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नदी में बहते आठ किमी दूर पहुंची महिला
Jaunpur
Updated Wed, 27 Aug 2014 05:30 AM IST
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जफराबाद। कहते हैं ऊपर वाला बड़ा कारसाज है। बिना उसकी इजाजत के पत्ता भी नहीं हिलता। मंगलवार की सुबह गोमती नदी में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। शहर के सद्भावना पुल के पास गोमती में गिरी एक महिला डूबते-बहते लगभग आठ किलोमीटर दूर जफराबाद पहुंच गई। वहां नाविकों ने उसे बाहर निकाला तो वह जिंदा थी। घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी है।
जड़ावती देवी (50) शहर में बलुआ घाट के आसपास भीख मांगकर अपना पेट पालती है। मंगलवार को वह सद्भावना पुल के समीप गोमती नदी के केरारवीर घाट की तरफ गई थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल जाने से वह नदी में गिर गई। इसके बाद डूबते-बहते वह जफराबाद क्षेत्र के सीढ़ी घाट तक पहुंच गई। सीढ़ी घाट पर जफराबाद के क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी अभयराज नदी में नाव से मछली पकड़ रहा था। उसकी नजर जड़ावती पर पड़ी तो उसने कूदकर उसे बाहर निकाला। हैरत की बात यह है कि नदी में डूबकर इतनी लंबी दूरी तय करने के बाद भी उसकी नब्ज चल रही थी। यह देख ग्रामीण फौरी तौर पर उसका प्राथमिक उपचार कर होश में ले आए। इसके बाद महिला ने सारी कहानी बताई। कुदरत का करिश्मा सामने देखकर लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। महिला ने खुद को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
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जड़ावती देवी (50) शहर में बलुआ घाट के आसपास भीख मांगकर अपना पेट पालती है। मंगलवार को वह सद्भावना पुल के समीप गोमती नदी के केरारवीर घाट की तरफ गई थी। इसी दौरान उसका पैर फिसल जाने से वह नदी में गिर गई। इसके बाद डूबते-बहते वह जफराबाद क्षेत्र के सीढ़ी घाट तक पहुंच गई। सीढ़ी घाट पर जफराबाद के क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी अभयराज नदी में नाव से मछली पकड़ रहा था। उसकी नजर जड़ावती पर पड़ी तो उसने कूदकर उसे बाहर निकाला। हैरत की बात यह है कि नदी में डूबकर इतनी लंबी दूरी तय करने के बाद भी उसकी नब्ज चल रही थी। यह देख ग्रामीण फौरी तौर पर उसका प्राथमिक उपचार कर होश में ले आए। इसके बाद महिला ने सारी कहानी बताई। कुदरत का करिश्मा सामने देखकर लोगों ने दांतों तले अंगुली दबा ली। महिला ने खुद को पूरी तरह स्वस्थ बताया।
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