ज्योतिषी हत्याकांड : मास्टरमाइंड की तलाश

Jaunpur Updated Fri, 23 Nov 2012 12:00 PM IST
सुइथाकला। पुलिस भले ही कारण न बताए लेकिन घटना में वर्चस्व की जंग ही सामने आ रही है। प्रतापगढ़ में पीडब्ल्यूडी का टेंडर और गांव के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का टेंडर ही मूल में रहा। दोनों टेंडर ज्योतिषी रमेश तिवारी उर्फ गुरुजी के भाई राजेश तिवारी ने हथिया लिए थे। गांव के टेंडर को लेकर तो काफी पंचायत हुई। एक बार टेंडर निरस्त हो गया। दोबारा हुआ तो राजेश को मिल गया। टेंडर के पहले स्कूल के स्थान को लेकर भी विवाद था। दूसरा खेमा चाहता था कि स्कूल ब्लाक मुख्यालय पर बने तो तिवारी खेमा गांव में बनवाकर प्रधानी की क्रेडिट लेना चाहता था। बाकी पुलिस के साजिशकर्ताओं की सूची में शामिल लोगों की कोई दूसरी रंजिश सामने नहीं आ रही। पुलिस जब भी शूटरों की गिरफ्तारी करेगी तब यह बातें खुद ही साफ हो जाएंगी।
पुलिस ने जनदबाव और सरकारी दबाव के चलते आधी अधूरी कहानी समझा दी लेकिन मूल वजह अभी तक नहीं बताई। पुलिस अफसरों का दावा है कि शूटरों को पचास हजार की पेशगी दी गई। यहीं सवाल उठ रहे हैं कि पचास हजार में इतना हाईप्रोफाइल मर्डर कैसे हो सकता है। दूसरा नई बाइक का इस्तेमाल हुआ। पुलिस ने यह नहीं बताया कि बाइक कहां से खरीदी गई और किसके नाम पर खरीदी गई। मोटरसाइकिल एजेंसी बगैर नाम पते के सेल लेटर जारी नहीं कर सकती। यह भी संभव है कि बाइक खरीद का अभी पता ही नहीं चल पाया हो। षणयंत्रकारियों की सूची में शामिल आठ लोगों में से एक को छोड़ किसी का आपराधिक इतिहास नहीं है। अखंड नगर थाने के भीटी अमारी के पूर्व प्रधान विजय बहादुर सिंह अपने गांव के विनय विक्रम सिंह की हत्या की साजिश में जरूर शामिल रहे। जब यह पता चल गया कि शूटर वीरेंद्र सिंह के घर ठहरे थे तो वीरेंद्र सिंह को यह भी पता होगा कि वह लोग कौन थे और कहां से आए थे। विजय बहादुर सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन उनसे यह नहीं पता चला कि शूटर को कितने पैसों में लाया गया था। साजिशकर्ताओं में शामिल बचई उर्फ लालशंकर उपाध्याय गरीब परिवार से है। खेती भी इतनी अच्छी नहीं कि आजीविका चल सके। बाकी सभी आरोपियों की स्थिति बेहतर है। संभावना यह भी है कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और प्रतापगढ़ के टेंडर में हुए विवाद को घटना का मूल घोषित किया जाएगा। एक बड़े चेहरे को भी घटना की साजिश में शामिल किया जा सकता है। एसटीएफ फिलहाल शांत नहीं बैठी है। खुलासा इसलिए कर दिया गया कि जनदबाव थोड़ा कमजोर पड़े तो जांच पड़ताल में मदद मिले।

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