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Jaunpur News: श्रद्धा के साथ पितरों को दी विदाई, घाटों पर उमड़ी भीड़
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पितृपक्ष पर पूजन करते लोग। संवाद
जौनपुर। सर्व पितृ अमावस्या पर शनिवार को जिलेभर में श्रद्धा के साथ पितरों का विसर्जन किया गया। गोमती नदी के हनुमान घाट, बजरंग घाट, बलुआघाट और सूरज घाट सहित विभिन्न जलाशयों पर सुबह से तर्पण के लिए लोगों की भीड़ जुटी। आचार्यों के निर्देशन में हवन-पूजन, तर्पण और पिंडदान कर पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना की गई।
श्रद्धालुओं ने तिल, चावल, पुष्प और कुश से तर्पण कर जाने-अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगी। ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान-पुण्य के साथ गाय, कुत्ते व कौए को ग्रास दिया गया। बदलापुर, मड़ियाहूं, शाहगंज, केराकत और मछलीशहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक अनुष्ठान हुए।
सिंगरामऊ: पितृपक्ष के 15 दिनों तक श्राद्ध और तर्पण के बाद सर्व पितृ अमावस्या पर लोगों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक विदाई दी। जिन लोगों को पितरों की मृत्यु तिथि की जानकारी नहीं थी, उन्होंने भी इस अवसर पर तर्पण और पिंडदान किया। तुलापुर निवासी वायुसेना से सेवानिवृत्त राजेश्वर प्रसाद मिश्र समेत शिवपूजन मिश्र, डबलू मिश्र, सनी मिश्र, मुन्ना मिश्र और जमऊपट्टी निवासी शिवनारायण मिश्र सहित अन्य लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान कर पितरों के मोक्ष की कामना की। इसी के साथ पितृपक्ष का समापन हो गया।
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कायस्थ महापरिषद ने बांटे भोजन के पैकेट
जौनपुर। राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद की ओर से शनिवार को पितरों की स्मृति में अन्नदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जरूरतमंदों को भोजन पैकेट वितरित किए गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजय अंबष्ट ने कहा कि अन्नदान महादान है। भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देना सबसे पुनीत कार्यों में से एक है। ऐसे आयोजन समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। श्री चित्रगुप्त भगवान पूजन महासमिति के संयोजक सरस चंद श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त की प्रेरणा से सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान देना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि 11 नवंबर को भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के जिलाध्यक्ष डॉ. उमाकांत श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद के जिलाध्यक्ष गिरिजेश कुमार श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव बच्चा भैया, विश्वप्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. सलिल श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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श्रद्धालुओं ने तिल, चावल, पुष्प और कुश से तर्पण कर जाने-अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगी। ब्राह्मणों को भोजन कराने और दान-पुण्य के साथ गाय, कुत्ते व कौए को ग्रास दिया गया। बदलापुर, मड़ियाहूं, शाहगंज, केराकत और मछलीशहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी धार्मिक अनुष्ठान हुए।
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सिंगरामऊ: पितृपक्ष के 15 दिनों तक श्राद्ध और तर्पण के बाद सर्व पितृ अमावस्या पर लोगों ने अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक विदाई दी। जिन लोगों को पितरों की मृत्यु तिथि की जानकारी नहीं थी, उन्होंने भी इस अवसर पर तर्पण और पिंडदान किया। तुलापुर निवासी वायुसेना से सेवानिवृत्त राजेश्वर प्रसाद मिश्र समेत शिवपूजन मिश्र, डबलू मिश्र, सनी मिश्र, मुन्ना मिश्र और जमऊपट्टी निवासी शिवनारायण मिश्र सहित अन्य लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान कर पितरों के मोक्ष की कामना की। इसी के साथ पितृपक्ष का समापन हो गया।
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कायस्थ महापरिषद ने बांटे भोजन के पैकेट
जौनपुर। राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद की ओर से शनिवार को पितरों की स्मृति में अन्नदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जरूरतमंदों को भोजन पैकेट वितरित किए गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजय अंबष्ट ने कहा कि अन्नदान महादान है। भूखे को भोजन और प्यासे को पानी देना सबसे पुनीत कार्यों में से एक है। ऐसे आयोजन समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। श्री चित्रगुप्त भगवान पूजन महासमिति के संयोजक सरस चंद श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त की प्रेरणा से सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान देना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि 11 नवंबर को भगवान चित्रगुप्त की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। ग्लोबल कायस्थ कॉन्फ्रेंस के जिलाध्यक्ष डॉ. उमाकांत श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कायस्थ महापरिषद के जिलाध्यक्ष गिरिजेश कुमार श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव बच्चा भैया, विश्वप्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. सलिल श्रीवास्तव उपस्थित रहे।