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सहायक कुलसचिव के साथ चार सदस्यीय समिति करेगी मामले की जांच
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जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में मूल्यांकन केंद्र में पकड़े गए फर्जी परीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस फरार चल रहे नौ अन्य फर्जी परीक्षकों तक नहीं पहुंच सकी है।
मामले की जांच के लिए कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य सहायक कुलसचिव अमृतलाल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। जांच जांच समिति में प्रो. रवि प्रकाश, डा. आरके गुप्त, डा. गिरधर मिश्र और सहायक कुलसचिव अमृतलाल शामिल किए गए हैं। फर्जी परीक्षक पकड़ने जाने के बाद मंगलवार को मूल्यांकन में लगे सभी परीक्षकों को के स्वीकृति पत्र का फिर से सत्यापन करने के बाद उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं का आवंटन किया गया।
कड़ाई से जांच हो तो नपेगी कइयों की गर्दन
जौनपुर। पूविवि में फर्जी तरीके उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के मामले की कड़ाई से जांच कराई जाए तो कई लोगों को गर्दन नप सकती है। विवि में काफी समय से अपने चहेतों से कापियां जंचवाने का सिलसिला चल रहा है। उत्तर पुस्तिकाएं रहते हुए परीक्षकों को कह दिया जाता है कि कापियां खत्म हो गई हैं। परीक्षकों के जाने के बाद फिर से मूल्यांकन चोरीछिपे कराया जाता है। कहीं फर्जी परीक्षक भी उसी कड़ी का हिस्सा तो नहीं हैं। विवि प्रशासन सिर्फ उन्हीं परीक्षकों के पेपर की जांच कर कोरम पूरा कर रही है जो हकीकत में परीक्षक हैं।
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एक-दूसरे को बचा रहे अधिकारी और कर्मचारी
जौनपुर। विवि में चल रहे फर्जी मूल्यांकन से सभी परिचित हैं लेकिन सब कुछ जानते हुए भी अधिकारी और कर्मचारी एक दूसरे को बचाने में लगे हैं। विवि के सूत्रों की माने तो फर्जी परीक्षकों से ही आधे दाम पर कापियों का मूल्यांकन कराकर बंदरबांट किया जाता है। इसके चलते कोई मुंह नहीं खोलता है। सही लोग चुप्पी साधे रहते हैं। हालत यह है कि कोरम पूरा करने के नाम पर विवि के अदना से कर्मचारी परीक्षकों के पेपर की जांच कर रहा है।
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मामले की जांच के लिए कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य सहायक कुलसचिव अमृतलाल के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। जांच जांच समिति में प्रो. रवि प्रकाश, डा. आरके गुप्त, डा. गिरधर मिश्र और सहायक कुलसचिव अमृतलाल शामिल किए गए हैं। फर्जी परीक्षक पकड़ने जाने के बाद मंगलवार को मूल्यांकन में लगे सभी परीक्षकों को के स्वीकृति पत्र का फिर से सत्यापन करने के बाद उन्हें उत्तर पुस्तिकाओं का आवंटन किया गया।
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कड़ाई से जांच हो तो नपेगी कइयों की गर्दन
जौनपुर। पूविवि में फर्जी तरीके उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के मामले की कड़ाई से जांच कराई जाए तो कई लोगों को गर्दन नप सकती है। विवि में काफी समय से अपने चहेतों से कापियां जंचवाने का सिलसिला चल रहा है। उत्तर पुस्तिकाएं रहते हुए परीक्षकों को कह दिया जाता है कि कापियां खत्म हो गई हैं। परीक्षकों के जाने के बाद फिर से मूल्यांकन चोरीछिपे कराया जाता है। कहीं फर्जी परीक्षक भी उसी कड़ी का हिस्सा तो नहीं हैं। विवि प्रशासन सिर्फ उन्हीं परीक्षकों के पेपर की जांच कर कोरम पूरा कर रही है जो हकीकत में परीक्षक हैं।
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एक-दूसरे को बचा रहे अधिकारी और कर्मचारी
जौनपुर। विवि में चल रहे फर्जी मूल्यांकन से सभी परिचित हैं लेकिन सब कुछ जानते हुए भी अधिकारी और कर्मचारी एक दूसरे को बचाने में लगे हैं। विवि के सूत्रों की माने तो फर्जी परीक्षकों से ही आधे दाम पर कापियों का मूल्यांकन कराकर बंदरबांट किया जाता है। इसके चलते कोई मुंह नहीं खोलता है। सही लोग चुप्पी साधे रहते हैं। हालत यह है कि कोरम पूरा करने के नाम पर विवि के अदना से कर्मचारी परीक्षकों के पेपर की जांच कर रहा है।