जुलाई में रैंकिंग 41वीं थी।
प्रगति खराब होने के पीछे का कारण विभिन्न विभागों की तरफ से कराए जा रहे विकास के कार्यों की धीमी प्रगति बताई जा रही है। इससे पहले जनपद जून में 53वें, मई में 23वें, अप्रैल में 74वें, मार्च में 65वें, फरवरी में 69वें, जनवरी में 74वें पायदान पर रहा।
शासन स्तर से हर महीने जिलेवार विकास व राजस्व कार्यों की समीक्षा की जाती है। इसके आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है।
अगस्त की रैंकिंग के अनुसार वाराणसी मंडल के तीन जिलों में सबसे अच्छी रैंकिंग गाजीपुर की है। गाजीपुर 52वें, चंदौली 66वें, जौनपुर की 67वें पायदान पर है। हालांकि वाराणसी 9वें पायदान पर है। प्रदेश में महराजगंज व बरेली विकास के मामले में संयुक्त रूप से पहले पायदान पर है। सीएम डैशबोर्ड के अनुसार पूर्वांचल में बलिया की पहली, आजमगढ़ 6वीं, वाराणसी की 9वीं, सोनभद्र की 11वीं, मऊ 23वीं, भदोही की 35वीं, मिर्जापुर 38वीं, गाजीपुर 52वीं, चंदौली की 66वीं और जौनपुर की रैंकिंग 67वीं है।सीवर लाइन बिछाने की योजना में भी काम अभी बाकी :
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अमृत योजना के तहत नगर पालिका जौनपुर में सीवर लाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य अक्तूबर 2019 से चल रहा है। 264 करोड़ की इस परियोजना में 95 फीसदी कार्य पूरे होने का दावा किया जा रहा है। इसकी समय सीमा दिसंबर 2024 में ही पूरी हो चुकी है। समय सीमा बढ़ाने के संबंध में कोई पत्र भी नगर पालिका को नहीं प्राप्त हुआ है। ऐसे में लोग टूटी सड़कों व गड्ढों पर आवागमन के लिए मजबूर हैं।
चार साल से चल रहा रामपुर से पॉलिटेक्निक तक फोरलेन निर्माण : रामपुर से पॉलिटेक्निक तक फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत सराय कालीदास से सोइथा व रसैना तक सड़क नहीं बनी है। ऊंचनी में भी काम अधूरा है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। एनएचएआई वर्ष 2021 से जिले में 30 किमी का यह कार्य करा रही है। जिसे आज तक पूरा नहीं किया जा सका है।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा नहीं :
14 सितंबर 2014 से निर्माणाधीन उमानाथ सिंह स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के कार्य आज तक पूरे नहीं किए जा सके हैं। इसकी समय सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है। इसके बाद भी अभी तक कार्य पूरे नहीं हुए हैं। 579 करोड़ की इर परियोजना के तहत 75 फीसदी ही काम पूरे हो पाए हैं। अभी भी आईपीडी में फाल सीलिंग, एसी, हास्टल नहीं बना है। अभी तक लैब भी तैयार नहीं है। सीवर लाइन का काम भी अधूरा है। जून 2026 तक काम पूरा करने के लिए समय दिया गया है।
जल जीवन मिशन का काम भी अधूरा : जल जीवन मिशन के तहत जिले में वर्ष 2021 में तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से 3205 गांवों में पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति करने की योजना पर काम शुरू किया गया। इसके तहत कुल 1123 प्रस्तावों पर काम किए जाने थे। इनमें से 271 पूरे हो गए हैं। यह पूरी परियोजना 4187 करोड़ की है। परियोजना क तहत अभी 70 फीसदी ही काम पूरे हो सके हैं।
सीडीओ ध्रुव खाड़िया का कहना है कि कुछ विभागों की लापरवाही के कारण सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग आई है। पिछले महीने में प्रदर्शन में सुधार था। अगस्त में 67वीं रैंक मिली है। इसको सुधारने के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई है। कभी-कभी फीडिंग ठीक ढंग से न होने से यह समस्या आ जाती है।
