{"_id":"62128ca3091c9b7f3c2fa9f1","slug":"admission-of-financially-weak-students-trapped-in-former-university-jaunpur-news-vns639609868","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूविवि में फंसा आर्थिक रुप से कमजोर विद्यार्थियों का दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूविवि में फंसा आर्थिक रुप से कमजोर विद्यार्थियों का दाखिला
विज्ञापन
करंजाकला। पूर्वांचल विश्वविद्यालय प्रशासन की अनदेखी के चलते आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का दाखिला नहीं हो पा रहा है। कुलसचिव के आदेश के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर 10 प्रतिशत बच्चों का दाखिला नहीं लिया जा रहा है। विश्वविद्यालय की लापरवाही के चलते छात्र दाखिला को लेकर परेशान हैं। कुछ कालेजों ने तो दाखिला भी ले लिया है लेकिन कुछ कालेजों की लापरवाही के कारण सीटें नहीं भरी जा सकी हैं।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय कुलसचिव महेंद्र कुमार ने आठ फरवरी को विश्वविद्यालय से संबद्ध समस्त प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष को सूचित करते हुए एक पत्र जारी किया था कि प्रवेश समिति की बैठक 23 सितंबर 2021 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त 10 फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर समिति द्वारा लिया गया था। अतिरिक्त 10 फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी शासनादेश 31 अगस्त को 2020 को यथावत लागू किए जाने की स्वीकृत प्रदान की गई। जिन पाठ्यक्रमों में अन्य नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्रदान की जाती है। उनमें नियामक संस्थाओं द्वारा उक्त की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही स्वीकृत सीटों के सापेक्ष में 10 फीसदी अतिरिक्त सीटें प्रवेश के लिए अनुमन्य होगी। कुलसचिव ने इस आदेश को समाचार पत्रों के साथ-साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं सूचना पट पर चस्पा करने का आदेश दिया था लेकिन कुलसचिव के आदेश को विश्वविद्यालय के जिम्मेदार लोगों द्वारा अमल में नहीं लाया गया। इसके चलते, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है क्योंकि अतिरिक्त सीटों के लिए वेबसाइट नहीं खुलने से महाविद्यालय संचालकों ने (ईडब्ल्यूएस) की सीटों पर प्रवेश से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय की इस लापरवाही से अभ्यर्थी परेशान हैं।
विज्ञापन
पूर्वांचल विश्वविद्यालय कुलसचिव महेंद्र कुमार ने आठ फरवरी को विश्वविद्यालय से संबद्ध समस्त प्राचार्य एवं विभागाध्यक्ष को सूचित करते हुए एक पत्र जारी किया था कि प्रवेश समिति की बैठक 23 सितंबर 2021 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रमों में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त 10 फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी प्रस्ताव पर समिति द्वारा लिया गया था। अतिरिक्त 10 फीसदी सीटों पर प्रवेश के लिए आरक्षण प्रदान किए जाने संबंधी शासनादेश 31 अगस्त को 2020 को यथावत लागू किए जाने की स्वीकृत प्रदान की गई। जिन पाठ्यक्रमों में अन्य नियामक संस्थाओं द्वारा मान्यता प्रदान की जाती है। उनमें नियामक संस्थाओं द्वारा उक्त की अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही स्वीकृत सीटों के सापेक्ष में 10 फीसदी अतिरिक्त सीटें प्रवेश के लिए अनुमन्य होगी। कुलसचिव ने इस आदेश को समाचार पत्रों के साथ-साथ विश्वविद्यालय की वेबसाइट एवं सूचना पट पर चस्पा करने का आदेश दिया था लेकिन कुलसचिव के आदेश को विश्वविद्यालय के जिम्मेदार लोगों द्वारा अमल में नहीं लाया गया। इसके चलते, आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का प्रवेश नहीं हो पा रहा है क्योंकि अतिरिक्त सीटों के लिए वेबसाइट नहीं खुलने से महाविद्यालय संचालकों ने (ईडब्ल्यूएस) की सीटों पर प्रवेश से इनकार कर दिया है। विश्वविद्यालय की इस लापरवाही से अभ्यर्थी परेशान हैं।
विज्ञापन