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औषधिविहीन समाज की स्थापना आज की जरूरत

Sat, 07 Feb 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर Updated Sat, 07 Feb 2015 12:52 AM IST
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Awsdivihin society today needs to establish
कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि आज हमें स्वास्थ्य के प्रति सजगता बरतने की जरूरत है। जागरूक होकर अपनी समस्याओं का समाधान करना होगा। युवा पीढ़ी तमाम तरह के संघर्षों में अपना जीवन जी रही है। घंटों बैठकर, दौड़कर घूम कर काम करने से तमाम तरह के शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ता है। दौड़ भाग की जिंदगी में एक्यूप्रेशर चिकित्सा विधि काफी लाभ पहुंचा सकती है।
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इससे हमारी शिथिल होती तंत्र प्रणाली में कुछ मिनटों में ही चैतन्यता आ जाती है। वह शुक्रवार को वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में दो दिवसीय एक्यूप्रेशर जागरूकता एवं उपचार शिविर के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। 
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  मुख्य वक्ता एक्यूप्रेशर शोध, प्रशिक्षण एवं उपचार संस्थान इलाहाबाद के डा. श्यामसुंदर ने कहा कि औषधिविहीन स्वस्थ समाज की स्थापना आज की जरूरत है। एक्यूप्रेशर के माध्यम से पीड़ित और कराहती मानवता की सेवा कर बहुत से लोग अपना जीवन सार्थक कर रहे हैं।
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कहा कि एक्यूप्रेशर का वर्णन वेदों में भी मिलता है। पुरातन चिकित्सा पद्धति है, जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपने अंगों को दर्द होने पर अपने दूसरे अंग से उसे दबाकर अपना खुद इलाज करता आया है। हजारों वर्षों से महिलाएं कान में आभूषण पहनती हैं। छोटे बच्चों की कलाई और कमर में काला धागा बांधने की परंपरा चली आ रही है। इनके पीछे वैज्ञानिक कारण है, जो एक्यूप्रेशर विधि से जुड़ा हुआ है।

डा. श्याम सुंदर ने कई रोगों के इलाज के लिए एक्यूप्रेशर के छोटे-छोटे तरीकों को बताया। एक्यूप्रेशर शोध प्रषिक्षण एवं उपचार संस्थान के महासचिव बीपी शुक्ला ने कहा कि देश के कई विश्वविद्यालयों में इसे पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है।


एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ अर्चना त्रिवेदी ने लोगों का परीक्षण कर उनका इलाज किया। इस अवसर पर प्रो. डीडी दूबे, कुलसचिव डा. बीके पांडेय, एफओ अमर चंद्र, प्रो. एमपी सिंह, प्रो. वीके सिंह, डा. एके श्रीवास्तव, डा. अजय प्रताप सिंह, डा. मानस पांडेय, डा. एचसी पुरोहित, डा. अविनाश पाथर्डिकर आदि मौजूद रहे। संचालन डा. बीडी शर्मा ने किया।
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