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प्रगति खराब होने के पीछे का कारण विभिन्न विभागों की तरफ से कराए जा रहे विकास के कार्यों की धीमी प्रगति बताई जा रही है। इससे पहले जनपद जून में 53वें, मई में 23वें, अप्रैल में 74वें, मार्च में 65वें, फरवरी में 69वें, जनवरी में 74वें पायदान पर रहा।
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शासन स्तर से हर महीने जिलेवार विकास व राजस्व कार्यों की समीक्षा की जाती है। इसके आधार पर रैंकिंग जारी की जाती है।
अगस्त की रैंकिंग के अनुसार वाराणसी मंडल के तीन जिलों में सबसे अच्छी रैंकिंग गाजीपुर की है। गाजीपुर 52वें, चंदौली 66वें, जौनपुर की 67वें पायदान पर है। हालांकि वाराणसी 9वें पायदान पर है। प्रदेश में महराजगंज व बरेली विकास के मामले में संयुक्त रूप से पहले पायदान पर है। सीएम डैशबोर्ड के अनुसार पूर्वांचल में बलिया की पहली, आजमगढ़ 6वीं, वाराणसी की 9वीं, सोनभद्र की 11वीं, मऊ 23वीं, भदोही की 35वीं, मिर्जापुर 38वीं, गाजीपुर 52वीं, चंदौली की 66वीं और जौनपुर की रैंकिंग 67वीं है।सीवर लाइन बिछाने की योजना में भी काम अभी बाकी :
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अमृत योजना के तहत नगर पालिका जौनपुर में सीवर लाइन बिछाने का कार्य कराया जा रहा है। यह कार्य अक्तूबर 2019 से चल रहा है। 264 करोड़ की इस परियोजना में 95 फीसदी कार्य पूरे होने का दावा किया जा रहा है। इसकी समय सीमा दिसंबर 2024 में ही पूरी हो चुकी है। समय सीमा बढ़ाने के संबंध में कोई पत्र भी नगर पालिका को नहीं प्राप्त हुआ है। ऐसे में लोग टूटी सड़कों व गड्ढों पर आवागमन के लिए मजबूर हैं।
चार साल से चल रहा रामपुर से पॉलिटेक्निक तक फोरलेन निर्माण : रामपुर से पॉलिटेक्निक तक फोरलेन का निर्माण कराया जा रहा है। इसके तहत सराय कालीदास से सोइथा व रसैना तक सड़क नहीं बनी है। ऊंचनी में भी काम अधूरा है। इससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। एनएचएआई वर्ष 2021 से जिले में 30 किमी का यह कार्य करा रही है। जिसे आज तक पूरा नहीं किया जा सका है।
मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा नहीं :
14 सितंबर 2014 से निर्माणाधीन उमानाथ सिंह स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय के कार्य आज तक पूरे नहीं किए जा सके हैं। इसकी समय सीमा कई बार बढ़ाई जा चुकी है। इसके बाद भी अभी तक कार्य पूरे नहीं हुए हैं। 579 करोड़ की इर परियोजना के तहत 75 फीसदी ही काम पूरे हो पाए हैं। अभी भी आईपीडी में फाल सीलिंग, एसी, हास्टल नहीं बना है। अभी तक लैब भी तैयार नहीं है। सीवर लाइन का काम भी अधूरा है। जून 2026 तक काम पूरा करने के लिए समय दिया गया है।
जल जीवन मिशन का काम भी अधूरा : जल जीवन मिशन के तहत जिले में वर्ष 2021 में तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से 3205 गांवों में पाइप लाइन बिछाकर जलापूर्ति करने की योजना पर काम शुरू किया गया। इसके तहत कुल 1123 प्रस्तावों पर काम किए जाने थे। इनमें से 271 पूरे हो गए हैं। यह पूरी परियोजना 4187 करोड़ की है। परियोजना क तहत अभी 70 फीसदी ही काम पूरे हो सके हैं।
सीडीओ ध्रुव खाड़िया का कहना है कि कुछ विभागों की लापरवाही के कारण सीएम डैशबोर्ड पर खराब रैंकिंग आई है। पिछले महीने में प्रदर्शन में सुधार था। अगस्त में 67वीं रैंक मिली है। इसको सुधारने के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई है। कभी-कभी फीडिंग ठीक ढंग से न होने से यह समस्या आ जाती है।