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बदइंतजामी के चलते मर रहे पशु, हैरान करने वाली तस्वीर वायरल

Mon, 15 Nov 2021 11:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 11:33 PM IST
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Animals dying due to mismanagement, bodies being thrown in the pit
मछलीशहर क्षेत्र के सराययुसुफ़ गोशाला में क्षमता से अधिक रखे गए पशु। संवाद - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। सोशल मीडिया पर हैरान करने वाली तस्वीर वायरल हो रही है, जो मछलीशहर नगर के बरईपार मार्ग के सराययुसुफ में स्थित गौशाला की बताई जा रही है। हालांकि अधिकारी इसपर पर्दा डालने में लगे हैं। लेकिन, इस गांव के लोगों का कहना है यहां बदइंतजामी के चलते ठंड और भूख से पशुओं की मौत लगातार हो रही हैं। यहां स्थिति यह है कि जिम्मेदार पशुओं के शव को दफनाने के बजाय गड्ढे में फेंक रहे हैं। जहां पक्षी और जानवर मृत पशुओं को नोंचकर खा रहे थे।
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जनपद में 90 पशुशाला बनाए गए हैं। यहां साढ़े छह हजार अधिक पशु रखे गए हैं। एक पशु के पीछे 30 रुपये खर्च किया जाता है। इसमें भूसा से लेकर दाना (चोकर) आदि शामिल किया है। वहीं, ठंड से पशुओं को बचाने के लिए तिरपाल और बोरे का प्रबंध करने को कहा गया है। लेकिन, ऐसा प्रबंध कहीं देखने को नहीं मिलता है। इसी बीच सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर ने पूरी व्यवस्था को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। सराययुसूफ गांव में बने गोशाला की इस तस्वीर की पड़ताल करने पर पता लगा कि यहां 100 पशुओं को रखने की क्षमता है। लेकिन, वर्तमान में दोगुने पशु रखे गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विगत महीने से ही पशुओं को दाना बिल्कुल नहीं दिया जाता है, केवल भूसा दे रहे हैं। अब जब संख्या दोगुनी हो गई हैं तो सभी पशुओं को खाने के लिए समुचित रूप से भूसा भी नहीं मिल रहा है। इसके कारण जानवर भूखे ही रहने को मजबूर हैं। कार्य करने वाले गो पालक बताते है कि पूर्व में गई सूचना के अनुसार ही चारा उपलब्ध कराया जा रहा है जबकि संख्या दोगुनी हो गई है। उपलब्ध भोजन से काम चलाया जा रहे हैं। इधर ठंड में भी इजाफा हुआ है, जिसके चलते मृत्यु दर में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, बाबा रमेश , पिंटू , शिवशंकर यादव आदि लोगों का आरोप है कि मरे हुए पशुओं को नियमानुसार गड्ढे में दफन किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं करके पशुओं को गोशाला से थोड़ी देर गड्ढे में फेंक दिया जाता है। खुले में पड़े शव का मांस जानवर और पक्षी नोंचकर खाते हैं। एक दिन पहले तक इस पशुशाला के समीप बने गड्ढे में कई पशुओं के पड़े दिखाई दिए। जिसके गंभीरता से लेते हुए संतोष यादव और अनमोल आदि ने प्रशासनिक अधिकारियों को मामले से रविवार की रात को अवगत करवाया तो आधी रात में फेंके गए शव पर जेसीबी से मिट्टी डाली गई। दोनों युवकों का कहना है कि इनदिनों प्रतिदिन 4 से 6 जानवर मर रहे हैं। गौशाला की देखरेख के लिए नियुक्त जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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वहीं, इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अस्मिता सेन का कहना है कि जानकारी होने पर मृत पशुओं को मिट्टी से ढकवा दिया गया। पशुओं की बढ़ी संख्या की जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। बजट बढ़ाने के लिए कोशिश जारी है। पशुओं को चारा इंतजाम करके दिया जा रहा है, कोई पशु भूखा नहीं है। हालांकि दो पशुशाला और बनाया जा रहा है। उनके बनने पर यहां से पशुओं को हटा दिया जाएगा। वहीं, प्रभारी सीवीओ डा. राजेश कुमार ने बताया कि सभी पशु शालाओं पर तिरपाल लगाने और पशुओं को ठंड से बचाने के लिए बोरे की व्यवस्था करने को कहा गया है। कहीं-कहीं यह व्यवस्था हो गई है तो कहीं-कहीं की जा रही है। जिले में कहीं भी पशुओं की मौत ठंड या भूख से नहीं हुई है। सराययूसुफ में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
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